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उडिलिव 300 (Udiliv 300): उपयोग, यह कैसे काम करती है, साइड इफेक्ट्स

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इस नाम से भी जानी जाती है: उडिलिव ३००

उडिलिव 300 डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली गोली है, जिसमें 300 mg उर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड होता है। यह पित्त अम्ल (बाइल एसिड) की दवा है। यह उन लोगों में कोलेस्ट्रॉल से भरी छोटी पित्त की पथरी घोलने के लिए इस्तेमाल होती है जिनका पित्ताशय अभी काम करता है, और प्राइमरी बिलियरी कोलैंजाइटिस, यानी लिवर की लंबे समय की बीमारी, के इलाज के लिए भी। इलाज कई महीने चल सकता है और इसमें स्कैन और खून की जांचों की ज़रूरत पड़ती है। इसे गर्भावस्था में नहीं लेना चाहिए।

सक्रिय घटक
उर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड 300 mg
दवा का प्रकार
पित्त अम्ल (बाइल एसिड) वाली दवाएं
किसमें इस्तेमाल होती है
पित्त की पथरी, प्राइमरी बिलियरी कोलैंजाइटिस
असर शुरू होता है
पित्त की पथरी कई महीनों में धीरे-धीरे घुलती है; डॉक्टर स्कैन और खून की जांचों से प्रगति देखता है
असर रहता है
पित्त की पथरी के लिए कुछ लोगों में दो साल तक, और लेबल के अनुसार पथरी के चले जाने के संकेत मिलने के बाद भी तीन महीने और लेना जारी रखना है; यह डॉक्टर तय करता है
खाने के साथ या बिना
पानी के साथ निगलें; समय के बारे में लेबल या अपने डॉक्टर की सलाह मानें
शराब
शराब लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है; अपने डॉक्टर से पूछें
गर्भावस्था
नहीं। उत्पाद की जानकारी के अनुसार इसे गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान नहीं लेना चाहिए; अगर गर्भ की संभावना हो तो अपने डॉक्टर को बताएं
आदत बनाने वाली
नहीं
निर्माता
पैक पर देखकर पुष्टि करें
उडिलिव 300: एक नज़र में. किसलिए इस्तेमाल होती है: कोलेस्ट्रॉल वाली छोटी पित्त की पथरियां घोलना, प्राइमरी बिलियरी कोलैंजाइटिस. पहले डॉक्टर से पूछें: गर्भावस्था या स्तनपान, कैल्शियम जमकर सख्त हुई पथरियां या पित्त की नली में रुकावट, पेट का अल्सर या आंतों की सूजन, एल्युमिनियम वाले एंटासिड, कोलेस्टायरामिन या साइक्लोस्पोरिन. इनके लिए तुरंत चिकित्सा सहायता लें: पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में तेज़ दर्द, त्वचा या आंखों का पीला पड़ना, पेट दर्द के साथ बुखार, दस्त जो ठीक न हों, दाने या पित्ती. ज़्यादा मात्रा में लेना: ज़्यादा लेने से मुख्य रूप से दस्त होते हैं: अगर बताई गई मात्रा से बहुत ज़्यादा ली गई हो तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं. खुराक: लेबल या अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें.

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इस पेज पर
  1. उडिलिव 300 किसलिए इस्तेमाल होती है?
  2. उडिलिव 300 कैसे काम करती है?
  3. उडिलिव 300 कैसे लें
  4. उडिलिव 300 के साइड इफेक्ट्स
  5. किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
  6. उडिलिव 300 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
  7. अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
  8. कैसे रखें
  9. भारत में नियामक स्थिति
  10. इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड
  11. अन्य मात्रा और रूप
  12. आम सवाल

उडिलिव 300 किसलिए इस्तेमाल होती है?

उडिलिव 300 डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली दवा है। डॉक्टर की सलाह पर यह कुछ पित्त की पथरियां घोलने के लिए और प्राइमरी बिलियरी कोलैंजाइटिस, जो लिवर की लंबे समय की बीमारी है, के इलाज के लिए इस्तेमाल होती है।

  • छोटी से मध्यम आकार की कोलेस्ट्रॉल से भरी पित्त की पथरियां घोलना, जो एक्स-रे में पारदर्शी दिखती हैं, उन लोगों में जिनका पित्ताशय अभी काम करता है
  • प्राइमरी बिलियरी कोलैंजाइटिस (जिसे प्राइमरी बिलियरी सिरोसिस भी कहते हैं), लिवर की लंबे समय की बीमारी, का इलाज

उडिलिव 300 कैसे काम करती है?

कोलेस्ट्रॉल से भरी पित्त की पथरियां तब बनती हैं जब पित्त में कोलेस्ट्रॉल बहुत ज़्यादा हो जाता है। उर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घटाता है, जिससे छोटी पथरियां धीरे-धीरे घुल सकती हैं। यह ठीक कैसे काम करता है, यह पूरी तरह समझा नहीं गया है।

लेने के बाद आपके शरीर में क्या होता है

  1. आप गोली निगलते हैं

    गोली आंत में घुल जाती है और उर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड खून में सोख लिया जाता है।

  2. यह लिवर तक पहुंचता है

    खून इसे लिवर तक ले जाता है, जो इसे लेकर पित्त में भेज देता है।

  3. पित्त में कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है

    पित्त में उर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड कोलेस्ट्रॉल का हिस्सा घटा देता है, इसलिए पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हो जाती है।

  4. छोटी पथरियां धीरे-धीरे घुल सकती हैं

    पित्त में कोलेस्ट्रॉल कम होने से कोलेस्ट्रॉल वाली छोटी पित्त की पथरियां कई महीनों में धीरे-धीरे घुल सकती हैं। जिन पथरियों में कैल्शियम या पित्त के रंगीन पदार्थ होते हैं, वे नहीं घुलतीं।

  5. शरीर इसे बाहर निकाल देता है

    यह आंत से गुज़रकर मल के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाता है। डॉक्टर स्कैन और लिवर की खून की जांचों से प्रगति देखता है।

उडिलिव 300 कैसे लें

उडिलिव 300 ठीक उसी तरह लें जैसा आपके डॉक्टर ने लिखा है या पैक पर छपा है। खुराक शरीर के वज़न और बीमारी पर निर्भर करती है, और खुराक तथा इसे कितने समय तक लेना है, यह आपका डॉक्टर तय करता है।

  • गोली पानी के साथ निगलें। समय के बारे में लेबल या अपने डॉक्टर की सलाह मानें; पित्त की पथरी के लिए इसे कभी-कभी रात को लिया जाता है।
  • पित्त की पथरी के इलाज में कई महीने लग सकते हैं। इसे अपने आप बंद न करें।
  • अगर कोई खुराक छूट जाए, तो याद आने पर ले लें। अगर अगली खुराक का समय लगभग हो गया हो, तो छूटी हुई खुराक छोड़ दें। दो खुराकें एक साथ न लें।
  • इलाज के दौरान आपका डॉक्टर लिवर की खून की जांचें और पित्ताशय के स्कैन करवाएगा।
  • इस दवा और एल्युमिनियम वाले एंटासिड या कोलेस्टायरामिन के बीच कम से कम 2 घंटे का अंतर रखें।

उडिलिव 300 के साइड इफेक्ट्स

सबसे आम दुष्प्रभाव पतला मल है, और गंभीर असर दुर्लभ मामलों में होते हैं।

कम होने वाले या हल्के

  • पेस्ट जैसा नरम मल या दस्त
  • जी मिचलाना या उल्टी
  • खुजली

दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें

  • पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में तेज़ दर्द
  • त्वचा या आंखों का पीला पड़ना, या पेट में सूजन (लिवर की संभावित समस्याएं)
  • पित्ती (हाइव्स) या दाने
  • दस्त जो ठीक न हों

किन्हें सावधानी रखनी चाहिए

कुछ लोगों को उडिलिव 300 लेने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, या लेते समय अतिरिक्त सावधानी की ज़रूरत होती है।

जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

  • गर्भावस्था या स्तनपान
  • कैल्शियम जमकर सख्त हुई पथरियां, पित्त की नली में रुकावट या सूजा हुआ पित्ताशय
  • पित्त अम्लों (बाइल एसिड) या किसी भी घटक से एलर्जी
  • गर्भावस्था: इसे गर्भावस्था में नहीं लेना चाहिए। अगर आप गर्भवती हैं या हो सकती हैं तो डॉक्टर को बताएं; उत्पाद की जानकारी हार्मोन-रहित भरोसेमंद गर्भनिरोधक तरीके, या कम एस्ट्रोजन वाली गोलियों की सलाह देती है
  • स्तनपान: सलाह नहीं दी जाती
  • कैल्शियम जमकर सख्त हो चुकी पित्त की पथरियां, पित्त की नली में रुकावट, या सूजा हुआ पित्ताशय या पित्त की नली
  • पित्ताशय में बार-बार दर्द, या पित्ताशय का ठीक से काम न करना
  • पेट का अल्सर, या आंतों की लंबे समय की सूजन की बीमारी
  • इसे लेते समय लिवर की खून की जांचें और स्कैन नियमित रूप से कराने पड़ते हैं
  • दस्त: डॉक्टर को बताएं, वे खुराक घटा सकते हैं

उडिलिव 300 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें

कुछ दवाएं बदल देती हैं कि उर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड कितना सोखा जाता है, और यह दूसरी दवाओं को भी बदल सकता है। आप जो कुछ भी लेते हैं, उसके बारे में अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं।

  • कोलेस्टायरामिन, कोलेस्टिपॉल, चारकोल और एल्युमिनियम वाले एंटासिड: ये इसे अपने साथ बांध लेते हैं, इसलिए कम से कम 2 घंटे का अंतर रखें
  • साइक्लोस्पोरिन: खून में इसके स्तर की जांच करनी पड़ सकती है
  • सिप्रोफ्लॉक्सासिन: सोखना कम हो सकता है
  • मुंह से ली जाने वाली गर्भनिरोधक गोलियां: ये पथरी घुलने के असर के उलट काम कर सकती हैं

अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो

ज़्यादा लेने का मुख्य असर दस्त है। अगर किसी ने बताई गई मात्रा से बहुत ज़्यादा ले ली हो, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पैक साथ ले जाएं।

कैसे रखें

25 °C से कम तापमान पर सूखी जगह में, रोशनी और नमी से बचाकर, मूल स्ट्रिप में और बच्चों की पहुंच से बाहर रखें। एक्सपायरी की तारीख के बाद इस्तेमाल न करें। रखने के सही तरीके के लिए पैक देखें।

भारत में नियामक स्थिति

भारत में डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली दवा के रूप में बिक्री के लिए मंज़ूर। इस जांच में अकेला उर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड (एक ही घटक वाली दवा) ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 26A के तहत प्रतिबंधित दवाओं की CDSCO की सूची में नहीं मिला; समीक्षक को इसकी पुष्टि करनी चाहिए। माना जाता है कि उडिलिव 300 में सिर्फ़ उर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड है; पैक पर इसकी पुष्टि करें।

इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड

उर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड 300 mg की गोलियां दूसरे ब्रांड नामों से और जेनेरिक दवाओं के रूप में भी बिकती हैं। उन सब में वही दवा होती है; ताक़त (स्ट्रेंथ) के लिए लेबल देखें। उडिलिव दूसरी ताक़त (स्ट्रेंथ) में भी बिकती है, इसलिए अपने डॉक्टर से पूछे बिना एक उत्पाद से दूसरे पर न जाएं।

अन्य मात्रा और रूप

उर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड अलग-अलग ताक़त (स्ट्रेंथ) और रूपों में बिकता है। ताक़त और घटक पैक पर छपे होते हैं और सभी उत्पादों में एक जैसे नहीं होते, इसलिए जो आपके पास है उसका लेबल देखें।

आम सवाल

क्या उडिलिव 300 डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली दवा है?

हां। भारत में उर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड डॉक्टर के पर्चे पर मिलता है। इसे तभी लेना चाहिए जब डॉक्टर ने लिखा हो, और डॉक्टर की सलाह के बिना इसे शुरू, बंद या बदला नहीं जाना चाहिए।

उडिलिव 300 किसलिए इस्तेमाल होती है?

यह उन लोगों में छोटी से मध्यम आकार की कोलेस्ट्रॉल वाली पित्त की पथरियां घोलने के लिए इस्तेमाल होती है जिनका पित्ताशय काम करता है, और प्राइमरी बिलियरी कोलैंजाइटिस के इलाज के लिए भी। स्कैन और जांचों के बाद डॉक्टर तय करता है कि यह आपके लिए ठीक है या नहीं।

पित्त की पथरी घुलने में कितना समय लगता है?

इसमें कई महीने लग सकते हैं, कुछ लोगों में दो साल तक, और साथ में नियमित जांचें होती हैं। लेबल के अनुसार पथरियों के चले जाने के संकेत मिलने के बाद भी तीन महीने और इसे लेना जारी रखना है। डॉक्टर के बिना इसे बंद न करें।

क्या उडिलिव 300 सभी पित्त की पथरियों पर काम करती है?

नहीं। यह सिर्फ़ छोटी से मध्यम आकार की कोलेस्ट्रॉल वाली उन पथरियों पर काम करती है जो एक्स-रे में पारदर्शी दिखती हैं। कैल्शियम जमकर सख्त हुई पथरियां और पिगमेंट वाली पथरियां नहीं घुलतीं। कई लोगों को फिर भी सर्जरी की ज़रूरत पड़ती है।

क्या मैं गर्भावस्था में उडिलिव 300 ले सकती हूं?

नहीं। उत्पाद की जानकारी के अनुसार इसे गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान नहीं लेना चाहिए। अगर आप गर्भवती हैं, गर्भवती हो सकती हैं या बच्चे की योजना बना रही हैं, तो अपने डॉक्टर को तुरंत बताएं।

क्या उडिलिव 300 से दस्त लगते हैं?

ढीला या पेस्ट जैसा मल सबसे आम दुष्प्रभाव है। अगर दस्त ठीक न हों तो डॉक्टर को बताएं, क्योंकि खुराक बदलने की ज़रूरत पड़ सकती है। खुराक खुद न बदलें।

उडिलिव 300 और उर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड 300 mg में क्या अंतर है?

उडिलिव एक ब्रांड नाम है, और उर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड उसके अंदर की दवा है। जेनेरिक 300 mg की गोलियों में वही सक्रिय घटक होता है। पैक पर ताक़त (स्ट्रेंथ) और घटक देखें, और उत्पाद बदलने से पहले अपने डॉक्टर से पूछें।

स्रोत

  1. Ursodeoxycholic Acid 300mg Film-Coated Tablets: summary of product characteristics. electronic Medicines Compendium (UK)
  2. Gallstones. NHS (UK)
  3. Primary biliary cholangitis (PBC). NHS (UK)