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जाल्रा 50 (Jalra 50): उपयोग, यह कैसे काम करती है, साइड इफेक्ट्स

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जाल्रा 50 सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली गोली (टैबलेट) है, जिसमें 50 मिलीग्राम विल्डाग्लिप्टिन होता है। यह टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में खान-पान और शारीरिक गतिविधि के साथ ब्लड शुगर (खून में शक्कर) घटाने के लिए इस्तेमाल होती है। यह DPP-4 इनहिबिटर (ग्लिप्टिन) नामक समूह की दवा है। इसे सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर लिया जाता है, और डॉक्टर इलाज से पहले और इलाज के दौरान खून की जांच से आपका जिगर (लिवर) देखते हैं। डॉक्टर के बिना इसे शुरू या बंद नहीं करना चाहिए।

सक्रिय घटक
विल्डाग्लिप्टिन 50 mg
दवा का प्रकार
डीपीपी-4 इनहिबिटर (DPP-4 inhibitors)
किसमें इस्तेमाल होती है
टाइप 2 डायबिटीज़ (मधुमेह)
असर शुरू होता है
पहली खुराकों के बाद ब्लड शुगर (खून में शक्कर) घटने लगती है; डॉक्टर कई हफ्तों में खून की जांच से प्रगति देखते हैं
असर रहता है
कितनी बार लेनी है, इसके लिए लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें
खाने के साथ या बिना
खाने के साथ या बिना खाने के ली जा सकती है; लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें
शराब
बेहतर है कि न लें या बहुत कम लें, क्योंकि शराब ब्लड शुगर (खून में शक्कर) को बिगाड़ती है; अपने डॉक्टर से पूछें
गर्भावस्था
सलाह नहीं दी जाती; अगर आप गर्भवती हैं या हो सकती हैं तो डॉक्टर को बताएं
आदत बनाने वाली
नहीं
निर्माता
USV Private Limited
जाल्रा 50: एक नज़र में. किसलिए इस्तेमाल होती है: वयस्कों में टाइप 2 डायबिटीज़. पहले डॉक्टर से पूछें: जिगर की बीमारी, गुर्दे की बीमारी, हार्ट फेल्योर, पहले पैंक्रियाटाइटिस या पित्त की पथरी होना, इंसुलिन या सल्फोनिलयूरिया का इस्तेमाल, गर्भावस्था या स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाना). इनके लिए तुरंत चिकित्सा सहायता लें: त्वचा (चमड़ी) या आंखें पीली होना, गहरे रंग का पेशाब, पेट में तेज़, लगातार दर्द, चेहरे, होंठ या गले में सूजन, छाले पड़ना या त्वचा (चमड़ी) का छिलना, पैरों में सूजन या सांस फूलना. ज़्यादा मात्रा में लेना: अगर बताई गई खुराक से बहुत ज़्यादा ले ली गई हो तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और पैक साथ ले जाएं. खुराक: लेबल या अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें.

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इस पेज पर
  1. जाल्रा 50 किसलिए इस्तेमाल होती है?
  2. जाल्रा 50 कैसे काम करती है?
  3. जाल्रा 50 कैसे लें
  4. जाल्रा 50 के साइड इफेक्ट्स
  5. किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
  6. जाल्रा 50 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
  7. अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
  8. कैसे रखें
  9. भारत में नियामक स्थिति
  10. इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड
  11. अन्य मात्रा और रूप
  12. आम सवाल

जाल्रा 50 किसलिए इस्तेमाल होती है?

जाल्रा 50 सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। यह डॉक्टर की सलाह पर टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में ब्लड शुगर (खून में शक्कर) काबू में रखने में मदद के लिए इस्तेमाल होती है।

  • टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में खान-पान और शारीरिक गतिविधि के साथ ब्लड शुगर (खून में शक्कर) घटाना
  • जब मेटफॉर्मिन उपयुक्त न हो तब अकेली, या जब डॉक्टर उचित समझें तब इंसुलिन सहित डायबिटीज़ की दूसरी दवाओं के साथ इस्तेमाल होती है

जाल्रा 50 कैसे काम करती है?

विल्डाग्लिप्टिन एक एंजाइम (DPP-4) को रोकती है, जो इन्क्रेटिन नामक आंत के हार्मोन को तोड़ देता है, इसलिए खाने के बाद ये हार्मोन ज़्यादा देर तक बने रहते हैं। तब अग्न्याशय (पैंक्रियास) ब्लड शुगर (खून में शक्कर) ज़्यादा होने पर ज़्यादा इंसुलिन छोड़ता है और जिगर (लिवर) कम शक्कर छोड़ता है। ब्लड शुगर कम होने पर यह असर नहीं करती।

लेने के बाद आपके शरीर में क्या होता है

  1. आप गोली निगलते हैं

    गोली आंत में घुल जाती है और विल्डाग्लिप्टिन खून में सोखी जाती है। इसे खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है।

  2. यह DPP-4 एंजाइम तक पहुंचती है

    विल्डाग्लिप्टिन खून में घूमती है और DPP-4 एंजाइम से जुड़ जाती है, जो आमतौर पर खाने के बाद निकलने वाले इन्क्रेटिन हार्मोन को तोड़ देता है।

  3. इन्क्रेटिन हार्मोन ज़्यादा देर टिकते हैं

    एंजाइम के रुकने से इन्क्रेटिन हार्मोन ज़्यादा देर तक सक्रिय रहते हैं।

  4. इंसुलिन बढ़ता है, जिगर की शक्कर घटती है

    ब्लड शुगर (खून में शक्कर) ज़्यादा होने पर अग्न्याशय (पैंक्रियास) ज़्यादा इंसुलिन छोड़ता है और जिगर (लिवर) कम शक्कर छोड़ता है, जिससे ब्लड शुगर घटती है। ब्लड शुगर कम होने पर यह असर घट जाता है।

  5. शरीर इसे बाहर निकालता है

    शरीर विल्डाग्लिप्टिन को तोड़ता है और ज़्यादातर गुर्दे (किडनी) के रास्ते बाहर निकालता है, इसलिए गुर्दे और जिगर (लिवर) की सेहत मायने रखती है। कितनी बार लेनी है, यह आपके डॉक्टर बताते हैं।

जाल्रा 50 कैसे लें

जाल्रा 50 ठीक वैसे ही लें जैसा आपके डॉक्टर ने बताया है या पैक पर लिखा है। खुराक और दिन में कितनी गोलियां चाहिए, यह डॉक्टर तय करते हैं।

  • दिन में कितनी बार लेनी है, इसके लिए लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें।
  • इसे खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है।
  • अगर खुराक छूट जाए तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) से पूछें क्या करना है; छूटी खुराक पूरी करने के लिए दो खुराक एक साथ न लें।
  • इसे अपनी मर्ज़ी से बंद न करें, क्योंकि ब्लड शुगर (खून में शक्कर) फिर बढ़ सकती है; पहले डॉक्टर से बात करें।
  • आपके डॉक्टर शुरू करने से पहले और समय-समय पर जिगर (लिवर) की खून की जांच, साथ में ब्लड शुगर और HbA1c जांच करवाएंगे।

जाल्रा 50 के साइड इफेक्ट्स

ज़्यादातर लोग विल्डाग्लिप्टिन बिना गंभीर परेशानी के लेते हैं। चक्कर आना सबसे आम साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) है, और कुछ असरों में डॉक्टरी मदद चाहिए।

कम होने वाले या हल्के

  • चक्कर आना
  • सिरदर्द
  • हाथ-पैर कांपना
  • जी मिचलाना या कब्ज़
  • इंसुलिन या सल्फोनिलयूरिया के साथ लेने पर ब्लड शुगर (खून में शक्कर) कम होना: कंपकंपी, पसीना, भूख
  • हाथों, टखनों या पैरों में सूजन

दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें

  • त्वचा (चमड़ी) या आंखों का पीला पड़ना, गहरे रंग का पेशाब, बहुत ज़्यादा थकान या पेट में दर्द (जिगर की संभावित परेशानी)। तुरंत डॉक्टरी मदद लें और डॉक्टर को बताएं कि आप विल्डाग्लिप्टिन लेते हैं
  • पेट में तेज़, लगातार दर्द जो पीठ तक जा सकता है, उल्टी के साथ या बिना (संभावित पैंक्रियाटाइटिस)। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
  • चेहरे, होंठ, जीभ या गले में सूजन, या सांस लेने में तकलीफ (गंभीर एलर्जी का असर)। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
  • छाले पड़ना या त्वचा (चमड़ी) का छिलना
  • सांस फूलना, वज़न तेज़ी से बढ़ना या पैरों में सूजन (संभावित हार्ट फेल्योर)

किन्हें सावधानी रखनी चाहिए

कुछ लोगों को जाल्रा 50 लेने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, या इसे लेते समय अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए।

जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

  • विल्डाग्लिप्टिन या गोली के किसी भी घटक से एलर्जी
  • टाइप 1 डायबिटीज़ या डायबिटिक कीटोएसिडोसिस
  • जिगर की बीमारी, जब तक डॉक्टर कुछ और तय न करें
  • जिगर की बीमारी: विल्डाग्लिप्टिन का संबंध जिगर (लिवर) की परेशानियों से देखा गया है, इसलिए इलाज से पहले और इलाज के दौरान जिगर की खून की जांच की जाती है। अगर आपको जिगर की बीमारी है तो डॉक्टर को बताएं
  • गुर्दे की बीमारी: खुराक बदलनी पड़ सकती है; डॉक्टर को बताएं
  • हार्ट फेल्योर, पैंक्रियाटाइटिस या पित्त की पथरी: डॉक्टर को बताएं
  • इंसुलिन या सल्फोनिलयूरिया के साथ लेने पर ब्लड शुगर (खून में शक्कर) कम होना: उन दवाओं की खुराक घटानी पड़ सकती है। चेतावनी के लक्षण पहचानें
  • उल्टी, दस्त (पतला पाखाना) या बुखार के साथ बीमारी: डायबिटीज़ की दवाओं के बारे में सलाह के लिए अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) से संपर्क करें। बिना कहे अपनी मर्ज़ी से बंद न करें
  • टाइप 1 डायबिटीज़ या डायबिटिक कीटोएसिडोसिस: यह इनका इलाज नहीं है
  • पहले विल्डाग्लिप्टिन से एलर्जी का असर (रिएक्शन) होना
  • गर्भावस्था और स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाना): सलाह नहीं दी जाती; अगर आप गर्भवती हैं, बच्चा planning कर रही हैं या स्तनपान करा रही हैं तो डॉक्टर को बताएं
  • गाड़ी चलाना: चक्कर आने से असर पड़ सकता है; चक्कर महसूस हो तो गाड़ी न चलाएं

जाल्रा 50 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें

जाल्रा 50 दूसरी दवाओं के असर को बदल सकती है, और कुछ दवाएं इसके असर को बदल देती हैं। आप जो कुछ भी लेते हैं, जड़ी-बूटी की दवाओं सहित, उसके बारे में डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) को बताएं।

  • इंसुलिन, सल्फोनिलयूरिया गोलियां (जैसे ग्लाइक्लाज़ाइड या ग्लिमेपिराइड) और डायबिटीज़ की दूसरी दवाएं: ब्लड शुगर (खून में शक्कर) कम होने की संभावना बढ़ जाती है और खुराक बदलनी पड़ सकती है
  • ACE इनहिबिटर (ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) की दवाओं का एक समूह): इनसे चेहरे या गले में सूजन (एंजियोएडिमा) की संभावना बढ़ सकती है
  • स्टेरॉयड (कॉर्टिकोस्टेरॉयड), थियाज़ाइड पेशाब बढ़ाने वाली गोलियां और एस्ट्रोजन: ये ब्लड शुगर (खून में शक्कर) बढ़ा सकते हैं
  • शराब: यह ब्लड शुगर (खून में शक्कर) को बिगाड़ती है

लैब जाँच पर असर

  • जिगर की कार्यक्षमता की जांच: इलाज से पहले और समय-समय पर
  • ब्लड शुगर और HbA1c जांच: यह देखने के लिए कि डायबिटीज़ कितनी काबू में है

अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो

विल्डाग्लिप्टिन ज़रूरत से ज़्यादा लेने पर मांसपेशियों में दर्द, सूजन, बुखार और दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। अगर किसी ने बताई गई खुराक से बहुत ज़्यादा ले ली हो तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पैक साथ ले जाएं।

कैसे रखें

30 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर, सूखी जगह पर, नमी से बचाकर, अपने मूल पत्ते (स्ट्रिप) में और बच्चों की पहुंच से दूर रखें। एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) के बाद इस्तेमाल न करें। रखने के सही तरीके के लिए पैक देखें।

भारत में नियामक स्थिति

भारत में सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा के रूप में बिक्री के लिए मंज़ूर। सिर्फ़ विल्डाग्लिप्टिन वाली दवा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 26A के तहत सीडीएससीओ की प्रतिबंधित दवाओं की सूची में नहीं है। जाल्रा 50 में सिर्फ़ विल्डाग्लिप्टिन है।

इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड

विल्डाग्लिप्टिन 50 मिलीग्राम की गोलियां दूसरे ब्रांड नामों से और जेनेरिक दवा के रूप में भी बिकती हैं। इनमें वही दवा होती है; खुराक की मात्रा के लिए लेबल देखें। एक ही ब्रांड परिवार के कुछ उत्पादों में मेटफॉर्मिन भी होती है, इसलिए डॉक्टर से पूछे बिना इनके बीच न बदलें।

अन्य मात्रा और रूप

विल्डाग्लिप्टिन 50 मिलीग्राम की गोलियों और मेटफॉर्मिन के साथ मिली-जुली दवा (कॉम्बिनेशन) गोलियों में बिकती है। मात्रा और घटक पैक पर छपे होते हैं और सभी उत्पादों में एक जैसे नहीं होते, इसलिए अपने वाले उत्पाद का लेबल देखें।

आम सवाल

क्या जाल्रा 50 सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है?

हां। भारत में विल्डाग्लिप्टिन सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। इसे तभी लें जब डॉक्टर ने लिखी हो, और डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू, बंद या बदलें नहीं। ठीक महसूस होने पर भी बताए अनुसार लेते रहें।

क्या जाल्रा 50 शुगर (डायबिटीज़) की दवा है?

हां। जाल्रा 50 में विल्डाग्लिप्टिन है, जो टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में खान-पान और गतिविधि के साथ ब्लड शुगर (खून में शक्कर) घटाने के लिए इस्तेमाल होती है। यह टाइप 1 डायबिटीज़ के लिए नहीं है। यह आपके लिए ठीक है या नहीं, डॉक्टर तय करते हैं।

जाल्रा 50 के साथ जिगर की जांच क्यों ज़रूरी है?

विल्डाग्लिप्टिन का संबंध जिगर (लिवर) की परेशानियों से देखा गया है, इसलिए डॉक्टर इलाज से पहले और इलाज के दौरान समय-समय पर जिगर की जांच करते हैं। त्वचा (चमड़ी) या आंखें पीली होने, गहरे रंग के पेशाब या असामान्य थकान पर तुरंत डॉक्टर को बताएं।

क्या जाल्रा 50 से ब्लड शुगर (खून में शक्कर) बहुत कम (हाइपोग्लाइसीमिया) हो सकती है?

अकेली लेने पर यह कम ही होती है, क्योंकि यह मुख्य रूप से ब्लड शुगर ज़्यादा होने पर काम करती है। इंसुलिन या सल्फोनिलयूरिया के साथ लेने पर ब्लड शुगर कम होने की संभावना ज़्यादा है। चेतावनी के लक्षण पहचानें और डॉक्टर की योजना मानें।

क्या बीमार होने या खाना न खाने पर मैं जाल्रा 50 ले सकता/सकती हूं?

उल्टी, दस्त (पतला पाखाना) या बुखार के साथ बीमारी, या खाना न खाने से ब्लड शुगर (खून में शक्कर) बदल सकती है। उन दिनों डायबिटीज़ की दवाओं के बारे में सलाह के लिए डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) से संपर्क करें। जब तक तरीका न बताया जाए, अपनी मर्ज़ी से बंद या न बदलें।

क्या जाल्रा 50 लेते समय मैं शराब पी सकता/सकती हूं?

शराब ब्लड शुगर (खून में शक्कर) को बिगाड़ती है और जिगर (लिवर) पर बोझ बढ़ा सकती है। बेहतर है कि न लें या बहुत कम लें। आपके लिए क्या ठीक है, यह डॉक्टर से पूछें।

जाल्रा 50 और विल्डाग्लिप्टिन 50 मिलीग्राम में क्या फ़र्क है?

जाल्रा एक ब्रांड का नाम है, और विल्डाग्लिप्टिन उसके अंदर की दवा है। जेनेरिक विल्डाग्लिप्टिन 50 मिलीग्राम गोलियों में वही मुख्य घटक (असली दवा) होता है। पैक पर खुराक की मात्रा और घटकों की सूची देखें, और बदलने से पहले डॉक्टर से पूछें।

स्रोत

  1. Galvus (vildagliptin): EPAR medicine overview. European Medicines Agency
  2. Type 2 diabetes: treatment. NHS (UK)
  3. List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)
  4. National Formulary of India. Indian Pharmacopoeia Commission