ग्लाइकोमेट-500 (Glycomet-500): उपयोग, यह कैसे काम करती है, साइड इफेक्ट्स
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ग्लाइकोमेट-500 एक गोली (टैबलेट) है जिसमें 500 mg मेटफॉर्मिन होती है। यह टाइप 2 डायबिटीज़ के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा है। यह जिगर (लिवर) से निकलने वाली शक्कर को कम करके और शरीर को अपने इंसुलिन पर बेहतर असर करने में मदद करके ब्लड शुगर कम करने में सहायक है। यह सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है और इसे डॉक्टर के बताए खान-पान और गतिविधि की योजना के साथ लिया जाता है।
- सक्रिय घटक
- मेटफॉर्मिन 500 mg
- दवा का प्रकार
- बिगुआनाइड
- किसमें इस्तेमाल होती है
- टाइप 2 डायबिटीज़ (मधुमेह)
- असर शुरू होता है
- ब्लड शुगर आमतौर पर कुछ दिनों से दो-एक हफ़्तों में गिरना शुरू होती है; डॉक्टर खून की जांच से इसे देखते हैं
- असर रहता है
- हर खुराक का असर कई घंटे रहता है, इसलिए इसे दिन में एक से ज़्यादा बार लिया जाता है
- खाने के साथ या बिना
- आमतौर पर खाने के साथ या खाने के ठीक बाद
- शराब
- सीमित रखें; शराब से लैक्टिक एसिडोसिस नाम की दुर्लभ गंभीर समस्या का खतरा बढ़ता है
- गर्भावस्था
- अपने डॉक्टर से पूछें
- आदत बनाने वाली
- नहीं
- निर्माता
- USV Private Limited

फ़ार्मासिस्ट समीक्षा जारी है। यह पेज नीचे दिए गए स्रोतों पर आधारित है और हमारे पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट इसकी जाँच कर रहे हैं।
इस पेज पर
- ग्लाइकोमेट-500 किसलिए इस्तेमाल होती है?
- ग्लाइकोमेट-500 कैसे काम करती है?
- ग्लाइकोमेट-500 कैसे लें
- ग्लाइकोमेट-500 के साइड इफेक्ट्स
- किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
- ग्लाइकोमेट-500 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
- अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
- कैसे रखें
- भारत में नियामक स्थिति
- इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड
- अन्य मात्रा और रूप
- आम सवाल
ग्लाइकोमेट-500 किसलिए इस्तेमाल होती है?
ग्लाइकोमेट-500 वयस्कों में टाइप 2 डायबिटीज़ के ब्लड शुगर को कम करने के लिए इस्तेमाल होती है।
- टाइप 2 डायबिटीज़, खान-पान और शारीरिक गतिविधि के साथ
- 10 साल और उससे बड़े बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज़, जब डॉक्टर लिखें
- टाइप 2 डायबिटीज़, अकेले या डायबिटीज़ की दूसरी दवाओं या इंसुलिन के साथ, जैसा आपका डॉक्टर तय करे
ग्लाइकोमेट-500 कैसे काम करती है?
टाइप 2 डायबिटीज़ में शरीर इंसुलिन पर ठीक से असर नहीं करता, इसलिए खून में शक्कर जमा होने लगती है। मेटफॉर्मिन जिगर (लिवर) से निकलने वाली शक्कर की मात्रा घटाती है, आंत से खाने की शक्कर के सोखे जाने को धीमा करती है, और मांसपेशियों व दूसरे ऊतकों को इंसुलिन पर बेहतर असर करने में मदद करती है। अकेली लेने पर यह आमतौर पर ब्लड शुगर को ज़रूरत से ज़्यादा नीचे नहीं ले जाती।
लेने के बाद आपके शरीर में क्या होता है
आप गोली निगलते हैं
मेटफॉर्मिन मुंह से ली जाती है, आमतौर पर खाने के साथ या खाने के ठीक बाद। खाने के साथ लेने से पेट और आंतों के वे साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) कम होते हैं जो कई लोगों को शुरू में महसूस होते हैं।
यह आंत से खून में सोखी जाती है
मेटफॉर्मिन मुख्य रूप से छोटी आंत में सोखी जाती है और खून में पहुंचती है। खुराक का पूरा हिस्सा नहीं सोखा जाता और कुछ आंत में ही रह जाता है। यही एक कारण है कि इससे पतला पाखाना या गैस हो सकती है।
यह जिगर (लिवर), आंत और मांसपेशियों तक पहुंचती है
खून मेटफॉर्मिन को जिगर (लिवर), आंत की परत और मांसपेशियों तक ले जाता है। इसे दूसरे रूप में बदलने के लिए जिगर (लिवर) की ज़रूरत नहीं पड़ती।
जिगर (लिवर) कम शक्कर छोड़ता है
खानों के बीच जिगर (लिवर) आमतौर पर खून में शक्कर छोड़ता है। टाइप 2 डायबिटीज़ में वह ज़रूरत से ज़्यादा छोड़ता है। मेटफॉर्मिन इसे कम करती है, और ब्लड शुगर पर इसका मुख्य असर यही है।
ऊतक इंसुलिन पर बेहतर असर करते हैं
शरीर जो इंसुलिन पहले से बनाता है, मेटफॉर्मिन उसके असर से मांसपेशियों और दूसरे ऊतकों को खून से शक्कर आसानी से लेने में मदद करती है। यह खाने के बाद सोखी जाने वाली शक्कर की मात्रा भी घटाती है।
ब्लड शुगर धीरे-धीरे नीचे आती है
दिनों से हफ़्तों में, खान-पान और गतिविधि के साथ, ब्लड शुगर की रीडिंग और HbA1c जांच (लगभग तीन महीने का औसत) आमतौर पर बेहतर होती है। डॉक्टर इन जांचों से तय करते हैं कि खुराक सही है या नहीं।
गुर्दे (किडनी) इसे बाहर निकालते हैं
मेटफॉर्मिन ज़्यादातर बिना बदले पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकलती है। इसीलिए गुर्दे (किडनी) का काम मायने रखता है: अगर गुर्दे (किडनी) ठीक से काम न करें तो मेटफॉर्मिन शरीर में जमा हो सकती है, और डॉक्टर इसे न देने या गुर्दे (किडनी) की नियमित जांच करने का फ़ैसला कर सकते हैं।
ग्लाइकोमेट-500 कैसे लें
ग्लाइकोमेट-500 को लेबल पर लिखे या अपने डॉक्टर के बताए तरीके से ही लें। खुराक डॉक्टर तय करते हैं और पेट के साइड इफेक्ट कम रखने के लिए उसे धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।
- इसे आमतौर पर खाने के साथ या खाने के ठीक बाद, दिन में एक से तीन बार लिया जाता है, जैसा आपका डॉक्टर लिखे।
- गोली को पानी के साथ साबुत निगलें।
- अगर खुराक छूट जाए तो याद आते ही ले लें, जब तक अगली खुराक का समय लगभग न हो गया हो। छूटी हुई खुराक की भरपाई के लिए दो खुराकें एक साथ न लें।
- डॉक्टर से बात किए बिना इसे लेना बंद न करें, क्योंकि ब्लड शुगर फिर बढ़ सकती है।
- अगर आपको उल्टी, दस्त या बुखार है और आप ज़रूरत भर पानी नहीं पी पा रहे, तो सलाह के लिए अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) से संपर्क करें, क्योंकि शरीर में पानी की कमी से परेशानियों का खतरा बढ़ता है।
- मेटफॉर्मिन आमतौर पर वयस्कों और 10 साल व उससे बड़े बच्चों में इस्तेमाल होती है। बच्चों में इसका इस्तेमाल डॉक्टर तय करते हैं।
ग्लाइकोमेट-500 के साइड इफेक्ट्स
ज़्यादातर लोग मेटफॉर्मिन बिना किसी गंभीर परेशानी के लेते हैं। पेट और आंतों से जुड़े साइड इफेक्ट सबसे आम हैं, और ये आमतौर पर पहले दो-एक हफ़्तों के बाद कम हो जाते हैं।
कम होने वाले या हल्के
- जी मिचलाना या उल्टी होना
- दस्त (पतला पाखाना)
- पेट में दर्द
- भूख कम लगना
- खाने के स्वाद में बदलाव (अक्सर मुंह में धातु जैसा स्वाद)
- गैस या अपच
- लंबे समय तक लेने पर विटामिन B12 की कमी, जिससे थकान हो सकती है
दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें
- लैक्टिक एसिडोसिस (खून में एसिड (तेज़ाब) ज़्यादा हो जाना) के लक्षण, जो दुर्लभ लेकिन गंभीर समस्या है: बार-बार उल्टी, पेट में दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, तेज़ या मुश्किल से सांस आना, बहुत थकान या बेचैनी महसूस होना। तुरंत आपातकालीन डॉक्टरी मदद लें
- गंभीर एलर्जी का असर (रिएक्शन) के लक्षण: चेहरे, होंठ, जीभ या गले में सूजन, खुजली वाले दाने, या सांस लेने में तकलीफ
- त्वचा (चमड़ी) या आंखों का पीला पड़ना, गहरे रंग का पेशाब या बढ़ता पेट दर्द, जो जिगर (लिवर) की समस्या के संकेत हो सकते हैं
- अगर मेटफॉर्मिन इंसुलिन या सल्फोनिलयूरिया जैसी गोलियों के साथ ली जाए तो ब्लड शुगर कम होना (कंपकंपी, पसीना, भूख, घबराहट या उलझन)
किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
मेटफॉर्मिन शरीर से गुर्दे (किडनी) के ज़रिए निकलती है, इसलिए गुर्दे (किडनी) की सेहत मायने रखती है। कुछ हालात लैक्टिक एसिडोसिस के दुर्लभ खतरे को बढ़ाते हैं, इसलिए हर डॉक्टर, दंत चिकित्सक और अस्पताल को बताएं कि आप यह दवा लेते हैं।
जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
- मेटफॉर्मिन या गोली के किसी भी घटक से एलर्जी
- गुर्दे की गंभीर समस्या
- डायबिटीज़ के कारण खून में एसिड (डायबिटिक कीटोएसिडोसिस) या कोई दूसरा मेटाबॉलिक एसिडोसिस
- ज़्यादा शराब पीना, या कोई गंभीर संक्रमण (इन्फेक्शन), जब तक डॉक्टर कुछ और तय न करें
- गुर्दे (किडनी) की समस्या: मेटफॉर्मिन शायद उचित न हो, और आपके डॉक्टर शुरू करने से पहले और कम से कम साल में एक बार गुर्दे (किडनी) का काम (eGFR) जांचते हैं। गुर्दे की बीमारी हो या पेशाब बहुत कम आ रहा हो तो डॉक्टर को बताएं
- जिगर की बीमारी, दिल की कमज़ोरी (हार्ट फेल्योर), फेफड़ों की बीमारी या कोई गंभीर संक्रमण (इन्फेक्शन): इनसे लैक्टिक एसिडोसिस का खतरा बढ़ता है, इसलिए पहले अपने डॉक्टर से पूछें
- शराब: ज़्यादा पीने और एक बार में बहुत ज़्यादा पीने से लैक्टिक एसिडोसिस का खतरा बढ़ता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार शराब सीमित रखें
- उल्टी, दस्त या बुखार से शरीर में पानी की कमी: सलाह के लिए डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) से संपर्क करें, क्योंकि मेटफॉर्मिन कुछ समय के लिए रोकनी पड़ सकती है। बताए बिना खुद बंद न करें
- आयोडीन वाले कॉन्ट्रास्ट डाई के साथ स्कैन या एक्स-रे, और ऐसी सर्जरी या प्रक्रियाएं जिनमें खाना-पीना बंद रहता है: स्टाफ को बताएं कि आप मेटफॉर्मिन लेते हैं, क्योंकि इसे थोड़े समय के लिए रोकना पड़ सकता है और बाद में गुर्दे (किडनी) का काम दोबारा जांचा जाता है
- लंबे समय तक इस्तेमाल: इससे विटामिन B12 कम हो सकता है, इसलिए डॉक्टर समय-समय पर खून की जांच करा सकते हैं
- इंसुलिन या डायबिटीज़ की दूसरी गोलियों के साथ लेना: ब्लड शुगर कम होने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए इसके चेतावनी के लक्षण पहचानें
- गर्भावस्था या स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाना): बेकाबू डायबिटीज़ में खतरे होते हैं और मेटफॉर्मिन कभी-कभी गर्भावस्था में इस्तेमाल होती है, लेकिन सिर्फ़ डॉक्टर की सलाह पर। दूध में बहुत थोड़ी मात्रा ही जाती है
- पहले मेटफॉर्मिन से एलर्जी का असर (रिएक्शन) हुआ हो
ग्लाइकोमेट-500 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
कुछ दवाएं मेटफॉर्मिन के साथ लेने पर लैक्टिक एसिडोसिस की संभावना बढ़ाती हैं या ब्लड शुगर बदल देती हैं। आप जो कुछ भी लेते हैं, जड़ी-बूटी वाले उपचार सहित, अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) को बताएं।
- पानी की गोलियां (डाइयूरेटिक), आइबुप्रोफेन और डाइक्लोफेनेक जैसी NSAID दर्द की दवाएं, और ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) की कुछ दवाएं: ये गुर्दे (किडनी) या शरीर में पानी के संतुलन पर असर डाल सकती हैं, इसलिए ये मेटफॉर्मिन के साथ ठीक न बैठें
- टोपिरामेट, ज़ोनिसामाइड और एसिटाज़ोलामाइड (कार्बोनिक एनहाइड्रेज़ इनहिबिटर): ये लैक्टिक एसिडोसिस का खतरा बढ़ा सकती हैं
- सिमेटिडिन, डोलुटेग्रेविर, रैनोलाज़ीन और वैंडेटानिब: ये शरीर में मेटफॉर्मिन का स्तर बढ़ा सकती हैं
- इंसुलिन और सल्फोनिलयूरिया डायबिटीज़ की गोलियां: इनके ऊपर मेटफॉर्मिन लेने से ब्लड शुगर कम हो सकती है, इसलिए कभी-कभी इनकी खुराक घटानी पड़ती है
- स्टेरॉयड (कॉर्टिकोस्टेरॉयड), थायज़ाइड पानी की गोलियां और एस्ट्रोजन: ये ब्लड शुगर बढ़ा सकती हैं, इसलिए ब्लड शुगर की ज़्यादा बारीकी से जांच करनी पड़ सकती है
- शराब: यह लैक्टेट पर मेटफॉर्मिन के असर और लैक्टिक एसिडोसिस के खतरे को बढ़ाती है
लैब जाँच पर असर
- गुर्दे की कार्यक्षमता (eGFR) की जांच: शुरू करने से पहले और कम से कम साल में एक बार
- विटामिन B12 की खून की जांच: लंबे समय तक इस्तेमाल से B12 कम हो सकता है
- ब्लड शुगर (खून में शक्कर) और HbA1c जांच: डायबिटीज़ कितनी काबू में है यह देखने के लिए
अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
निर्धारित से बहुत ज़्यादा मेटफॉर्मिन लेने से लैक्टिक एसिडोसिस हो सकता है, जो एक आपातकाल (इमरजेंसी) है। अगर किसी ने ज़्यादा दवा खा ली हो, या दवा लेने के बाद बहुत बेचैनी, जी मिचलाना, सांस फूलना या पेट दर्द हो, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पैक साथ ले जाएं।
कैसे रखें
ठंडी, सूखी जगह पर, असली पत्ते (स्ट्रिप) में, सीधी रोशनी से दूर और बच्चों की पहुंच से बाहर रखें। पैक पर रखने का तरीका भी देखें। एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) के बाद इस्तेमाल न करें।
भारत में नियामक स्थिति
भारत में बिक्री के लिए मंज़ूर। अकेली मेटफॉर्मिन सीडीएससीओ की प्रतिबंधित दवाओं की सूची में नहीं है, लेकिन मेटफॉर्मिन वाली कई फिक्स्ड-डोज़ मिली-जुली दवाएं (कॉम्बिनेशन) धारा 26A के तहत प्रतिबंधित की गई हैं, इसलिए पैक पर घटकों की सूची देखें। ग्लाइकोमेट-500 में सिर्फ़ मेटफॉर्मिन है।
इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड
कई दूसरे ब्रांड और जेनेरिक गोलियों में भी मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड 500 mg होती है और वे उसी तरह काम करती हैं। लेबल पर घटक और मात्रा देखें। इसी परिवार के कुछ ब्रांड मेटफॉर्मिन में डायबिटीज़ की दूसरी दवाएं मिलाते हैं; वे मिली-जुली दवाएं (कॉम्बिनेशन) अलग उत्पाद हैं।
अन्य मात्रा और रूप
मेटफॉर्मिन दूसरी मात्राओं में, एक्सटेंडेड-रिलीज़ गोलियों के रूप में और डायबिटीज़ की दूसरी दवाओं के साथ मिलाकर भी बिकती है। ये अलग उत्पाद हैं जिनके निर्देश अलग होते हैं, इसलिए अपने पैक पर मात्रा, रूप और घटक देखें।
आम सवाल
क्या ग्लाइकोमेट-500 डायबिटीज़ के लिए इस्तेमाल होती है?
हां। ग्लाइकोमेट-500 में 500 mg मेटफॉर्मिन होती है, जो ब्लड शुगर कम करने में मदद करके टाइप 2 डायबिटीज़ के इलाज के लिए इस्तेमाल होती है। यह सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है, जिसे डॉक्टर के बताए खान-पान और गतिविधि की योजना के साथ लिया जाता है। डॉक्टर की सलाह के बिना इसे शुरू, बंद या बदलें नहीं।
ग्लाइकोमेट-500 खाने से पहले लेनी चाहिए या बाद में?
मेटफॉर्मिन आमतौर पर खाने के साथ या खाने के ठीक बाद ली जाती है, क्योंकि खाने से पेट की गड़बड़ी कम होती है। दिन में कितनी बार और किस खाने के साथ लेनी है, इसके लिए डॉक्टर की सलाह या लेबल देखें।
ग्लाइकोमेट-500 से पतला पाखाना या जी मिचलाना क्यों होता है?
जी मिचलाना, दस्त और पेट दर्द जैसे पेट और आंतों के असर सबसे आम साइड इफेक्ट हैं। ये आमतौर पर दो-एक हफ़्तों में कम हो जाते हैं। गोली खाने के साथ लेने से मदद मिल सकती है। अगर ये ठीक न हों या आप तरल पदार्थ न रोक पा रहे हों तो डॉक्टर को बताएं।
क्या गुर्दे (किडनी) की समस्या में मैं ग्लाइकोमेट-500 ले सकता/सकती हूं?
मेटफॉर्मिन गुर्दे (किडनी) से बाहर निकलती है, इसलिए गुर्दे (किडनी) ठीक से काम न करें तो यह उचित न हो। डॉक्टर शुरू करने से पहले और कम से कम साल में एक बार गुर्दे (किडनी) का काम जांचते हैं। गुर्दे की कोई बीमारी हो तो डॉक्टर को बताएं, और खुराक खुद न बदलें।
लैक्टिक एसिडोसिस क्या है और इसकी संभावना कितनी है?
लैक्टिक एसिडोसिस खून में एसिड (तेज़ाब) जमा हो जाना है। मेटफॉर्मिन से यह दुर्लभ है, लेकिन गंभीर है। चेतावनी के लक्षण हैं बार-बार उल्टी, पेट दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, तेज़ सांस और बहुत थकान। ये दिखें तो तुरंत आपातकालीन डॉक्टरी मदद लें।
क्या मैं ग्लाइकोमेट-500 के साथ शराब पी सकता/सकती हूं?
शराब से मेटफॉर्मिन के साथ लैक्टिक एसिडोसिस का खतरा बढ़ता है, और ज़्यादा पीने से मेटफॉर्मिन उचित न रह सकती है। शराब सीमित रखें और डॉक्टर से पूछें कि आपके लिए क्या सही है।
क्या स्कैन या सर्जरी से पहले मुझे मेटफॉर्मिन बंद करनी होगी?
कभी-कभी। आयोडीन वाले कॉन्ट्रास्ट डाई के स्कैन और सर्जरी के आसपास मेटफॉर्मिन थोड़े समय के लिए रोकनी पड़ सकती है, और बाद में गुर्दे (किडनी) का काम दोबारा जांचा जाता है। अस्पताल के स्टाफ को बताएं कि आप यह लेते हैं और उनके निर्देश मानें।
क्या मेटफॉर्मिन से विटामिन B12 की कमी हो सकती है?
हां। लंबे समय तक लेने से विटामिन B12 कम हो सकता है, जिससे थकान या हाथ-पैरों में झुनझुनी हो सकती है। डॉक्टर समय-समय पर खून की जांच करा सकते हैं। डॉक्टर से पूछे बिना सप्लीमेंट शुरू न करें और मेटफॉर्मिन बंद न करें।
क्या मैं गर्भावस्था में या स्तनपान के दौरान ग्लाइकोमेट-500 ले सकती हूं?
गर्भावस्था में बेकाबू डायबिटीज़ के खतरे होते हैं और मेटफॉर्मिन कभी-कभी इस्तेमाल होती है, लेकिन सिर्फ़ डॉक्टर की सलाह पर। दूध में बहुत थोड़ी मात्रा ही जाती है। इसे लेने से पहले डॉक्टर से बात करें, और खुद शुरू या बंद न करें।
स्रोत
- Metformin: a medicine for type 2 diabetes. NHS (UK)
- Who can and cannot take metformin. NHS (UK)
- Side effects of metformin. NHS (UK)
- Type 2 diabetes: treatment. NHS (UK)
- Metformin hydrochloride tablets: prescribing information (label revised 7/2025, repackager copy). DailyMed, US National Library of Medicine
- Metformin. StatPearls, NCBI, US National Library of Medicine
- Metformin-Associated Lactic Acidosis (MALA). StatPearls, NCBI, US National Library of Medicine
- National Formulary of India. Indian Pharmacopoeia Commission
- List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)
- National List of Essential Medicines 2022. Ministry of Health and Family Welfare, Government of India (copy hosted by CDSCO)
