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डैक्सिड 50 (Daxid 50): उपयोग, यह कैसे काम करती है, साइड इफेक्ट्स

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इस नाम से भी जानी जाती है: डैक्सिड ५०

डैक्सिड 50 डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली गोली (टैबलेट) है, जिसमें 50 mg सर्ट्रालीन होती है, जो SSRI समूह की अवसाद (डिप्रेशन) की दवा है। यह डिप्रेशन और चिंता से जुड़ी कई स्थितियों के इलाज में इस्तेमाल होती है: ओसीडी (बार-बार आने वाले विचार और बार-बार दोहराई जाने वाली आदतों की बीमारी), पैनिक डिसऑर्डर, सदमे के बाद का तनाव (पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर) और सामाजिक चिंता की बीमारी। इसे असर दिखाने में आमतौर पर कुछ हफ्ते लगते हैं। इसे अचानक बंद नहीं करना चाहिए, और इलाज की शुरुआत में युवाओं के मिज़ाज में बदलाव पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।

सक्रिय घटक
सर्ट्रालीन 50 mg
दवा का प्रकार
सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर (SSRI)
किसमें इस्तेमाल होती है
अवसाद (डिप्रेशन), चिंता (एंग्ज़ायटी)
असर शुरू होता है
पूरा असर अक्सर कई हफ्तों में; कुछ साइड इफेक्ट पहले कुछ हफ्तों के बाद कम हो जाते हैं
असर रहता है
दिन में एक बार ली जाती है, आमतौर पर महीनों या उससे ज़्यादा समय तक; कितने समय तक, यह डॉक्टर तय करता है
खाने के साथ या बिना
खाने के साथ या खाली पेट, दोनों तरह ली जा सकती है; लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें
शराब
इससे बचना ही बेहतर है; शराब साइड इफेक्ट बढ़ा सकती है और दवा को ठीक से असर करने से रोक सकती है
गर्भावस्था
सिर्फ़ तभी जब डॉक्टर इसे ज़रूरी समझे; अगर आप गर्भवती हैं, बच्चे की योजना बना रही हैं या स्तनपान करा रही हैं, तो अपने डॉक्टर को बताएं
आदत बनाने वाली
नहीं, लेकिन अचानक बंद न करें क्योंकि इससे दवा छोड़ने के लक्षण हो सकते हैं
निर्माता
पैक पर देखकर पुष्टि करें
डैक्सिड 50: एक नज़र में. किसलिए इस्तेमाल होती है: डिप्रेशन, ओसीडी (बार-बार आने वाले विचार और आदतें), पैनिक डिसऑर्डर, सदमे के बाद का तनाव, सामाजिक चिंता की बीमारी. पहले डॉक्टर से पूछें: 25 साल से कम उम्र, बाइपोलर डिसऑर्डर या मिर्गी, खून बहने की समस्याएं या खून पतला करने वाली दवाएं, गर्भावस्था या स्तनपान, अवसाद की दूसरी दवाएं, ट्रामाडोल या सेंट जॉन्स वॉर्ट. इनके लिए तुरंत चिकित्सा सहायता लें: खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार, बेचैनी, बुखार या मांसपेशियों में अकड़न, असामान्य रूप से खून बहना, दौरा पड़ना, चेहरे या गले में सूजन. ज़्यादा मात्रा में लेना: ज़्यादा लेने पर दौरे पड़ सकते हैं और धड़कन तेज़ हो सकती है: 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं. खुराक: लेबल या अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें.

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इस पेज पर
  1. डैक्सिड 50 किसलिए इस्तेमाल होती है?
  2. डैक्सिड 50 कैसे काम करती है?
  3. डैक्सिड 50 कैसे लें
  4. डैक्सिड 50 के साइड इफेक्ट्स
  5. किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
  6. डैक्सिड 50 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
  7. अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
  8. कैसे रखें
  9. भारत में नियामक स्थिति
  10. इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड
  11. अन्य मात्रा और रूप
  12. आम सवाल

डैक्सिड 50 किसलिए इस्तेमाल होती है?

डैक्सिड 50 डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। यह डॉक्टर की सलाह पर डिप्रेशन और चिंता से जुड़ी कुछ स्थितियों के इलाज में इस्तेमाल होती है।

  • वयस्कों में डिप्रेशन का इलाज
  • ओसीडी (बार-बार आने वाले विचार और बार-बार दोहराई जाने वाली आदतों की बीमारी) का इलाज
  • पैनिक डिसऑर्डर का इलाज
  • सदमे के बाद के तनाव (पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर) का इलाज
  • सामाजिक चिंता की बीमारी का इलाज

डैक्सिड 50 कैसे काम करती है?

सेरोटोनिन दिमाग में एक रासायनिक संदेशवाहक है जो मिज़ाज से जुड़ा है। सर्ट्रालीन नस कोशिकाओं को सेरोटोनिन बहुत जल्दी वापस खींचने से रोकती है, इसलिए यह नस कोशिकाओं के बीच ज़्यादा मात्रा में बना रहता है। कुछ हफ्तों में यह मिज़ाज और चिंता में सुधार से जुड़ा है।

लेने के बाद आपके शरीर में क्या होता है

  1. आप गोली निगलते हैं

    गोली आंत में घुलती है और सर्ट्रालीन खून में सोखी जाती है। इसे खाने के साथ या खाली पेट, दोनों तरह लिया जा सकता है।

  2. यह खून में घूमती है

    सर्ट्रालीन पूरे शरीर में पहुंचती है और दिमाग तक भी जाती है।

  3. यह सेरोटोनिन को वापस खींचे जाने से रोकती है

    दिमाग में सर्ट्रालीन उस पंप को रोकती है जो सेरोटोनिन को वापस नस कोशिका में खींचता है। यह उस एंज़ाइम को बंद नहीं करती जो सेरोटोनिन को तोड़ता है।

  4. ज़्यादा सेरोटोनिन बना रहता है

    पंप रुकने से नस कोशिकाओं के बीच ज़्यादा सेरोटोनिन बना रहता है। कुछ हफ्तों में मिज़ाज और चिंता के लक्षण कम हो सकते हैं।

  5. शरीर इसे बाहर निकालता है

    लिवर सर्ट्रालीन को तोड़ता है और समय के साथ यह शरीर से बाहर निकल जाती है। रोज़ एक जितनी खुराक लेने से असर बना रहता है। अचानक बंद करने से दवा छोड़ने के लक्षण हो सकते हैं, इसलिए कोई भी बदलाव डॉक्टर के साथ मिलकर किया जाता है।

डैक्सिड 50 कैसे लें

डैक्सिड 50 ठीक वैसे ही लें जैसे आपके डॉक्टर ने बताया है या पैक पर लिखा है। खुराक कितनी हो, इसे कब बदलना है और कितने समय तक लेनी है, यह आपका डॉक्टर तय करता है।

  • यह आमतौर पर दिन में एक बार, रोज़ लगभग एक ही समय पर ली जाती है।
  • इसे खाने के साथ या खाली पेट, दोनों तरह लिया जा सकता है। लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें।
  • अगर खुराक छूट जाए, तो याद आने पर ले लें। अगर अगली खुराक का समय लगभग हो गया हो, तो छूटी हुई खुराक छोड़ दें। दो खुराकें एक साथ न लें।
  • इसे असर करने में कई हफ्ते लग सकते हैं। बताए अनुसार लेते रहें और कोई चिंता हो तो अपने डॉक्टर को बताएं।
  • ठीक महसूस होने पर भी इसे अपने आप बंद न करें। अचानक बंद करने से दवा छोड़ने के लक्षण हो सकते हैं; आपका डॉक्टर खुराक धीरे-धीरे घटाता है।

डैक्सिड 50 के साइड इफेक्ट्स

कई साइड इफेक्ट हल्के होते हैं और पहले कुछ हफ्तों के बाद कम हो जाते हैं, लेकिन कुछ में डॉक्टरी मदद की ज़रूरत होती है।

कम होने वाले या हल्के

  • जी मिचलाना, दस्त या बदहज़मी
  • सिरदर्द, चक्कर आना या नींद आना
  • मुंह सूखना
  • नींद आने में दिक्कत
  • पसीना आना या कांपना
  • यौन इच्छा कम होना या यौन समस्याएं

दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें

  • नई या बढ़ती उदासी, या खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार। तुरंत मदद लें
  • बेचैनी, बुखार, तेज़ धड़कन, मांसपेशियों में अकड़न या झटके, या ऐसी चीज़ें दिखना या सुनाई देना जो होती नहीं (सेरोटोनिन सिंड्रोम की संभावना)
  • असामान्य रूप से खून बहना या नील पड़ना, या काला मल
  • दौरे पड़ना
  • चेहरे, होंठों या गले में सूजन, चकत्ते या सांस लेने में तकलीफ (एलर्जी का असर)। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
  • आंख में दर्द, नज़र में बदलाव या आंख का लाल होना

किन्हें सावधानी रखनी चाहिए

कुछ लोगों को डैक्सिड 50 लेने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, या इसे लेते समय अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए।

जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

  • MAOI अवसाद की दवा लेना, या उसे बंद किए 14 दिन से कम हुए हों
  • पिमोज़ाइड लेना
  • सर्ट्रालीन या इसके किसी भी घटक से एलर्जी
  • बच्चे, किशोर और युवा: अवसाद की दवाएं आत्महत्या के विचार और व्यवहार बढ़ा सकती हैं, ज़्यादातर इलाज की शुरुआत में या खुराक बदलने के बाद। परिवार और देखभाल करने वालों को मिज़ाज, बेचैनी या उतावलेपन में नए या बढ़े हुए बदलाव पर नज़र रखनी चाहिए और तुरंत डॉक्टर को बताना चाहिए
  • अचानक बंद न करें: इससे दवा छोड़ने के लक्षण हो सकते हैं। डॉक्टर खुराक धीरे-धीरे घटाते हैं
  • बाइपोलर डिसऑर्डर या पहले कभी उन्माद (मैनिया) होना: अपने डॉक्टर को बताएं
  • मिर्गी या दौरे
  • खून बहने की समस्याएं, पेट से खून बहना, या खून पतला करने वाली दवाएं लेना
  • ग्लूकोमा (आंख के अंदर दबाव बढ़ना)
  • दिल की धड़कन की लय की समस्याएं
  • गर्भावस्था और स्तनपान: लेने से पहले, या गर्भवती हो जाने पर, अपने डॉक्टर से बात करें
  • गाड़ी चलाना: इससे नींद आ सकती है, इसलिए जब तक आपको पता न चल जाए कि इसका आप पर क्या असर होता है, सावधानी रखें

डैक्सिड 50 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें

डैक्सिड 50 दूसरी दवाओं के असर को बदल सकती है, और कुछ दवाएं इसके असर को बदल देती हैं। जड़ी-बूटी वाली दवाओं और बिना पर्ची के ली जाने वाली दर्द की दवाओं सहित, आप जो भी लेते हैं, उसके बारे में अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं।

  • MAOI अवसाद की दवाएं, और लाइनेज़ोलिड या मिथिलीन ब्लू, और पिमोज़ाइड: इन्हें सर्ट्रालीन के साथ नहीं लेना चाहिए, MAOI बंद करने के 14 दिन के अंदर भी नहीं
  • सेरोटोनिन बढ़ाने वाली दूसरी दवाएं (अवसाद की दूसरी दवाएं, ट्रामाडोल, ट्रिप्टान, लिथियम, सेंट जॉन्स वॉर्ट): सेरोटोनिन सिंड्रोम का खतरा
  • एस्पिरिन, आइबुप्रोफ़ेन जैसी NSAID दर्द की दवाएं, वारफ़ेरिन और खून पतला करने वाली दूसरी दवाएं: खून बहने का ज़्यादा खतरा
  • शराब: इससे बचना ही बेहतर है

अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो

बताई गई मात्रा से बहुत ज़्यादा लेने पर बेचैनी, दौरे, दिल की धड़कन तेज़ या अनियमित होना और सेरोटोनिन सिंड्रोम हो सकते हैं। अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं, और दवा का पैक साथ ले जाएं।

कैसे रखें

30 °C से नीचे, सूखी जगह पर, रोशनी और नमी से दूर, अपने मूल पत्ते (स्ट्रिप) में और बच्चों की पहुंच से दूर रखें। एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) के बाद इस्तेमाल न करें। रखने के सही निर्देश के लिए पैक देखें।

भारत में नियामक स्थिति

भारत में डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा के रूप में बिक्री के लिए मंज़ूर है। इस जांच में सिर्फ़ सर्ट्रालीन वाली दवा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 26A के तहत प्रतिबंधित दवाओं की सीडीएससीओ सूची में नहीं मिली; समीक्षक इसकी पुष्टि करें। डैक्सिड 50 में सिर्फ़ सर्ट्रालीन है।

इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड

सर्ट्रालीन 50 mg की गोलियां दूसरे ब्रांड नामों से और जेनेरिक दवा के रूप में भी बिकती हैं। इनमें वही दवा होती है; ताक़त (स्ट्रेंथ) के लिए लेबल देखें। डॉक्टर से पूछे बिना इनकी अदला-बदली न करें।

अन्य मात्रा और रूप

सर्ट्रालीन अलग-अलग ताक़त (स्ट्रेंथ) में और दूसरे रूपों में भी बिकती है। ताक़त और घटक पैक पर छपे होते हैं और सभी उत्पादों में एक जैसे नहीं होते, इसलिए अपने वाले का लेबल देखें।

आम सवाल

क्या डैक्सिड 50 डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है?

हां। भारत में सर्ट्रालीन सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। इसे तभी लेना चाहिए जब डॉक्टर ने लिखी हो, और डॉक्टर की सलाह के बिना इसे शुरू, बंद या बदला नहीं जाना चाहिए।

डैक्सिड 50 को असर करने में कितना समय लगता है?

अक्सर कई हफ्ते, इसलिए शुरुआत में फायदा महसूस नहीं हो सकता। बताए अनुसार लेते रहें और दवा बंद करने के बजाय साइड इफेक्ट या चिंताओं के बारे में डॉक्टर को बताएं।

क्या मैं डैक्सिड 50 अचानक बंद कर सकता हूं?

नहीं। अचानक बंद करने से जी मिचलाना, पसीना आना, चक्कर आना, चिड़चिड़ापन और नींद की समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टर खुराक धीरे-धीरे घटाते हैं। ठीक महसूस होने पर भी इसे अपने आप बंद न करें।

युवाओं के लिए चेतावनी क्यों है?

अवसाद की दवाओं के लेबल चेतावनी देते हैं कि बच्चों, किशोरों और युवाओं में आत्महत्या के विचार बढ़ सकते हैं, खासकर इलाज की शुरुआत में या खुराक बदलने के बाद। परिवार को मिज़ाज में नए या बढ़ते बदलावों पर नज़र रखनी चाहिए और जल्दी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

अगर मेरे मन में खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार आएं तो क्या करूं?

तुरंत मदद लें: 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं, या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को बताएं। टेली-मानस (14416) भारत में मानसिक स्वास्थ्य की मुफ़्त हेल्पलाइन है। कोई दवा शुरू करने के बाद अगर आपका मिज़ाज बिगड़े, तो अपने डॉक्टर को बताएं।

अगर डैक्सिड 50 की खुराक छूट जाए तो क्या करूं?

याद आने पर ले लें। अगर अगली खुराक का समय लगभग हो गया हो, तो छूटी हुई खुराक छोड़ दें और हमेशा की तरह आगे बढ़ें। छूटी हुई खुराक की भरपाई के लिए कभी दो खुराकें एक साथ न लें।

क्या डैक्सिड 50 लेते समय मैं शराब पी सकता हूं?

शराब से बचना ही बेहतर है, क्योंकि यह नींद आने जैसे साइड इफेक्ट बढ़ा सकती है और दवा को ठीक से असर करने से रोक सकती है। अपने डॉक्टर से पूछें कि आपके लिए क्या ठीक है।

डैक्सिड 50 और सर्ट्रालीन 50 mg में क्या फ़र्क है?

डैक्सिड ब्रांड का नाम है, और सर्ट्रालीन उसके अंदर की दवा है। जेनेरिक सर्ट्रालीन 50 mg की गोलियों में वही सक्रिय घटक होता है। पैक पर ताक़त (स्ट्रेंथ) और घटकों की सूची देखें, और उत्पाद बदलने से पहले डॉक्टर से पूछें।

स्रोत

  1. Sertraline: an antidepressant. NHS (UK)
  2. Sertraline. MedlinePlus, US National Library of Medicine
  3. Sertraline hydrochloride tablet: prescribing information (Cardinal Health 107, label revised 3/2024). DailyMed, US National Library of Medicine
  4. Depression in adults. NHS (UK)