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टी-बैक्ट (T-Bact): उपयोग, यह कैसे काम करती है, साइड इफेक्ट्स

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टी-बैक्ट एक मरहम है जिसमें 2% म्यूपिरोसिन है। म्यूपिरोसिन एक एंटीबायोटिक है, जो त्वचा पर इम्पेटिगो जैसे बैक्टीरियल संक्रमणों के इलाज के लिए इस्तेमाल होती है। यह सिर्फ़ बैक्टीरिया पर काम करती है, फंगस या वायरस से होने वाले दानों-चकत्तों पर नहीं। यह डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है, सिर्फ़ त्वचा पर लगाई जाती है, और कितने समय तक इस्तेमाल करनी है, यह डॉक्टर तय करता है।

सक्रिय घटक
म्यूपिरोसिन 2%
दवा का प्रकार
त्वचा पर लगाई जाने वाली एंटीबायोटिक
किसमें इस्तेमाल होती है
त्वचा के बैक्टीरियल संक्रमण
असर शुरू होता है
सुधार अक्सर 3 से 5 दिनों में दिखता है; अगर कोई फ़र्क न पड़े तो डॉक्टर को दिखाएं
असर रहता है
यह वहीं असर करती है जहां लगाई जाए, इसलिए डॉक्टर या पैक की सलाह के अनुसार दिन में कई बार लगाई जाती है
खाने के साथ या बिना
लागू नहीं होता, यह त्वचा पर लगाई जाती है
शराब
त्वचा पर इस्तेमाल करने पर कोई ज्ञात असर नहीं है
गर्भावस्था
इंसानों पर जानकारी कम है; गर्भावस्था में या स्तनपान के दौरान इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से पूछें
आदत बनाने वाली
नहीं
निर्माता
पैक पर देखकर पुष्टि करें
टी-बैक्ट: एक नज़र में. किसलिए इस्तेमाल होती है: इम्पेटिगो, त्वचा के दूसरे बैक्टीरियल संक्रमण, जब डॉक्टर सलाह दे. पहले डॉक्टर से पूछें: म्यूपिरोसिन से एलर्जी, किडनी की समस्याएं या त्वचा के बड़े खुले हिस्से, नाक के अंदर या आंखों के पास इस्तेमाल, गर्भावस्था या स्तनपान. इनके लिए तुरंत चिकित्सा सहायता लें: चेहरे, होंठों या गले में सूजन, पित्ती या फैलते दाने, गंभीर या पानी जैसे दस्त, कुछ दिनों बाद भी सुधार न होना. ज़्यादा मात्रा में लेना: त्वचा पर थोड़ा ज़्यादा लग जाने से नुकसान की संभावना कम है; अगर ज़्यादा मात्रा में निगल लिया जाए, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं. खुराक: लेबल या अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें.

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इस पेज पर
  1. टी-बैक्ट किसलिए इस्तेमाल होती है?
  2. टी-बैक्ट कैसे काम करती है?
  3. टी-बैक्ट कैसे लें
  4. टी-बैक्ट के साइड इफेक्ट्स
  5. किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
  6. टी-बैक्ट के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
  7. अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
  8. कैसे रखें
  9. भारत में नियामक स्थिति
  10. इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड
  11. अन्य मात्रा और रूप
  12. आम सवाल

टी-बैक्ट किसलिए इस्तेमाल होती है?

टी-बैक्ट डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाला एंटीबायोटिक मरहम है। यह डॉक्टर की सलाह पर त्वचा के बैक्टीरियल संक्रमणों के इलाज के लिए इस्तेमाल होता है।

  • इम्पेटिगो, त्वचा का छूत से फैलने वाला संक्रमण जिसमें पपड़ीदार घाव होते हैं, जो उन बैक्टीरिया से होता है जिन पर यह दवा असर करती है
  • त्वचा के दूसरे बैक्टीरियल संक्रमण, जब डॉक्टर सलाह दे

टी-बैक्ट कैसे काम करती है?

म्यूपिरोसिन एक ऐसे एंजाइम को रोकता है जिसकी बैक्टीरिया को अपने प्रोटीन बनाने के लिए ज़रूरत होती है। इन प्रोटीन के बिना बैक्टीरिया बढ़ नहीं पाते, जिससे संक्रमित त्वचा को ठीक होने में मदद मिलती है। यह सिर्फ़ बैक्टीरिया पर काम करता है।

लेने के बाद आपके शरीर में क्या होता है

  1. आप मरहम लगाते हैं

    डॉक्टर या पैक की सलाह के अनुसार, साफ़ की हुई संक्रमित त्वचा पर साफ़ हाथों, रूई के फाहे या गॉज़ से थोड़ी सी मात्रा लगाई जाती है।

  2. यह त्वचा पर ही रहता है

    म्यूपिरोसिन त्वचा की सतह और ऊपरी परतों में असर करता है। साबुत त्वचा से खून में बहुत कम जाता है।

  3. यह बैक्टीरिया तक पहुंचता है

    एंटीबायोटिक स्टैफ़िलोकोकस ऑरियस और स्ट्रेप्टोकोकस पायोजीन्स जैसे बैक्टीरिया के अंदर जाती है, जो इम्पेटिगो के आम कारण हैं।

  4. बैक्टीरिया बढ़ना बंद कर देते हैं

    म्यूपिरोसिन बैक्टीरिया के उस एंजाइम को रोकता है जो प्रोटीन बनाता है। बैक्टीरिया बढ़ नहीं पाते, और घाव ठीक होने लगते हैं।

  5. बाकी को शरीर साफ़ कर देता है

    जो भी म्यूपिरोसिन सोखा जाता है, वह बेअसर रूप में बदल जाता है और किडनी के रास्ते बाहर निकल जाता है, इसलिए मरहम बताए अनुसार दिन में कई बार दोबारा लगाया जाता है।

टी-बैक्ट कैसे लें

टी-बैक्ट ठीक वैसे ही इस्तेमाल करें जैसे आपके डॉक्टर ने लिखा है या पैक पर छपा है। कितनी बार और कितने समय के लिए, यह डॉक्टर तय करता है।

  • यह सिर्फ़ त्वचा के लिए है। बताए अनुसार प्रभावित जगह पर थोड़ी सी मात्रा लगाएं।
  • इसे लगाने से पहले और बाद में हाथ धोएं। रूई के फाहे या गॉज़ का इस्तेमाल किया जा सकता है और फिर उसे फेंक दें।
  • अगर एक बार लगाना छूट जाए, तो याद आने पर लगा लें। उसकी कमी पूरी करने के लिए ज़्यादा न लगाएं।
  • जब तक आपका डॉक्टर न कहे, उसी जगह पर एक ही समय में कोई दूसरी क्रीम या मरहम न लगाएं।
  • अगर कुछ दिनों में त्वचा ठीक न हो या हालत बिगड़ रही हो तो अपने डॉक्टर को दिखाएं।

टी-बैक्ट के साइड इफेक्ट्स

ज़्यादातर लोगों को त्वचा पर टी-बैक्ट से कोई परेशानी नहीं होती। जब साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) होते हैं, तो वे आमतौर पर लगाई गई जगह तक सीमित और हल्के होते हैं।

कम होने वाले या हल्के

  • जहां लगाया जाए वहां जलन, चुभन या दर्द
  • खुजली
  • उसी जगह लालिमा, रूखी त्वचा या दाने
  • जी मिचलाना (कम आम)

दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें

  • चेहरे, होंठों, जीभ या गले में सूजन, पित्ती या सांस लेने में तकलीफ़। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
  • दाने या जलन जो बढ़ती जाए। इसका इस्तेमाल बंद करें और अपने डॉक्टर को बताएं
  • एंटीबायोटिक के इस्तेमाल के दौरान या बाद में होने वाले गंभीर या पानी जैसे दस्त

किन्हें सावधानी रखनी चाहिए

कुछ लोगों को टी-बैक्ट इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, या इस्तेमाल के दौरान अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए।

जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

  • म्यूपिरोसिन या मरहम के किसी भी घटक से एलर्जी
  • म्यूपिरोसिन या मरहम के किसी भी घटक से एलर्जी हो तो इसे इस्तेमाल न करें
  • इसे आंखों से दूर रखें; आंख में चला जाए तो पानी से अच्छी तरह धो लें
  • यह सिर्फ़ त्वचा के लिए है, नाक के अंदर या मुंह या दूसरी नम सतहों पर नहीं, जब तक डॉक्टर न कहे
  • किडनी की समस्याएं या त्वचा के खुले बड़े क्षतिग्रस्त हिस्से: मरहम का आधार शरीर में सोखा जा सकता है, इसलिए पहले डॉक्टर से पूछें
  • इसे नस में ड्रिप लगने की जगहों या सेंट्रल लाइन के आसपास इस्तेमाल न करें
  • लंबे समय तक इस्तेमाल से फंगस समेत दूसरे कीटाणु बढ़ सकते हैं
  • गर्भावस्था और स्तनपान: इंसानों पर जानकारी कम है; अपने डॉक्टर से पूछें

टी-बैक्ट के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें

त्वचा पर लगाई जाने वाली टी-बैक्ट के ज्ञात आपसी असर (इंटरैक्शन) कम हैं, लेकिन उसी जगह पर लगे दूसरे उत्पाद मायने रख सकते हैं।

  • उसी जगह पर दूसरे लोशन, क्रीम या मरहम: लेबल की सलाह है कि इलाज वाली जगह पर एक ही समय में कोई दूसरा न लगाएं

अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो

त्वचा पर थोड़ा ज़्यादा लग जाने से गंभीर समस्या होने की संभावना कम है। अगर इसे ज़्यादा मात्रा में निगल लिया जाए, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और ट्यूब साथ ले जाएं।

कैसे रखें

ठंडी, सूखी जगह पर, सीधी धूप से दूर, ढक्कन कसकर बंद करके और बच्चों की पहुंच से बाहर रखें। एक्सपायरी की तारीख के बाद इस्तेमाल न करें। रखने के सही तरीके के लिए पैक देखें।

भारत में नियामक स्थिति

भारत में डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाले एंटीबायोटिक मरहम के रूप में बिक्री के लिए मंज़ूर। सिर्फ़ म्यूपिरोसिन वाली दवा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 26A के तहत प्रतिबंधित दवाओं की सीडीएससीओ की सूची में नहीं है। माना जाता है कि टी-बैक्ट में सिर्फ़ म्यूपिरोसिन है; पैक पर घटकों की सूची देखें, क्योंकि मिली-जुली दवाओं (कॉम्बिनेशन) को अलग तरह से देखा जाता है।

इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड

म्यूपिरोसिन 2% मरहम दूसरे ब्रांड नामों से और जेनेरिक मरहम के रूप में भी बिकता है। इनमें वही एंटीबायोटिक होती है; ताक़त (स्ट्रेंथ) के लिए लेबल देखें। नाक के अंदर के लिए म्यूपिरोसिन का अलग नाक वाला मरहम मिलता है, इसलिए अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछे बिना एक उत्पाद की जगह दूसरा न इस्तेमाल करें।

अन्य मात्रा और रूप

म्यूपिरोसिन नाक के मरहम के रूप में और दूसरी दवाओं के साथ मिली-जुली दवाओं (कॉम्बिनेशन) में भी बिकता है। घटक पैक पर छपे होते हैं और सभी उत्पादों में एक जैसे नहीं होते, इसलिए जो आपके पास है उसका लेबल देखें।

आम सवाल

क्या टी-बैक्ट डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है?

हां। टी-बैक्ट एंटीबायोटिक मरहम है और इसे सिर्फ़ डॉक्टर की सलाह पर, बताए गए समय के लिए ही इस्तेमाल करना चाहिए। बचा हुआ मरहम नए दानों-चकत्तों पर न लगाएं, क्योंकि एंटीबायोटिक फंगस, वायरस या एलर्जी वाले दानों-चकत्तों के लिए कुछ नहीं करती।

टी-बैक्ट मरहम किसलिए इस्तेमाल होता है?

टी-बैक्ट डॉक्टर की सलाह पर त्वचा पर इम्पेटिगो जैसे बैक्टीरियल संक्रमणों के इलाज के लिए इस्तेमाल होता है। यह दाद जैसे फंगस के संक्रमणों या होंठों के छालों (कोल्ड सोर) जैसी वायरस की समस्याओं का इलाज नहीं करता।

अगर टी-बैक्ट असर करता न लगे तो क्या करना चाहिए?

अमेरिकी लेबल की सलाह है कि अगर 3 से 5 दिनों में कोई फ़र्क न पड़े तो डॉक्टरी जांच कराएं। अगर त्वचा ठीक नहीं हो रही या बिगड़ रही है, तो और लंबे समय तक लगाते रहने या खुद क्रीम बदलने के बजाय अपने डॉक्टर के पास वापस जाएं।

क्या मैं टी-बैक्ट अपनी नाक के अंदर लगा सकता हूं?

सिर्फ़ तभी जब आपके डॉक्टर ने इसके लिए लिखा हो। त्वचा वाला मरहम नाक के अंदर या दूसरी नम सतहों पर इस्तेमाल करने के लिए नहीं बना है। नाक के लिए अलग उत्पाद मिलता है, इसलिए लेबल देखें और अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें।

क्या मैं टी-बैक्ट किसी बड़े घाव या जली हुई त्वचा पर इस्तेमाल कर सकता हूं?

पहले अपने डॉक्टर से पूछें। त्वचा के खुले बड़े क्षतिग्रस्त हिस्सों पर मरहम का आधार शरीर में सोखा जा सकता है, जो किडनी की समस्या वाले लोगों के लिए ख़ास तौर पर मायने रखता है। इसे ड्रिप लगने की जगह या सेंट्रल लाइन के आसपास इस्तेमाल न करें।

क्या मैं गर्भावस्था में या स्तनपान के दौरान टी-बैक्ट इस्तेमाल कर सकती हूं?

पहले अपने डॉक्टर से पूछें। इंसानों पर जानकारी कम है, और साबुत त्वचा से म्यूपिरोसिन बहुत कम गुज़रता है, लेकिन डॉक्टर को इलाज की ज़रूरत और किसी भी खतरे को तौलकर फ़ैसला करना चाहिए।

क्या इम्पेटिगो छूत से फैलता है और इसे फैलने से कैसे रोकें?

हां। इम्पेटिगो संपर्क और साझा तौलिए या बिस्तर से आसानी से फैलता है। हाथ अक्सर धोएं, घावों को ढककर रखें, तौलिए साझा न करें, और सलाह के अनुसार स्कूल या काम पर न जाकर घर पर रहें। इलाज शुरू होने के लगभग 48 घंटे बाद यह आमतौर पर छूत से नहीं फैलता।

टी-बैक्ट और म्यूपिरोसिन मरहम में क्या फ़र्क है?

टी-बैक्ट एक ब्रांड नाम है और म्यूपिरोसिन उसके अंदर की एंटीबायोटिक है। म्यूपिरोसिन 2% मरहम के दूसरे ब्रांड में वही एंटीबायोटिक होती है। पैक पर ताक़त (स्ट्रेंथ) देखें और बदलने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें।

स्रोत

  1. Mupirocin ointment, 2%: prescribing information (PAI Pharma). DailyMed, US National Library of Medicine
  2. Impetigo. NHS (UK)
  3. ATC/DDD Index: D06AX09 mupirocin. WHO Collaborating Centre for Drug Statistics Methodology
  4. List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)