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स्पाइरोनोलैक्टोन (Spironolactone): उपयोग, कैसे काम करता है, दवाएँ

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स्पाइरोनोलैक्टोन सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली 'पानी की गोली' है, जो शरीर से अतिरिक्त तरल निकालती है लेकिन पोटैशियम को शरीर में बनाए रखती है। यह शरीर में तरल जमा होने से आई सूजन, हार्ट फेलियर और ऐसे हाई ब्लड प्रेशर में इस्तेमाल होती है जब दूसरी दवाओं से फ़ायदा न हुआ हो। यह खून में पोटैशियम का स्तर बढ़ा सकती है, इसलिए खून की जांच ज़रूरी है। इसे डॉक्टर की सलाह पर ही शुरू या बंद करना चाहिए।

फ़ार्मासिस्ट समीक्षा जारी है। यह पेज नीचे दिए गए स्रोतों पर आधारित है और हमारे पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट इसकी जाँच कर रहे हैं।

अंतिम अपडेट: · गलती बताएँ

स्पाइरोनोलैक्टोन: एक नज़र में. किसलिए इस्तेमाल होती है: तरल जमा होने से आई सूजन, हार्ट फेलियर, ऐसा हाई ब्लड प्रेशर जिसमें दूसरी दवाओं से काफ़ी फ़ायदा न हुआ हो. पहले डॉक्टर से पूछें: गुर्दे या जिगर की बीमारी, एडिसन रोग या पहले कभी पोटैशियम ज़्यादा होना, गर्भावस्था या स्तनपान, पोटैशियम के सप्लीमेंट या नमक के विकल्प. इनके लिए तुरंत चिकित्सा सहायता लें: मांसपेशियों में कमज़ोरी या अनियमित धड़कन, पेशाब बहुत कम आना, त्वचा या आंखों का पीला पड़ना, चेहरे, होंठों या गले में सूजन. ज़्यादा मात्रा में लेना: बताई गई मात्रा से ज़्यादा लेना खतरनाक हो सकता है: 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं, और दवा का पत्ता या डिब्बा साथ ले जाएं. खुराक: लेबल या अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें.

स्पाइरोनोलैक्टोन कैसे काम करती है?

स्पाइरोनोलैक्टोन एल्डोस्टेरोन के रिसेप्टर को रोकती है। एल्डोस्टेरोन एक हॉर्मोन है जिसके कारण गुर्दे (किडनी) नमक और पानी रोक लेते हैं और पोटैशियम बाहर निकाल देते हैं। इससे ज़्यादा नमक और पानी पेशाब में निकल जाता है और पोटैशियम शरीर में रुका रहता है, जिससे अतिरिक्त तरल कम होता है और ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) घट सकता है।

स्पाइरोनोलैक्टोन कैसे लें

लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें। स्पाइरोनोलैक्टोन आमतौर पर खाने के साथ या खाने के ठीक बाद, दिन में एक या दो बार ली जाती है। खुराक कितनी हो और कितने समय तक लेनी है, यह डॉक्टर तय करते हैं।

स्पाइरोनोलैक्टोन के साइड इफेक्ट्स

ज़्यादातर लोग स्पाइरोनोलैक्टोन बिना किसी गंभीर परेशानी के लेते हैं। कुछ साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) आम और हल्के होते हैं, लेकिन कुछ में डॉक्टरी मदद की ज़रूरत होती है।

कम होने वाले या हल्के

  • चक्कर आना
  • जी मिचलाना
  • मांसपेशियों या पैरों में ऐंठन
  • थकान
  • स्तनों में दर्द या उनका बढ़ना, पुरुषों में भी

दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें

  • चेहरे, होंठों या गले में सूजन, या सांस लेने में तकलीफ (गंभीर एलर्जी का असर)। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
  • खून में पोटैशियम ज़्यादा होना: कमज़ोरी, झनझनाहट या अनियमित धड़कन
  • त्वचा (चमड़ी) या आंखों का पीला पड़ना
  • पेशाब बहुत कम आना
  • फ्लू जैसे लक्षणों के साथ त्वचा पर छाले पड़ना। तुरंत डॉक्टरी मदद लें

किन्हें सावधानी रखनी चाहिए

कुछ लोगों को स्पाइरोनोलैक्टोन लेने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, या इसे लेते समय अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए।

जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

  • स्पाइरोनोलैक्टोन या गोली के किसी भी घटक से एलर्जी
  • गुर्दे की गंभीर बीमारी या पेशाब न कर पाना
  • एडिसन रोग या पहले कभी खून में पोटैशियम ज़्यादा होना
  • गुर्दे की गंभीर बीमारी, या पेशाब न कर पाना
  • एडिसन रोग, या पहले कभी खून में पोटैशियम ज़्यादा होना
  • जिगर की बीमारी
  • गर्भावस्था: आमतौर पर इसकी सलाह नहीं दी जाती। स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाना): पहले डॉक्टर से पूछें
  • पोटैशियम के सप्लीमेंट, पोटैशियम से भरपूर खाने की चीज़ें और नमक के विकल्प

स्पाइरोनोलैक्टोन के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें

स्पाइरोनोलैक्टोन दूसरी दवाओं के असर को बदल सकती है, और कुछ दवाएं इसके असर को बदल देती हैं। आप जो भी लेते हैं, उसके बारे में डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) को बताएं, इसमें जड़ी-बूटी की दवाएं और बिना पर्चे के मिलने वाली दर्द की दवाएं भी शामिल हैं।

  • पोटैशियम के सप्लीमेंट और नमक के विकल्प
  • रैमिप्रिल जैसे ACE इनहिबिटर, और पोटैशियम बढ़ाने वाली दूसरी दवाएं
  • एप्लेरेनोन
  • डिगॉक्सिन
  • आइबुप्रोफेन और डाइक्लोफेनैक जैसी NSAID दर्द की दवाएं

अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो

गलती से एक गोली ज़्यादा लेने पर आमतौर पर परेशानी की संभावना कम है, लेकिन बताई गई मात्रा से ज़्यादा लेना खतरनाक हो सकता है। अगर किसी ने बताई गई मात्रा से ज़्यादा ले ली हो, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पत्ता या डिब्बा साथ ले जाएं।

भारत में नियामक स्थिति

भारत में सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा के रूप में बिक्री के लिए मंज़ूर। सिर्फ़ स्पाइरोनोलैक्टोन वाली दवा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 26A के तहत प्रतिबंधित दवाओं की सीडीएससीओ सूची में नहीं है। इसे दूसरी दवाओं के साथ मिलाकर बनी तय मात्रा वाली मिली-जुली दवाओं (कॉम्बिनेशन) पर अलग नियम लागू हो सकते हैं, इसलिए पैक पर लिखे घटकों की सूची देखें।

दवा का प्रकार

स्पाइरोनोलैक्टोन इस प्रकार की दवा है।

स्पाइरोनोलैक्टोन वाली दवाएँ

भारत में बिकने वाली इन दवाओं में स्पाइरोनोलैक्टोन होता है। इन्हें वर्णक्रम में दिया गया है, रैंकिंग के अनुसार नहीं।

स्पाइरोनोलैक्टोन किसलिए इस्तेमाल होती है?

स्पाइरोनोलैक्टोन वाली दवाएँ इन स्थितियों में इस्तेमाल होती हैं।

आम सवाल

स्पाइरोनोलैक्टोन किसलिए इस्तेमाल होती है?

स्पाइरोनोलैक्टोन पर्ची पर मिलने वाली पानी की गोली है, जो शरीर में तरल जमा होने से आई सूजन, हार्ट फेलियर, और ऐसे हाई ब्लड प्रेशर में दी जाती है जब दूसरी दवाओं से काफ़ी फ़ायदा न हुआ हो। यह आपके लिए ठीक है या नहीं, यह डॉक्टर तय करते हैं।

स्पाइरोनोलैक्टोन में खून की जांच क्यों ज़रूरी है?

यह खून में पोटैशियम का स्तर बढ़ा सकती है और गुर्दों पर असर डाल सकती है। ज़्यादा पोटैशियम से कमज़ोरी या अनियमित धड़कन हो सकती है, इसलिए डॉक्टर समय-समय पर खून की जांच करते हैं। अपने डॉक्टर की सलाह मानें।

क्या स्पाइरोनोलैक्टोन के साथ केला खा सकते हैं या नमक का विकल्प ले सकते हैं?

केला, एवोकाडो और कम सोडियम वाले नमक के विकल्पों में पोटैशियम ज़्यादा होता है और स्तर बहुत बढ़ सकता है। खान-पान बदलने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से पूछें कि आपके लिए क्या ठीक है।

क्या स्पाइरोनोलैक्टोन से स्तन बढ़ सकते हैं?

स्तनों में दर्द या उनका बढ़ना एक जाना-माना आम साइड इफेक्ट है, पुरुषों में भी। अगर यह परेशान करे तो डॉक्टर को बताएं। दवा अपने आप बंद न करें।

क्या स्पाइरोनोलैक्टोन और फ्यूरोसेमाइड एक ही हैं?

नहीं। दोनों पानी की गोलियां हैं, पर इनका काम करने का तरीका अलग है। स्पाइरोनोलैक्टोन पोटैशियम को शरीर में रखती है, जबकि फ्यूरोसेमाइड उसे घटा सकती है। डॉक्टर कभी-कभी दोनों देते हैं। हर दवा ठीक वैसे ही लें जैसा बताया गया है।

स्रोत

  1. Spironolactone: a medicine to remove excess fluid. NHS (UK)
  2. Heart failure. NHS (UK)
  3. ATC/DDD Index: C03DA01 spironolactone. WHO Collaborating Centre for Drug Statistics Methodology
  4. List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)