अल्फा ब्लॉकर (Alpha blockers): ये क्या करती हैं, दवाएँ
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अल्फा ब्लॉकर डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवाएं हैं, जो प्रोस्टेट और मूत्राशय (ब्लैडर) के मुंह की मांसपेशी को ढीला करती हैं। इनका इस्तेमाल बढ़े हुए प्रोस्टेट वाले पुरुषों में पेशाब का बहाव आसान करने के लिए होता है। टैमसुलोसिन इसका एक उदाहरण है। इनसे खड़े होने पर चक्कर आ सकते हैं, इसलिए इन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही शुरू और बंद करना चाहिए।
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अल्फा ब्लॉकर कैसे काम करती हैं?
ये प्रोस्टेट और मूत्राशय (ब्लैडर) के निकास की चिकनी (स्मूद) मांसपेशी पर मौजूद अल्फा-1 रिसेप्टर को रोकते हैं। मांसपेशी ढीली हो जाती है, इसलिए पेशाब ज़्यादा आसानी से निकल सकता है।
इस प्रकार के सक्रिय घटक
ये सक्रिय घटक अल्फा ब्लॉकर में आते हैं। इन्हें वर्णक्रम में दिया गया है।
- टैमसुलोसिन: टैमसुलोसिन डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली दवा है, जो प्रोस्टेट बढ़ने वाले पुरुषों में पेशाब का बहाव आसान करती है।
आम सवाल
क्या अल्फा ब्लॉकर प्रोस्टेट को छोटा करते हैं?
नहीं। ये मांसपेशी को ढीला करते हैं ताकि पेशाब ज़्यादा आसानी से निकले, लेकिन ये प्रोस्टेट को छोटा नहीं करते। दवाओं का एक अलग समूह, 5-अल्फा रिडक्टेज़ इनहिबिटर, कई महीनों में प्रोस्टेट का आकार घटा सकता है। डॉक्टर इनमें से चुनते हैं या दोनों साथ देते हैं।
इनसे चक्कर क्यों आते हैं?
ये खून की नलियों को भी ढीला करते हैं, इसलिए खड़े होने पर ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) गिर सकता है। धीरे-धीरे उठें, और बेहोशी जैसा लगे तो बैठ जाएं या लेट जाएं। अगर चक्कर अक्सर आते हों या आप बेहोश हो जाएं तो डॉक्टर को बताएं।
स्रोत
- Tamsulosin. NHS (UK)
- Flomax (tamsulosin) capsules: label. DailyMed, US National Library of Medicine
