फोर्सिगा 10 (Forxiga 10): उपयोग, यह कैसे काम करती है, साइड इफेक्ट्स
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फोर्सिगा 10 सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली गोली (टैबलेट) है, जिसमें 10 मिलीग्राम डैपाग्लिफ्लोज़िन होता है। यह टाइप 2 डायबिटीज़ के इलाज के लिए और कुछ वयस्कों में लंबे समय के हार्ट फेल्योर या गुर्दे की पुरानी बीमारी के लिए इस्तेमाल होती है। यह SGLT2 इनहिबिटर नाम के समूह की दवा है, जिससे गुर्दे ज़्यादा शुगर पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देते हैं। इसे सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर लिया जाता है, और यह आपको सूट करेगी या नहीं, यह डॉक्टर तय करता है। जननांगों का संक्रमण (इन्फेक्शन) और कभी-कभार कीटोएसिडोसिस इसके अहम जोखिम हैं।
- सक्रिय घटक
- डापाग्लिफ्लोज़िन 10 mg
- दवा का प्रकार
- एसजीएलटी2 इनहिबिटर (SGLT2 inhibitors)
- किसमें इस्तेमाल होती है
- टाइप 2 डायबिटीज़ (मधुमेह)
- असर शुरू होता है
- पहली खुराकों से ही पेशाब में शुगर जाने लगती है; डॉक्टर कुछ हफ्तों में खून और गुर्दे की जांच से असर देखते हैं
- असर रहता है
- पूरे दिन असर करती है, इसीलिए दिन में एक बार ली जाती है
- खाने के साथ या बिना
- खाने के साथ या बिना खाने के ली जा सकती है; लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें
- शराब
- शराब कम से कम रखें, क्योंकि इससे ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) घट सकता है और शरीर में पानी की कमी तथा कीटोएसिडोसिस का जोखिम बढ़ सकता है; डॉक्टर से पूछें
- गर्भावस्था
- गर्भावस्था और स्तनपान में इससे बचें; अगर आप गर्भवती हैं या हो सकती हैं तो डॉक्टर को बताएं
- आदत बनाने वाली
- नहीं
- निर्माता
- एस्ट्राज़ेनेका फ़ार्मा इंडिया लिमिटेड

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फोर्सिगा 10 किसलिए इस्तेमाल होती है?
फोर्सिगा 10 सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। डॉक्टर की सलाह पर यह टाइप 2 डायबिटीज़ के लिए और कुछ वयस्कों में लंबे समय के हार्ट फेल्योर या गुर्दे की पुरानी बीमारी के लिए इस्तेमाल होती है।
- टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में खान-पान और शारीरिक गतिविधि के साथ, अकेले या डायबिटीज़ की दूसरी दवाओं के साथ ब्लड शुगर (खून में शक्कर) घटाना
- वयस्कों में लंबे समय (क्रॉनिक) के हार्ट फेल्योर का इलाज, जब डॉक्टर इसे उचित समझे
- वयस्कों में गुर्दे की पुरानी बीमारी का इलाज, जब डॉक्टर इसे उचित समझे
- टाइप 1 डायबिटीज़ के लिए नहीं
फोर्सिगा 10 कैसे काम करती है?
डैपाग्लिफ्लोज़िन गुर्दे में मौजूद एक प्रोटीन (SGLT2) को रोकती है, जो शुगर को वापस खून में खींच लेता है। प्रोटीन रुकने पर ज़्यादा शुगर पेशाब के साथ बाहर निकल जाती है और ब्लड शुगर घटता है। यह दवा दिल और गुर्दों पर पानी और दबाव का बोझ भी कम करती है, जिससे हार्ट फेल्योर और गुर्दे की बीमारी में फायदा मिलता है।
लेने के बाद आपके शरीर में क्या होता है
आप गोली निगलते हैं
गोली आंत में घुलती है और डैपाग्लिफ्लोज़िन खून में सोखी जाती है। इसे खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है।
यह गुर्दों तक पहुंचती है
डैपाग्लिफ्लोज़िन खून के साथ गुर्दों तक जाती है, जहां खून छनकर पेशाब बनता है।
यह शुगर को वापस सोखने से रोकती है
गुर्दे की नलियों में यह SGLT2 प्रोटीन को रोकती है, जो आम तौर पर छनी हुई शुगर को वापस खून में खींच लेता है।
शुगर और पानी पेशाब में निकलते हैं
ज़्यादा शुगर, और उसके साथ कुछ पानी और नमक, पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाते हैं। ब्लड शुगर घटता है, और ब्लड प्रेशर तथा दिल पर बोझ थोड़ा कम हो सकता है।
शरीर इसे बाहर निकालता है
जिगर (लिवर) डैपाग्लिफ्लोज़िन को तोड़ता है और उसके अवशेष ज़्यादातर पेशाब में निकल जाते हैं। दिन में एक खुराक असर बनाए रखती है।
फोर्सिगा 10 कैसे लें
फोर्सिगा 10 ठीक वैसे ही लें जैसा आपके डॉक्टर ने बताया है या पैक पर छपा है। खुराक कितनी हो और कितने समय तक लेनी है, यह डॉक्टर तय करता है।
- आम तौर पर यह दिन में एक बार, रोज़ लगभग एक ही समय पर ली जाती है।
- इसे खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है। लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें।
- अगर खुराक छूट जाए तो याद आते ही ले लें, लेकिन अगर अगली खुराक में 12 घंटे से कम समय बचा हो तो छूटी हुई खुराक छोड़ दें। दो खुराक एक साथ न लें।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार पानी या तरल पदार्थ पिएं, और खुद से दवा बंद न करें; पहले डॉक्टर से बात करें।
- डॉक्टर ब्लड शुगर, गुर्दे की जांच और ब्लड प्रेशर की जांच करवाएंगे।
फोर्सिगा 10 के साइड इफेक्ट्स
ज़्यादातर लोग डैपाग्लिफ्लोज़िन बिना गंभीर परेशानी के लेते हैं। जननांगों और पेशाब से जुड़े असर आम हैं, और कुछ असर में तुरंत डॉक्टरी मदद चाहिए।
कम होने वाले या हल्के
- महिलाओं और पुरुषों में जननांगों में फंगल इन्फेक्शन (खुजली, स्राव या लाली)
- पेशाब ज़्यादा बार आना, या पेशाब का संक्रमण
- पीठ दर्द
- चक्कर आना, खासकर जल्दी खड़े होने पर
- इंसुलिन या सल्फोनिलयूरिया के साथ लेने पर ब्लड शुगर कम होना: कंपकंपी, पसीना, भूख लगना
दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें
- डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (खून में एसिड बढ़ना) के लक्षण: जी मिचलाना या उल्टी, पेट दर्द, बहुत तेज़ प्यास, तेज़ सांस, उलझन, असामान्य थकान या सुस्ती, या मीठी महक वाली सांस। ब्लड शुगर बहुत ज़्यादा न भी हो सकता है। तुरंत आपातकालीन डॉक्टरी मदद लें
- जननांगों या जननांगों और गुदा के बीच के हिस्से में दर्द, छूने पर दुखन, लाली या सूजन, साथ में बुखार या बेचैनी (फोर्नियर गैंग्रीन नाम का दुर्लभ गंभीर संक्रमण)। तुरंत आपातकालीन डॉक्टरी मदद लें
- बुखार, पीठ दर्द या पेशाब करते समय दर्द जो ठीक न हो (गंभीर पेशाब या गुर्दे के संक्रमण की संभावना)
- चेहरे, होंठ, जीभ या गले में सूजन, या सांस लेने में तकलीफ (गंभीर एलर्जी का असर)। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
- बेहोशी, या पानी की कमी या कम ब्लड प्रेशर से तेज़ चक्कर आना
किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
कुछ लोगों को फोर्सिगा 10 लेने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, या इसे लेते समय अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए।
जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
- डापाग्लिफ्लोज़िन या गोली के किसी भी घटक से एलर्जी
- टाइप 1 डायबिटीज़
- कीटोएसिडोसिस: यह टाइप 2 डायबिटीज़ में भी हो सकता है, और ब्लड शुगर सिर्फ़ थोड़ा बढ़ा हो सकता है। बीमारी, शरीर में पानी की कमी, खाना न खाना, ज़्यादा शराब, सर्जरी और इंसुलिन अचानक घटाना जोखिम बढ़ाते हैं। अगर आपको लगे कि यह हो सकता है तो डॉक्टर को बताएं
- बीमारी के दिन: उल्टी, दस्त, बुखार या खाना न खाने से शरीर में पानी की कमी और कीटोएसिडोसिस हो सकता है। उन दिनों अपनी डायबिटीज़ की दवाओं के बारे में डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें। बिना बताए खुद से बंद न करें
- सर्जरी या ऐसी प्रक्रिया जिसमें खाली पेट रहना हो: डॉक्टर को बताएं कि आप यह दवा लेते हैं, क्योंकि इसे पहले से रोकना पड़ सकता है
- शरीर में पानी की कमी, कम ब्लड प्रेशर, ज़्यादा उम्र, गुर्दे की बीमारी, या पानी की गोलियां (डाइयूरेटिक): आपको बेहोशी जैसा लग सकता है या गुर्दों पर ज़ोर पड़ सकता है
- अगर आपको अक्सर जननांगों या पेशाब का संक्रमण होता है तो डॉक्टर को बताएं
- टाइप 1 डायबिटीज़: यह दवा उपयुक्त नहीं है
- इंसुलिन या सल्फोनिलयूरिया के साथ लेने पर ब्लड शुगर कम होना: उनकी खुराक घटानी पड़ सकती है
- गर्भावस्था और स्तनपान: इससे बचें; अगर आप गर्भवती हैं, बच्चे की योजना बना रही हैं या स्तनपान करा रही हैं तो डॉक्टर को बताएं
- डैपाग्लिफ्लोज़िन से पहले कभी एलर्जी का असर (रिएक्शन) हुआ हो
फोर्सिगा 10 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
फोर्सिगा 10 दूसरी दवाओं के काम करने का तरीका बदल सकती है, और कुछ दवाएं इसके असर को बदल देती हैं। जो भी दवाएं आप लेते हैं, जड़ी-बूटी वाले उपाय सहित, उनके बारे में डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं।
- फ्यूरोसेमाइड जैसी पानी की गोलियां (डाइयूरेटिक) और ब्लड प्रेशर की दूसरी दवाएं: ब्लड प्रेशर और शरीर का पानी ज़रूरत से ज़्यादा घट सकता है
- इंसुलिन और सल्फोनिलयूरिया गोलियां (जैसे ग्लाइक्लाज़ाइड या ग्लिमेपिराइड): ब्लड शुगर कम होने की संभावना बढ़ती है और खुराक बदलनी पड़ सकती है
- लिथियम: खून में इसका स्तर बदल सकता है, इसलिए डॉक्टर इसकी जांच कर सकते हैं
- शराब: इससे शरीर में पानी की कमी, कम ब्लड प्रेशर और कीटोएसिडोसिस का जोखिम बढ़ सकता है
लैब जाँच पर असर
- गुर्दे की जांच: इलाज से पहले और इलाज के दौरान की जाती है
- ब्लड शुगर और HbA1c जांच: यह देखने के लिए कि डायबिटीज़ कितनी काबू में है
अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
गलती से एक गोली ज़्यादा खा लेना शायद गंभीर न हो, लेकिन इससे ज़्यादा मात्रा को डॉक्टरी मामला मानें। अगर किसी ने बताई गई मात्रा से बहुत ज़्यादा दवा खा ली हो, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पैक साथ ले जाएं।
कैसे रखें
30 C से कम तापमान पर, सूखी जगह पर, नमी से बचाकर, असली पत्ते (स्ट्रिप) में और बच्चों की पहुंच से दूर रखें। एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) के बाद इस्तेमाल न करें। रखने के सही तरीके के लिए पैक देखें।
भारत में नियामक स्थिति
भारत में सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा के रूप में बिक्री के लिए मंज़ूर (अनुमोदित)। सिर्फ़ डैपाग्लिफ्लोज़िन वाली दवा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 26A के तहत सीडीएससीओ की प्रतिबंधित दवाओं की सूची में नहीं है। फोर्सिगा 10 में सिर्फ़ डैपाग्लिफ्लोज़िन है।
इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड
डैपाग्लिफ्लोज़िन 10 मिलीग्राम की गोलियां दूसरे ब्रांड नामों से और जेनेरिक दवा के रूप में भी बिकती हैं। उनमें वही दवा होती है; खुराक की मात्रा के लिए लेबल देखें। इसी ब्रांड परिवार के कुछ उत्पादों में मेटफॉर्मिन या दूसरी दवाएं भी होती हैं, इसलिए डॉक्टर से पूछे बिना इन्हें आपस में न बदलें।
अन्य मात्रा और रूप
डैपाग्लिफ्लोज़िन अलग-अलग मात्रा में बिकती है, और मेटफॉर्मिन या डायबिटीज़ की दूसरी दवाओं के साथ मिली-जुली दवा (कॉम्बिनेशन) गोलियों में भी। मात्रा और घटक पैक पर छपे होते हैं और सभी उत्पादों में एक जैसे नहीं होते, इसलिए जो आपके पास है उसका लेबल देखें।
आम सवाल
क्या फोर्सिगा 10 सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है?
हां। भारत में डैपाग्लिफ्लोज़िन सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। इसे तभी लें जब डॉक्टर ने लिखी हो, और डॉक्टर की सलाह के बिना इसे शुरू, बंद या बदलें नहीं। ठीक महसूस होने पर भी बताए अनुसार लेते रहें।
क्या फोर्सिगा 10 सिर्फ़ शुगर (डायबिटीज़) की दवा है?
नहीं। यह टाइप 2 डायबिटीज़ के लिए इस्तेमाल होती है, और कुछ वयस्कों में लंबे समय के हार्ट फेल्योर और गुर्दे की पुरानी बीमारी के लिए भी। आप पर कौन सा इस्तेमाल लागू होता है, यह डॉक्टर तय करता है। यह टाइप 1 डायबिटीज़ के लिए नहीं है।
फोर्सिगा 10 से जननांगों में संक्रमण क्यों होता है?
यह दवा पेशाब में शुगर निकालती है, और वह शुगर जननांगों के आसपास यीस्ट और कीटाणुओं को बढ़ने में मदद करती है। फंगल इन्फेक्शन आम है और ठीक हो सकता है। खुजली, जलन या स्राव हो तो डॉक्टर को बताएं, और तेज़ दर्द, सूजन या बुखार हो तो तुरंत मदद लें।
डायबिटिक कीटोएसिडोसिस क्या है?
यह खून में एसिड जमा होने की स्थिति है। डैपाग्लिफ्लोज़िन से यह तब भी हो सकता है जब ब्लड शुगर बहुत ज़्यादा न हो। लक्षण हैं जी मिचलाना, उल्टी, पेट दर्द, तेज़ सांस, उलझन और असामान्य थकान। तुरंत आपातकालीन डॉक्टरी मदद लें।
फोर्सिगा 10 लेते समय बीमारी के दिन मुझे क्या करना चाहिए?
उल्टी, दस्त, बुखार या खाना न खाने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है और कीटोएसिडोसिस का जोखिम बढ़ता है। उन दिनों अपनी डायबिटीज़ की दवाओं के बारे में डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें। जब तक बताया न गया हो, खुद से बंद या बदलें नहीं।
क्या सर्जरी से पहले फोर्सिगा 10 बंद करनी पड़ती है?
सर्जरी या खाली पेट रहने वाली प्रक्रिया से कुछ दिन पहले इसे रोकना पड़ सकता है। सर्जन और बेहोशी के डॉक्टर को बताएं कि आप यह लेते हैं और उनकी बात मानें। यह खुद तय न करें।
क्या मैं गर्भावस्था में फोर्सिगा 10 ले सकती हूं?
गर्भावस्था या स्तनपान में इसकी सलाह नहीं दी जाती। अगर आप गर्भवती हैं, बच्चे की योजना बना रही हैं या स्तनपान करा रही हैं तो डॉक्टर को बताएं। डॉक्टर से बात किए बिना बंद न करें, क्योंकि बेकाबू डायबिटीज़ भी जोखिम भरी है।
फोर्सिगा 10 और डैपाग्लिफ्लोज़िन 10 मिलीग्राम में क्या फर्क है?
फोर्सिगा ब्रांड का नाम है, और डैपाग्लिफ्लोज़िन उसके अंदर की दवा है। जेनेरिक डैपाग्लिफ्लोज़िन 10 मिलीग्राम गोलियों में वही मुख्य घटक (असली दवा) होता है। पैक पर खुराक की मात्रा और घटकों की सूची देखें, और बदलने से पहले डॉक्टर से पूछें।
स्रोत
- Forxiga (dapagliflozin): EPAR medicine overview. European Medicines Agency
- Dapagliflozin: a medicine for type 2 diabetes, heart failure and chronic kidney disease. NHS (UK)
- Farxiga (dapagliflozin): prescribing information, openFDA record. openFDA, US Food and Drug Administration
- Type 2 diabetes: treatment. NHS (UK)
- List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)
- National Formulary of India. Indian Pharmacopoeia Commission
