डेफकोर्ट 6 (Defcort 6): उपयोग, यह कैसे काम करती है, साइड इफेक्ट्स
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इस नाम से भी जानी जाती है: डेफकोर्ट ६
डेफकोर्ट 6 डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली गोली (टैबलेट) है, जिसमें 6 mg डेफ़्लाज़ाकोर्ट होती है, जो एक कॉर्टिकोस्टेरॉयड है। यह सूजन और रोग-प्रतिरोधक प्रणाली से जुड़ी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होती है, और डेफ़्लाज़ाकोर्ट कुछ देशों में ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के लिए भी मंज़ूर है। इसे सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर लिया जाता है और लंबे समय तक लेने के बाद इसे अचानक बंद नहीं करना चाहिए। यह ब्लड शुगर बढ़ा सकती है, हड्डियां कमज़ोर कर सकती है और संक्रमण से लड़ने की ताक़त घटा सकती है।
- सक्रिय घटक
- डेफ़्लाज़ाकोर्ट 6 mg
- दवा का प्रकार
- कॉर्टिकोस्टेरॉयड (स्टेरॉयड की गोलियां)
- किसमें इस्तेमाल होती है
- सूजन (इन्फ्लेमेशन)
- असर शुरू होता है
- बीमारी के अनुसार अलग-अलग; अपने डॉक्टर से पूछें कि क्या उम्मीद रखें
- असर रहता है
- आमतौर पर दिन में एक बार या डॉक्टर के बताए अनुसार बांटी हुई खुराकों में ली जाती है; पर्ची पर लिखा तरीका मानें
- खाने के साथ या बिना
- पेट को आराम देने के लिए आमतौर पर खाने के साथ या खाने के बाद ली जाती है; लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें
- शराब
- शराब से पेट की जलन और बढ़ सकती है; अपने डॉक्टर से पूछें
- गर्भावस्था
- सिर्फ़ तभी जब डॉक्टर को लगे कि फ़ायदा जोखिम से ज़्यादा है; अगर आप गर्भवती हैं या हो सकती हैं, तो अपने डॉक्टर को बताएं
- आदत बनाने वाली
- नहीं, लेकिन कुछ हफ्तों से ज़्यादा लेने के बाद अचानक बंद न करें
- निर्माता
- पैक पर देखकर पुष्टि करें

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डेफकोर्ट 6 किसलिए इस्तेमाल होती है?
डेफकोर्ट 6 डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। यह डॉक्टर की सलाह पर सूजन और रोग-प्रतिरोधक प्रणाली से जुड़ी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होती है।
- डॉक्टर के फ़ैसले के अनुसार सूजन और रोग-प्रतिरोधक प्रणाली से जुड़ी बीमारियों का इलाज
- विशेषज्ञ की देखरेख में बच्चों और युवाओं में ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी का इलाज (अमेरिका में डेफ़्लाज़ाकोर्ट का मंज़ूर इस्तेमाल)
डेफकोर्ट 6 कैसे काम करती है?
डेफ़्लाज़ाकोर्ट शरीर में एक सक्रिय रूप में बदल जाती है जो कॉर्टिसोल की तरह काम करता है, जो एड्रेनल ग्रंथियों से बनने वाला एक हॉर्मोन है। यह सूजन घटाती है और रोग-प्रतिरोधक प्रणाली को शांत करती है, लेकिन संक्रमण से लड़ने की शरीर की ताक़त भी घटा देती है।
लेने के बाद आपके शरीर में क्या होता है
आप गोली निगलते हैं
गोली आंत में घुलती है और डेफ़्लाज़ाकोर्ट खून में सोखी जाती है। पेट को आराम देने के लिए इसे अक्सर खाने के साथ या खाने के बाद लिया जाता है।
यह खून में घूमती है
डेफ़्लाज़ाकोर्ट पूरे शरीर में पहुंचती है और सूजन वाले ऊतकों, रोग-प्रतिरोधक प्रणाली और कई अंगों तक जाती है।
यह कोशिकाओं में जाकर कॉर्टिसोल की तरह काम करती है
कोशिकाओं के अंदर डेफ़्लाज़ाकोर्ट स्टेरॉयड रिसेप्टर से जुड़ती है, वही जिन्हें शरीर का अपना कॉर्टिसोल इस्तेमाल करता है, और यह बदल देती है कि कौन से जीन चालू होंगे।
सूजन और रोग-प्रतिरोधक गतिविधि घटती है
सूजन के संकेत कम बनते हैं, इसलिए सूजन, लालिमा और एलर्जी वाले असर कम होते हैं। रोग-प्रतिरोधक प्रणाली भी शांत हो जाती है, इसीलिए संक्रमण लगना आसान हो सकता है।
शरीर इसे बाहर निकालता है
लिवर इसे तोड़ता है और किडनी इसे बाहर निकालती हैं। हफ्तों तक लेने के बाद शरीर में अपना स्टेरॉयड बनना धीमा हो जाता है, इसीलिए डॉक्टर अचानक बंद करने के बजाय खुराक धीरे-धीरे घटाते हैं।
डेफकोर्ट 6 कैसे लें
डेफकोर्ट 6 ठीक वैसे ही लें जैसे आपके डॉक्टर ने बताया है या पैक पर लिखा है। खुराक कितनी हो और कितने समय तक लेनी है, यह आपका डॉक्टर तय करता है, और वह इसे धीरे-धीरे घटा भी सकता है।
- इसे आमतौर पर खाने के साथ या खाने के बाद, अक्सर सुबह, लिया जाता है। लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें।
- अगर खुराक छूट जाए, तो याद आने पर ले लें। अगर अगली खुराक का समय लगभग हो गया हो, तो छूटी हुई खुराक छोड़ दें। दो खुराकें एक साथ न लें।
- अगर आपने इसे कुछ हफ्तों से ज़्यादा लिया है, तो इसे अचानक बंद न करें। डॉक्टर खुराक धीरे-धीरे घटाते हैं।
- आपका इलाज करने वाले हर डॉक्टर, दंत चिकित्सक या फार्मासिस्ट को बताएं कि आप स्टेरॉयड ले रहे हैं।
- लंबे इलाज के दौरान आपका डॉक्टर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और दूसरी जांचें करवाने को कह सकता है।
डेफकोर्ट 6 के साइड इफेक्ट्स
कम दिनों के कोर्स में अक्सर सिर्फ़ हल्के असर होते हैं। लंबे समय या ज़्यादा खुराक वाले इलाज में गंभीर असर होने की संभावना ज़्यादा होती है।
कम होने वाले या हल्के
- अपच या पेट खराब होना
- वज़न बढ़ना और भूख ज़्यादा लगना
- नींद न आना या बेचैनी
- मिज़ाज में बदलाव
- पसीना आना
- आसानी से नील पड़ना, मुंहासे या त्वचा पतली होना
दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें
- संक्रमण के संकेत, जैसे बुखार, गले में बहुत खराश, खांसी या ऐसा घाव जो न भरे। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- ब्लड शुगर बहुत ज़्यादा होना: बहुत प्यास, बार-बार बहुत पेशाब आना, उलझन या तेज़ सांस
- काला या खून वाला मल, या खून की उल्टी। इमरजेंसी मदद लें
- मिज़ाज में तेज़ बदलाव, ऐसी चीज़ें दिखना या सुनाई देना जो होती नहीं, या खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- चेहरे, होंठ या गले में सूजन, या सांस लेने में तकलीफ (गंभीर एलर्जी का असर)। इमरजेंसी मदद लें
- पेट या पीठ में तेज़ दर्द, आंख में दर्द या नज़र में बदलाव, मांसपेशियों की कमज़ोरी, या चक्कर और उल्टी के साथ बहुत थकान
किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
डेफकोर्ट 6 ताक़तवर दवा है जो डॉक्टर की पर्ची पर मिलती है। कुछ लोगों को इसे लेने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, और इसे लेते समय हर किसी को सावधानी रखनी चाहिए।
जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
- दवा या गोली के किसी भी घटक से एलर्जी
- गंभीर संक्रमण जिसका इलाज न हो रहा हो, जब तक डॉक्टर ने कुछ और तय न किया हो
- कुछ हफ्तों से ज़्यादा लेने के बाद इसे अचानक बंद न करें: शरीर में अपना स्टेरॉयड बनना धीमा हो जाता है, और एकदम बंद करने से कमज़ोरी, थकान, उल्टी और बीमारी का दोबारा भड़कना हो सकता है। डॉक्टर खुराक धीरे-धीरे घटाते हैं
- संक्रमण: यह संक्रमण से लड़ने की ताक़त घटाती है और उसके संकेत छिपा सकती है। बुखार, गले में खराश, खांसी या न भरने वाले घाव के बारे में, टीबी (क्षय रोग) के बारे में, और चिकनपॉक्स, शिंगल्स या खसरे के हाल के संपर्क के बारे में अपने डॉक्टर को बताएं
- डायबिटीज़ (मधुमेह): यह ब्लड शुगर बढ़ा सकती है, इसलिए शुगर की जांच या डायबिटीज़ की दवा की खुराक की समीक्षा की ज़रूरत पड़ सकती है
- पेट का अल्सर: यह पेट में जलन पैदा कर सकती है, खासकर सूजन-रोधी दर्द निवारक दवाओं के साथ
- हाई ब्लड प्रेशर, दिल की कमज़ोरी (हार्ट फेल्योर) या शरीर में पानी रुकना, और पोटैशियम की कमी
- मानसिक स्वास्थ्य: इससे नींद न आना, मिज़ाज में उतार-चढ़ाव, उदासी या उलझन हो सकती है। अपने डॉक्टर को बताएं
- कमज़ोर हड्डियां, ग्लूकोमा या मोतियाबिंद, और लंबे इलाज के दौरान बच्चों की बढ़त धीमी होना
- टीके: कोई भी टीका लगवाने से पहले डॉक्टर से पूछें, क्योंकि इलाज के दौरान लाइव टीकों से आमतौर पर बचा जाता है
- गर्भावस्था और स्तनपान: अपने डॉक्टर को बताएं; फ़ायदे को जोखिम के साथ तौला जाता है
- ग्रेपफ्रूट का जूस: यह डेफ़्लाज़ाकोर्ट का स्तर बढ़ा सकता है; अपने डॉक्टर से पूछें
- त्वचा के रिएक्शन: इलाज के पहले कुछ हफ्तों में त्वचा के गंभीर रिएक्शन की जानकारी मिली है; कोई भी नए दाने / चकत्ते हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
डेफकोर्ट 6 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
डेफकोर्ट 6 दूसरी दवाओं के असर को बदल सकती है, और कुछ दवाएं इसके असर को बदल देती हैं। जड़ी-बूटी वाली दवाओं और बिना पर्ची के ली जाने वाली दर्द की दवाओं सहित, आप जो भी लेते हैं, उसके बारे में अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं।
- आइबुप्रोफ़ेन, डाइक्लोफेनाक और एस्पिरिन जैसी सूजन-रोधी दर्द निवारक दवाएं: स्टेरॉयड के साथ मिलकर ये पेट के अल्सर और खून बहने का खतरा बढ़ाती हैं
- इंसुलिन सहित डायबिटीज़ की दवाएं: ब्लड शुगर बढ़ सकती है, इसलिए खुराक बदलनी पड़ सकती है
- रिफ़ैम्पिसिन, फ़ेनिटॉइन और कार्बामाज़ेपिन: ये स्टेरॉयड का असर कमज़ोर कर सकती हैं
- कुछ एंटीफंगल और एंटीबायोटिक दवाएं: ये स्टेरॉयड का असर बढ़ा सकती हैं
- पेशाब बढ़ाने वाली गोलियां (डाइयूरेटिक): पोटैशियम बहुत कम हो सकता है
- वारफ़ेरिन जैसी खून पतला करने वाली दवाएं: खून जमने की जांच ज़्यादा बार करानी पड़ सकती है
- लाइव टीके: स्टेरॉयड लेते समय आमतौर पर इनसे बचा जाता है
- ग्रेपफ्रूट का जूस, और क्लैरिथ्रोमाइसिन, फ्लुकोनाज़ोल, डिल्टियाज़ेम और वेरापामिल जैसी दवाएं: ये डेफ़्लाज़ाकोर्ट का स्तर बढ़ा सकती हैं, इसलिए डॉक्टर खुराक में बदलाव कर सकते हैं
- कार्बामाज़ेपिन, फ़ेनिटॉइन, रिफ़ैम्पिसिन और एफ़ेविरेंज़: ये डेफ़्लाज़ाकोर्ट का स्तर बहुत ज़्यादा घटा सकती हैं, इसलिए इनके साथ इसे आमतौर पर नहीं लिया जाता
अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
गलती से एक गोली ज़्यादा लेने पर नुकसान की संभावना कम है, लेकिन फार्मासिस्ट या डॉक्टर से पूछें। अगर किसी ने बताई गई मात्रा से बहुत ज़्यादा ले ली है, या वह गिर पड़ा है, उसे दौरा पड़ा है या सांस लेने में तकलीफ है, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पैक साथ ले जाएं।
कैसे रखें
30 °C से नीचे, सूखी जगह पर, गर्मी और नमी से दूर, अपने मूल पत्ते (स्ट्रिप) में और बच्चों की पहुंच से दूर रखें। एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) के बाद इस्तेमाल न करें। रखने के सही निर्देश के लिए पैक देखें।
भारत में नियामक स्थिति
भारत में डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा के रूप में बिक्री के लिए मंज़ूर है। सिर्फ़ डेफ़्लाज़ाकोर्ट वाली दवा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 26A के तहत प्रतिबंधित दवाओं की सीडीएससीओ सूची में नहीं है, लेकिन कॉर्टिकोस्टेरॉयड को खाने के लिए किसी दूसरी दवा के साथ मिलाकर बनी तय मात्रा वाली मिली-जुली दवाएं (इन्हेलर को छोड़कर) प्रतिबंधित हैं। डेफकोर्ट 6 में सिर्फ़ डेफ़्लाज़ाकोर्ट होने की उम्मीद है; पैक पर पुष्टि करें।
इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड
डेफ़्लाज़ाकोर्ट 6 mg की गोलियां दूसरे ब्रांड नामों से और जेनेरिक दवा के रूप में भी बिकती हैं। इनमें वही दवा होती है; ताक़त (स्ट्रेंथ) के लिए लेबल देखें। डॉक्टर से पूछे बिना उत्पाद या ताक़त की अदला-बदली न करें।
अन्य मात्रा और रूप
डेफ़्लाज़ाकोर्ट दूसरी ताक़त (स्ट्रेंथ) में भी बिकती है, और कुछ स्टेरॉयड तरल या इंजेक्शन के रूप में भी मिलते हैं। ताक़त पैक पर छपी होती है और सभी उत्पादों में एक जैसी नहीं होती, इसलिए अपने वाले का लेबल देखें।
आम सवाल
क्या डेफकोर्ट 6 डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है?
हां। डेफकोर्ट 6 एक कॉर्टिकोस्टेरॉयड है और इसे तभी लिया जाता है जब डॉक्टर ने लिखी हो। डॉक्टर की सलाह के बिना इसे शुरू, बंद या इसकी खुराक न बदलें, और इसे दूसरों के साथ साझा न करें।
क्या मैं डेफकोर्ट 6 अचानक बंद कर सकता हूं?
नहीं, अगर आपने इसे कुछ हफ्तों से ज़्यादा लिया है। एकदम बंद करने से कमज़ोरी, थकान, उल्टी और बीमारी का दोबारा भड़कना हो सकता है, क्योंकि शरीर में अपना स्टेरॉयड बनना धीमा हो चुका होता है। आपके डॉक्टर खुराक धीरे-धीरे घटाते हैं। कोई भी बदलाव करने से पहले डॉक्टर से पूछें।
क्या डेफकोर्ट 6 से ब्लड शुगर बढ़ती है?
बढ़ सकती है। स्टेरॉयड शरीर में ज़्यादा शुगर छोड़ते हैं, इसलिए डायबिटीज़ के मरीज़ों को शुगर की ज़्यादा जांच या डायबिटीज़ की दवा में बदलाव की ज़रूरत पड़ सकती है। अगर आपको डायबिटीज़ है तो अपने डॉक्टर को बताएं, और बहुत प्यास, बार-बार बहुत पेशाब आने या बहुत थकान के बारे में बताएं।
क्या डेफकोर्ट 6 से संक्रमण होने की संभावना बढ़ती है?
हां। यह रोग-प्रतिरोधक प्रणाली को शांत करती है, इसलिए संक्रमण लगना आसान और पहचानना मुश्किल हो सकता है। बुखार, गले में खराश, खांसी या न भरने वाले घाव के बारे में, और चिकनपॉक्स, शिंगल्स या खसरे के संपर्क के बारे में अपने डॉक्टर को बताएं।
क्या मैं डेफकोर्ट 6 खाने के साथ ले सकता हूं?
पेट को आराम देने के लिए इसे आमतौर पर खाने के साथ या खाने के बाद लिया जाता है। दिन के किस समय लेनी है, इसके लिए लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें।
अगर डेफकोर्ट 6 की खुराक छूट जाए तो क्या करूं?
याद आने पर ले लें। अगर अगली खुराक का समय लगभग हो गया हो, तो छूटी हुई खुराक छोड़ दें और हमेशा की तरह आगे बढ़ें। छूटी हुई खुराक की भरपाई के लिए कभी दो खुराकें एक साथ न लें।
डेफकोर्ट 6 और डेफ़्लाज़ाकोर्ट 6 mg में क्या फ़र्क है?
डेफकोर्ट 6 ब्रांड का नाम है, और उसके अंदर की दवा डेफ़्लाज़ाकोर्ट है। उतनी ही ताक़त (स्ट्रेंथ) की जेनेरिक गोलियों में वही सक्रिय घटक होता है। पैक पर ताक़त देखें और बदलने से पहले डॉक्टर से पूछें।
स्रोत
- EMFLAZA (deflazacort) tablets and oral suspension: prescribing information. DailyMed, US National Library of Medicine
- Prednisolone tablets and liquid: how and when to take it. NHS (UK)
- Prednisolone tablets and liquid: side effects. NHS (UK)
- Prednisolone tablets and liquid: who can and cannot take it. NHS (UK)
- ATC/DDD Index: H02AB Glucocorticoids. WHO Collaborating Centre for Drug Statistics Methodology
- List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)
