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ग्लिज़िड 30 (Glizid 30): उपयोग, यह कैसे काम करती है, साइड इफेक्ट्स

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ग्लिज़िड 30 डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली गोली है, जिसमें 30 मिलीग्राम ग्लिक्लाज़ाइड मॉडिफाइड-रिलीज़ रूप में होती है। यह खान-पान और शारीरिक गतिविधि के साथ टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में ब्लड शुगर घटाने के लिए इस्तेमाल होती है। यह सल्फोनीलयूरिया नाम के समूह की दवा है, जो अग्न्याशय (पैंक्रियास) को ज़्यादा इंसुलिन छोड़ने में मदद करती है। इसे सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर लें और डॉक्टर के बिना न शुरू करें, न बंद करें। इसका मुख्य खतरा ब्लड शुगर कम होना (हाइपोग्लाइसीमिया) है।

सक्रिय घटक
ग्लिक्लाज़ाइड 30 mg
दवा का प्रकार
सल्फोनिलयूरिया
किसमें इस्तेमाल होती है
टाइप 2 डायबिटीज़ (मधुमेह)
असर शुरू होता है
खुराक के कुछ घंटों में ब्लड शुगर गिरने लगता है; डॉक्टर कई हफ़्तों में खून की जांच से असर देखते हैं
असर रहता है
मॉडिफाइड-रिलीज़ गोली दवा को दिन भर धीरे-धीरे छोड़ती है, इसलिए यह आमतौर पर दिन में एक बार ली जाती है; लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें
खाने के साथ या बिना
आमतौर पर नाश्ते या किसी भोजन के साथ ली जाती है; इसे लेते समय खाना न छोड़ें
शराब
बेहतर है कि न लें, क्योंकि शराब से ब्लड शुगर कम हो सकता है; अपने डॉक्टर से पूछें
गर्भावस्था
आमतौर पर इस्तेमाल नहीं होती; गर्भवती हों या गर्भवती होने की संभावना हो तो डॉक्टर को बताएं
आदत बनाने वाली
नहीं
निर्माता
Mankind Pharma Ltd
ग्लिज़िड 30: एक नज़र में. किसलिए इस्तेमाल होती है: वयस्कों में टाइप 2 डायबिटीज़. पहले डॉक्टर से पूछें: गंभीर गुर्दे या जिगर की बीमारी, G6PD की कमी, खाना छोड़ना या शराब पीना, डायबिटीज़ की दूसरी दवाएं या इंसुलिन, एंटीबायोटिक या फफूंद-रोधी दवाएं, गर्भावस्था या स्तनपान. इनके लिए तुरंत चिकित्सा सहायता लें: बहुत ज़्यादा कम ब्लड शुगर: उलझन, दौरे या बेहोशी, चेहरे, होंठ या गले में सूजन, त्वचा या आंखों का पीला पड़ना, आसानी से नील पड़ना, खून बहना या बुखार. ज़्यादा मात्रा में लेना: ज़्यादा लेने पर ब्लड शुगर बहुत कम हो सकता है: 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं, भले ही व्यक्ति ठीक महसूस करे. खुराक: लेबल या अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें.

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इस पेज पर
  1. ग्लिज़िड 30 किसलिए इस्तेमाल होती है?
  2. ग्लिज़िड 30 कैसे काम करती है?
  3. ग्लिज़िड 30 कैसे लें
  4. ग्लिज़िड 30 के साइड इफेक्ट्स
  5. किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
  6. ग्लिज़िड 30 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
  7. अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
  8. कैसे रखें
  9. भारत में नियामक स्थिति
  10. इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड
  11. अन्य मात्रा और रूप
  12. आम सवाल

ग्लिज़िड 30 किसलिए इस्तेमाल होती है?

ग्लिज़िड 30 सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। डॉक्टर की सलाह पर यह टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में ब्लड शुगर काबू में रखने में मदद के लिए इस्तेमाल होती है।

  • टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में खान-पान और शारीरिक गतिविधि के साथ ब्लड शुगर घटाना
  • टाइप 1 डायबिटीज़ के लिए नहीं है

ग्लिज़िड 30 कैसे काम करती है?

ग्लिक्लाज़ाइड अग्न्याशय की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर असर करती है और उनसे ज़्यादा इंसुलिन छुड़वाती है। ज़्यादा इंसुलिन से शरीर खून से शक्कर को बाहर खींच पाता है। मॉडिफाइड-रिलीज़ गोली में दवा कई घंटों में धीरे-धीरे निकलती है।

लेने के बाद आपके शरीर में क्या होता है

  1. आप गोली को साबुत निगलते हैं

    मॉडिफाइड-रिलीज़ गोली को पानी के साथ साबुत निगलें। यह आंत में धीरे-धीरे घुलती है और ग्लिक्लाज़ाइड कई घंटों में खून में सोखी जाती है।

  2. यह अग्न्याशय तक पहुंचती है

    ग्लिक्लाज़ाइड खून के ज़रिए अग्न्याशय तक पहुंचती है और इंसुलिन बनाने वाली (बीटा) कोशिकाओं से जुड़ जाती है।

  3. कोशिकाएं ज़्यादा इंसुलिन छोड़ती हैं

    कोशिकाओं से जुड़ने पर वे ज़्यादा इंसुलिन छोड़ती हैं, चाहे उस समय ब्लड शुगर ज़्यादा हो या नहीं।

  4. ब्लड शुगर घटता है

    ज़्यादा इंसुलिन होने से मांसपेशियां और शरीर के दूसरे ऊतक खून से ज़्यादा शक्कर लेते हैं और ब्लड शुगर नीचे आता है। असर ज़्यादा हो जाए या कोई भोजन छूट जाए तो यह ज़रूरत से ज़्यादा गिर सकता है।

  5. शरीर इसे बाहर निकालता है

    जिगर (लिवर) ग्लिक्लाज़ाइड को तोड़ता है और उसके अंश ज़्यादातर पेशाब से बाहर निकलते हैं। गंभीर गुर्दे (किडनी) या जिगर की बीमारी वाले लोगों में यह ठीक से बाहर नहीं निकलती, और आमतौर पर उनके लिए सही नहीं होती।

ग्लिज़िड 30 कैसे लें

ग्लिज़िड 30 ठीक वैसे लें जैसा आपके डॉक्टर ने बताया है या पैक पर लिखा है। खुराक डॉक्टर तय करते हैं और कई हफ़्तों में बदल सकते हैं।

  • यह आमतौर पर दिन में एक बार, नाश्ते या किसी भोजन के साथ, रोज़ लगभग एक ही समय पर ली जाती है। लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें।
  • गोली को पानी के साथ साबुत निगलें। इसे तोड़ने या कुचलने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) से पूछें, क्योंकि यह मॉडिफाइड-रिलीज़ गोली है।
  • इसे लेते समय खाना न छोड़ें: बिना खाए ब्लड शुगर बहुत कम हो सकता है।
  • अगर खुराक छूट जाए तो याद आते ही ले लें, लेकिन अगली खुराक का समय लगभग हो गया हो तो न लें। दो खुराकें एक साथ न लें।
  • इसे अपने आप बंद न करें, क्योंकि ब्लड शुगर फिर बढ़ सकता है; पहले डॉक्टर से बात करें।

ग्लिज़िड 30 के साइड इफेक्ट्स

ब्लड शुगर कम होना ग्लिज़िड 30 का मुख्य साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) है। दूसरे असर आमतौर पर हल्के होते हैं, लेकिन कुछ में डॉक्टरी मदद की ज़रूरत पड़ती है।

कम होने वाले या हल्के

  • ब्लड शुगर कम होना: चक्कर आना, कंपकंपी, पसीना, तेज़ भूख, जी मिचलाना, उल्टी या थकान
  • पेट दर्द या दस्त (पतला पाखाना)
  • वज़न बढ़ना

दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें

  • बहुत ज़्यादा कम ब्लड शुगर: उलझन, दौरे या बेहोशी। इसे आपातकाल (इमरजेंसी) मानें और तुरंत डॉक्टरी मदद लें
  • चेहरे, होंठ, जीभ या गले में सूजन, गंभीर दाने / चकत्ते या सांस लेने में तकलीफ (गंभीर एलर्जी का असर)। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
  • त्वचा (चमड़ी) या आंखों का पीला पड़ना (जिगर की संभावित समस्या)
  • आसानी से नील पड़ना, खून बहना या बुखार (खून की कोशिकाओं की गिनती में बदलाव की संभावना)

किन्हें सावधानी रखनी चाहिए

कुछ लोगों को ग्लिज़िड 30 लेने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, या इसे लेते समय खास सावधानी रखनी चाहिए।

जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

  • ग्लिक्लाज़ाइड या इसी तरह की दवाओं से एलर्जी
  • टाइप 1 डायबिटीज़ या डायबिटिक कीटोएसिडोसिस
  • गुर्दे (किडनी) या जिगर (लिवर) की गंभीर बीमारी
  • एक्यूट पॉरफाइरिया
  • खाना छोड़ने या देर से खाने, शराब पीने, ज़ोर की कसरत करने, उम्र ज़्यादा होने, या गुर्दे या जिगर की समस्या होने पर ब्लड शुगर कम होने की संभावना ज़्यादा होती है। चेतावनी के लक्षण पहचानें और घर या काम के लोगों को बताएं कि क्या करना है
  • गंभीर गुर्दे या जिगर की बीमारी, या एक्यूट पोर्फिरिया: आमतौर पर यह दवा सही नहीं होती
  • G6PD की कमी: लाल रक्त कोशिकाएं टूट सकती हैं; अपने डॉक्टर को बताएं
  • बीटा-ब्लॉकर दवाएं ब्लड शुगर कम होने के चेतावनी के लक्षण छिपा सकती हैं
  • उल्टी, दस्त, बुखार या खाना न खा पाने की बीमारी: ब्लड शुगर घट या बढ़ सकता है; अपनी डायबिटीज़ की दवाओं के बारे में सलाह के लिए डॉक्टर या फार्मासिस्ट से संपर्क करें। बिना कहे अपने आप बंद न करें
  • सर्जरी, उपवास वाली कोई जांच-प्रक्रिया, या कोई नई गंभीर बीमारी या चोट: डॉक्टर को बताएं कि आप यह दवा लेते हैं
  • गाड़ी चलाना या मशीन चलाना: ब्लड शुगर कम होने या चक्कर आने से ध्यान लगाने में दिक्कत हो सकती है। अपने डॉक्टर से पूछ लें
  • गर्भावस्था और स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाना): आमतौर पर इस्तेमाल नहीं होती; डॉक्टर दूसरा इलाज सुझा सकते हैं। गर्भवती हों, बच्चे की योजना बना रही हों या स्तनपान करा रही हों तो डॉक्टर को बताएं
  • ग्लिक्लाज़ाइड या इसी तरह की दवाओं से पहले कभी गंभीर रिएक्शन होना

ग्लिज़िड 30 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें

ग्लिज़िड 30 दूसरी दवाओं के असर को बदल सकती है, और कुछ दवाएं इसके असर को बदल देती हैं। आप जो भी लेते हैं, जड़ी-बूटी की दवाएं और बिना पर्चे के ली गई दर्द की दवाएं भी, उनके बारे में अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं।

  • इंसुलिन और डायबिटीज़ की दूसरी दवाएं (शक्कर और वज़न के लिए नए इंजेक्शन भी): ब्लड शुगर कम होने की संभावना बढ़ती है, और खुराक बदलनी पड़ सकती है
  • क्लैरिथ्रोमाइसिन जैसे कुछ एंटीबायोटिक, और फ्लूकोनाज़ोल व माइकोनाज़ोल जैसी फफूंद-रोधी दवाएं: ये इसका असर बढ़ाकर ब्लड शुगर कम कर सकती हैं
  • आइबुप्रोफेन या डाइक्लोफेनाक जैसी NSAID दर्द की दवाएं, और ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) व दिल की कुछ दवाएं: ये ब्लड शुगर घटाने का असर बढ़ा सकती हैं या चेतावनी के लक्षण छिपा सकती हैं
  • स्टेरॉयड (कॉर्टिकोस्टेरॉयड), थियाज़ाइड पेशाब बढ़ाने वाली गोलियां और एस्ट्रोजन: ये ब्लड शुगर बढ़ा सकती हैं और इसका असर कमज़ोर कर सकती हैं
  • शराब: इससे ब्लड शुगर कम हो सकता है और अनजाने असर हो सकते हैं

लैब जाँच पर असर

  • ब्लड शुगर और HbA1c जांच: यह देखने के लिए कि डायबिटीज़ कितनी काबू में है

अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो

ग्लिज़िड 30 ज़रूरत से ज़्यादा लेने पर ब्लड शुगर बहुत ज़्यादा और देर तक कम रह सकता है, जिससे दौरे या बेहोशी हो सकती है। अगर किसी ने बताई मात्रा से ज़्यादा ले ली है, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पैक साथ ले जाएं, भले ही वह ठीक महसूस कर रहा हो।

कैसे रखें

30 C से नीचे, सूखी जगह पर, नमी से बचाकर, अपने मूल पत्ते (स्ट्रिप) में और बच्चों की पहुंच से दूर रखें। एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) के बाद इस्तेमाल न करें। रखने के सही निर्देश के लिए पैक देखें।

भारत में नियामक स्थिति

भारत में सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा के रूप में बिक्री के लिए मंज़ूर। अकेली ग्लिक्लाज़ाइड ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 26A के तहत सीडीएससीओ की प्रतिबंधित दवाओं की सूची में नहीं है, लेकिन ग्लिक्लाज़ाइड की पियोग्लिटाज़ोन या मेटफॉर्मिन के साथ कई मिली-जुली दवाएं (फिक्स्ड-डोज़ कॉम्बिनेशन) प्रतिबंधित हैं, इसलिए पैक पर घटकों की सूची देखें। ग्लिज़िड 30 में सिर्फ़ ग्लिक्लाज़ाइड है।

इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड

ग्लिक्लाज़ाइड 30 मिलीग्राम मॉडिफाइड-रिलीज़ गोलियां दूसरे ब्रांड नामों से और जेनेरिक दवा के रूप में भी बिकती हैं। इनमें वही दवा होती है; लेबल पर खुराक की मात्रा और मॉडिफाइड-रिलीज़ (MR) लिखा देखें। ग्लिक्लाज़ाइड दूसरी मात्राओं और गोली के प्रकारों में, और दूसरी दवाओं के साथ मिलाकर भी बिकती है, इसलिए डॉक्टर से पूछे बिना एक दवा से दूसरी पर न जाएं।

अन्य मात्रा और रूप

ग्लिक्लाज़ाइड अलग-अलग मात्राओं में, साधारण और मॉडिफाइड-रिलीज़ गोलियों के रूप में, और डायबिटीज़ की दूसरी दवाओं के साथ मिली-जुली गोलियों में बिकती है। भारत में ग्लिक्लाज़ाइड की पियोग्लिटाज़ोन या मेटफॉर्मिन के साथ कई मिली-जुली दवाएं प्रतिबंधित हैं, इसलिए आपके पास जो पैक है उस पर घटकों की सूची देखें।

आम सवाल

क्या ग्लिज़िड 30 सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है?

हां। भारत में ग्लिक्लाज़ाइड सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। इसे तभी लें जब डॉक्टर ने लिखी हो, और डॉक्टर की सलाह के बिना न शुरू करें, न बंद करें, न बदलें। ठीक महसूस होने पर भी बताए अनुसार लेते रहें।

क्या ग्लिज़िड 30 शुगर (डायबिटीज़) की दवा है?

हां। ग्लिज़िड 30 में ग्लिक्लाज़ाइड है, जो खान-पान और गतिविधि के साथ टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में ब्लड शुगर घटाने के लिए इस्तेमाल होती है। यह टाइप 1 डायबिटीज़ के लिए नहीं है। आपके लिए सही है या नहीं, यह डॉक्टर तय करते हैं।

पैक पर MR का क्या मतलब है?

MR यानी मॉडिफाइड रिलीज़। गोली ग्लिक्लाज़ाइड को कई घंटों में धीरे-धीरे छोड़ती है, इसलिए यह आमतौर पर दिन में एक बार ली जाती है। इसे साबुत निगलें और तोड़ने या कुचलने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें।

ग्लिज़िड 30 से ब्लड शुगर कम क्यों हो सकता है?

यह अग्न्याशय से इंसुलिन तब भी छुड़वाती है जब ब्लड शुगर ज़्यादा नहीं होता। खाना छोड़ने, शराब पीने, ज़ोर की कसरत करने या डायबिटीज़ की दूसरी दवाएं लेने पर ब्लड शुगर बहुत गिर सकता है। चेतावनी के लक्षण पहचानें और इसके इलाज के लिए डॉक्टर की योजना मानें।

बीमार होने या खाना न खाने पर क्या मैं ग्लिज़िड 30 ले सकता हूं?

उल्टी, दस्त या बुखार की बीमारी, या खाना न खाने से ब्लड शुगर बदल सकता है। उन दिनों डायबिटीज़ की दवाओं के बारे में सलाह के लिए डॉक्टर या फार्मासिस्ट से संपर्क करें। बिना बताए इसे अपने आप बंद या बदलें नहीं।

क्या ग्लिज़िड 30 लेते समय शराब पी सकते हैं?

शराब से ब्लड शुगर कम हो सकता है और उसके लक्षण पहचानना मुश्किल हो सकता है। बेहतर है कि न पिएं या बहुत कम पिएं। आपके लिए कितनी ठीक है, यह डॉक्टर से पूछें।

क्या गर्भावस्था में ग्लिज़िड 30 ले सकते हैं?

यह आमतौर पर गर्भावस्था या स्तनपान में इस्तेमाल नहीं होती, और डॉक्टर दूसरा इलाज सुझा सकते हैं। गर्भवती हों, बच्चे की योजना बना रही हों या स्तनपान करा रही हों तो डॉक्टर को बताएं। डॉक्टर से बात किए बिना इसे बंद न करें।

ग्लिज़िड 30 और ग्लिक्लाज़ाइड 30 मिलीग्राम MR में क्या फ़र्क है?

ग्लिज़िड ब्रांड का नाम है और ग्लिक्लाज़ाइड उसके अंदर की दवा। जेनेरिक ग्लिक्लाज़ाइड 30 मिलीग्राम MR गोलियों में वही मुख्य घटक (असली दवा) होता है। पैक पर मात्रा और घटकों की सूची देखें, और दूसरी दवा पर जाने से पहले डॉक्टर से पूछें।

स्रोत

  1. Gliclazide: a medicine for type 2 diabetes. NHS (UK)
  2. Glimepiride tablets: prescribing information (label effective 11/2024). DailyMed, US National Library of Medicine
  3. Type 2 diabetes: treatment. NHS (UK)
  4. List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)
  5. National Formulary of India. Indian Pharmacopoeia Commission