बिसोप्रोलोल (Bisoprolol): उपयोग, कैसे काम करता है, दवाएँ
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बिसोप्रोलोल सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली बीटा ब्लॉकर दवा है, जो दिल की धड़कन को धीमा करती है और ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) घटाती है। यह हाई ब्लड प्रेशर और एंजाइना के इलाज के लिए, और दूसरी दवाओं के साथ दिल की कमज़ोरी (हार्ट फेल्योर) के इलाज के लिए इस्तेमाल होती है। इसे अचानक बंद नहीं करना चाहिए और डॉक्टर की सलाह पर ही शुरू या बंद करें।
फ़ार्मासिस्ट समीक्षा जारी है। यह पेज नीचे दिए गए स्रोतों पर आधारित है और हमारे पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट इसकी जाँच कर रहे हैं।

बिसोप्रोलोल कैसे काम करती है?
बिसोप्रोलोल दिल पर एड्रेनालिन के असर को रोकती है। दिल धीमे और कम ज़ोर से धड़कता है और ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) कम होता है, जिससे दिल पर काम का बोझ घटता है।
बिसोप्रोलोल कैसे लें
लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें। बिसोप्रोलोल आमतौर पर दिन में एक बार, अक्सर सुबह, पानी के साथ पूरी निगलकर ली जाती है। खुराक कितनी हो और कितने समय तक लेनी है, यह आपका डॉक्टर तय करता है।
बिसोप्रोलोल के साइड इफेक्ट्स
ज़्यादातर लोग बिसोप्रोलोल बिना किसी गंभीर परेशानी के लेते हैं। कुछ साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) आम और हल्के होते हैं, लेकिन कुछ में डॉक्टरी मदद की ज़रूरत होती है।
कम होने वाले या हल्के
- सिरदर्द
- थकान
- हाथ-पैर ठंडे या सुन्न होना
- ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) कम होने से चक्कर आना
- जी मिचलाना या पेट खराब होना
दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें
- बहुत धीमी या अनियमित धड़कन, या दिल की तकलीफ़ें बढ़ना
- सांस की परेशानी, जैसे घरघराहट या सीने में जकड़न
- चेहरे, होंठ, जीभ या गले में सूजन, या तेज़ दाने / चकत्ते (गंभीर एलर्जी का असर)। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
- त्वचा (चमड़ी) या आंखों का पीला पड़ना (जिगर (लिवर) की संभावित समस्या)
किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
कुछ लोगों को बिसोप्रोलोल लेने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, या इसे लेते समय अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए।
जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
- बिसोप्रोलोल, किसी दूसरी बीटा ब्लॉकर दवा या गोली के किसी घटक से एलर्जी
- डॉक्टर की सलाह के बिना इसे अचानक बंद करना
- इसे अचानक बंद न करें: इससे बीमारी बिगड़ सकती है। पहले अपने डॉक्टर से बात करें
- दमा (अस्थमा) या सांस की दूसरी तकलीफ़ें
- कम ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) या धीमी धड़कन
- डायबिटीज़: यह ब्लड शुगर (खून में शक्कर) कम होने के लक्षण छिपा सकती है, और उपवास करने की सलाह नहीं दी जाती
- गुर्दे की बीमारी
- पैरों में खून का दौरा कमज़ोर होना
- गर्भावस्था और स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाना): अपने डॉक्टर से पूछें; गर्भावस्था में अतिरिक्त जांच की पेशकश हो सकती है, और यह दूध पीने वाले बच्चे पर असर डाल सकती है
बिसोप्रोलोल के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
बिसोप्रोलोल दूसरी दवाओं के काम करने का तरीका बदल सकती है, और कुछ दवाएं इसके असर को बदल देती हैं। आप जो भी लेते हैं, उसके बारे में अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) को बताएं, इसमें बिना पर्चे के ली गई दर्द की दवाएं भी शामिल हैं।
- दिल और ब्लड प्रेशर की दूसरी दवाएं: ब्लड प्रेशर और धड़कन की गति ज़रूरत से ज़्यादा घट सकती है
- कुछ अवसाद-रोधी (एंटीडिप्रेसेंट) दवाएं: अपने डॉक्टर से पूछें
- इबुप्रोफेन जैसी NSAID दर्द की दवाएं: ये इसका असर कमज़ोर कर सकती हैं
- नाक खोलने वाली दवाएं (डीकंजेस्टेंट) और काला मोतिया (ग्लूकोमा) की कुछ आंखों की बूंदें (ड्रॉप्स)
- शराब: कम ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) का खतरा बढ़ा सकती है
अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
ज़्यादा मात्रा से दिल धीमा हो सकता है और चक्कर आना, कंपकंपी और सांस लेने में तकलीफ़ हो सकती है। अगर किसी ने बताई गई मात्रा से ज़्यादा ले ली हो, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पत्ता (स्ट्रिप) साथ ले जाएं। खुद गाड़ी न चलाएं।
भारत में नियामक स्थिति
भारत में सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा के रूप में बिक्री के लिए मंज़ूर। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 26A के तहत प्रतिबंधित दवाओं की सीडीएससीओ की सूची में बिसोप्रोलोल अकेले घटक के रूप में शामिल नहीं है। जिन मिली-जुली दवाओं (फिक्स्ड-डोज़ कॉम्बिनेशन) में बिसोप्रोलोल दूसरी दवाओं के साथ होती है, उन्हें अलग तरह से देखा जा सकता है, इसलिए पैक पर घटकों की सूची देखें।
दवा का प्रकार
बिसोप्रोलोल इस प्रकार की दवा है।
बिसोप्रोलोल वाली दवाएँ
भारत में बिकने वाली इन दवाओं में बिसोप्रोलोल होता है। इन्हें वर्णक्रम में दिया गया है, रैंकिंग के अनुसार नहीं।
- कॉनकोर 5 (Concor 5) · 5 mg गोली (टैबलेट)
बिसोप्रोलोल किसलिए इस्तेमाल होती है?
बिसोप्रोलोल वाली दवाएँ इन स्थितियों में इस्तेमाल होती हैं।
आम सवाल
क्या बिसोप्रोलोल सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है?
हां। भारत में बिसोप्रोलोल सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। इसे तभी लें जब डॉक्टर ने लिखी हो, और डॉक्टर की सलाह के बिना इसे शुरू, बंद या बदलें नहीं।
क्या मैं बिसोप्रोलोल अचानक बंद कर सकता हूं?
नहीं। अचानक बंद करने से आपकी बीमारी बिगड़ सकती है। बंद करने या बदलने से पहले डॉक्टर से बात करें। बंद करनी हो तो डॉक्टर आमतौर पर खुराक धीरे-धीरे घटाते हैं।
बिसोप्रोलोल दिन के किस समय लेनी चाहिए?
ज़्यादातर लोग इसे दिन में एक बार, आमतौर पर सुबह, रोज़ एक ही समय पर लेते हैं। गोली पानी के साथ पूरी निगलें। लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें।
क्या गर्भावस्था में बिसोप्रोलोल ली जा सकती है?
NHS के अनुसार इसे गर्भावस्था में लिया जा सकता है, और अतिरिक्त जांच की पेशकश हो सकती है। फ़ैसला आपका डॉक्टर करता है। गर्भवती हों या बच्चे की योजना हो तो डॉक्टर को बताएं, और खुद से इसे बंद न करें।
क्या बिसोप्रोलोल से थकान या हाथ ठंडे होते हैं?
थकान, सिरदर्द और हाथ-पैर ठंडे या सुन्न होना आम है और अक्सर समय के साथ कम हो जाता है। अगर ये परेशान करें या ठीक न हों तो डॉक्टर को बताएं। खुद से दवा बंद न करें।
स्रोत
- Bisoprolol: a medicine for high blood pressure and heart problems. NHS (UK)
- How and when to take bisoprolol. NHS (UK)
- ATC/DDD Index: C07AB Beta blocking agents, selective. WHO Collaborating Centre for Drug Statistics Methodology
- List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)
