जेनुविया 100 (Januvia 100): उपयोग, यह कैसे काम करती है, साइड इफेक्ट्स
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जेनुविया 100 सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली गोली (टैबलेट) है, जिसमें 100 मिलीग्राम सिटाग्लिप्टिन होता है। यह खान-पान और शारीरिक गतिविधि के साथ, टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में ब्लड शुगर (खून में शक्कर) घटाने के लिए इस्तेमाल होती है। यह DPP-4 इनहिबिटर (ग्लिप्टिन) नाम के समूह की दवा है। इसे सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर लिया जाता है, आमतौर पर दिन में एक बार और लंबे समय तक, और डॉक्टर के बिना इसे शुरू या बंद नहीं करना चाहिए। यह टाइप 1 डायबिटीज़ के लिए इस्तेमाल नहीं होती।
- सक्रिय घटक
- सिटाग्लिप्टिन 100 mg
- दवा का प्रकार
- डीपीपी-4 इनहिबिटर (DPP-4 inhibitors)
- किसमें इस्तेमाल होती है
- टाइप 2 डायबिटीज़ (मधुमेह)
- असर शुरू होता है
- पहली कुछ खुराकों के बाद ब्लड शुगर (खून में शक्कर) घटना शुरू हो जाती है; डॉक्टर कई हफ्तों में खून की जांच से प्रगति देखते हैं
- असर रहता है
- दिन भर असर करती है, इसीलिए दिन में एक बार ली जाती है
- खाने के साथ या बिना
- खाने के साथ या बिना खाने के ली जा सकती है; लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें
- शराब
- बेहतर है कि न लें या बहुत कम लें, क्योंकि शराब ब्लड शुगर (खून में शक्कर) बिगाड़ती है और पैंक्रियाटाइटिस का खतरा बढ़ा सकती है; डॉक्टर से पूछें
- गर्भावस्था
- आमतौर पर इस्तेमाल नहीं की जाती; गर्भवती हों या हो सकती हों तो डॉक्टर को बताएं
- आदत बनाने वाली
- नहीं
- निर्माता
- MSD Pharmaceuticals Pvt Ltd

फ़ार्मासिस्ट समीक्षा जारी है। यह पेज नीचे दिए गए स्रोतों पर आधारित है और हमारे पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट इसकी जाँच कर रहे हैं।
इस पेज पर
- जेनुविया 100 किसलिए इस्तेमाल होती है?
- जेनुविया 100 कैसे काम करती है?
- जेनुविया 100 कैसे लें
- जेनुविया 100 के साइड इफेक्ट्स
- किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
- जेनुविया 100 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
- अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
- कैसे रखें
- भारत में नियामक स्थिति
- इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड
- अन्य मात्रा और रूप
- आम सवाल
जेनुविया 100 किसलिए इस्तेमाल होती है?
जेनुविया 100 सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। डॉक्टर की सलाह पर यह टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में ब्लड शुगर (खून में शक्कर) काबू में रखने में मदद के लिए इस्तेमाल होती है।
- खान-पान और शारीरिक गतिविधि के साथ, टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में ब्लड शुगर (खून में शक्कर) घटाना
- जब डॉक्टर उचित समझें, तो अकेले या इंसुलिन समेत डायबिटीज़ की दूसरी दवाओं के साथ इस्तेमाल होती है
- टाइप 1 डायबिटीज़ या डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के लिए नहीं है
जेनुविया 100 कैसे काम करती है?
खाने के बाद आंत कुछ हार्मोन छोड़ती है, जिन्हें इन्क्रेटिन कहते हैं; ये अग्न्याशय (पैंक्रियास) को इंसुलिन छोड़ने का संकेत देते हैं। सिटाग्लिप्टिन एक एंजाइम (DPP-4) को रोकती है, जो इन हार्मोनों को तोड़ देता है, इसलिए ये हार्मोन ज़्यादा देर तक टिकते हैं। तब ब्लड शुगर (खून में शक्कर) ज़्यादा होने पर अग्न्याशय ज़्यादा इंसुलिन छोड़ता है और जिगर (लिवर) कम शक्कर छोड़ता है।
लेने के बाद आपके शरीर में क्या होता है
आप गोली निगलते हैं
गोली आंत में घुलती है और सिटाग्लिप्टिन खून में सोखी जाती है। इसे खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है।
यह DPP-4 एंजाइम तक पहुंचती है
सिटाग्लिप्टिन खून में घूमती है और DPP-4 एंजाइम से जुड़ जाती है, जो आमतौर पर इन्क्रेटिन नाम के आंत के हार्मोनों को तोड़ देता है।
इन्क्रेटिन हार्मोन ज़्यादा देर टिकते हैं
एंजाइम के रुक जाने से खाने के बाद निकले इन्क्रेटिन हार्मोन ज़्यादा देर तक सक्रिय रहते हैं।
इंसुलिन बढ़ता है, जिगर की शक्कर घटती है
ब्लड शुगर (खून में शक्कर) ज़्यादा होने पर अग्न्याशय ज़्यादा इंसुलिन छोड़ता है और जिगर (लिवर) कम शक्कर छोड़ता है, जिससे ब्लड शुगर घटती है। ब्लड शुगर कम होने पर यह असर कमज़ोर पड़ जाता है।
शरीर इसे बाहर निकाल देता है
सिटाग्लिप्टिन ज़्यादातर बिना बदले पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकलती है, इसीलिए गुर्दे (किडनी) का ठीक काम करना ज़रूरी है। दिन में एक खुराक असर बनाए रखती है।
जेनुविया 100 कैसे लें
जेनुविया 100 ठीक वैसे ही लें जैसा आपके डॉक्टर ने बताया है या पत्ते (पैक) पर छपा है। खुराक डॉक्टर तय करते हैं और अगर आपके गुर्दे (किडनी) ठीक से काम नहीं कर रहे हों तो उसे बदल सकते हैं।
- इसे आमतौर पर दिन में एक बार, रोज़ लगभग एक ही समय पर लिया जाता है।
- इसे खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है। लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें।
- अगर खुराक छूट जाए, तो याद आते ही ले लें। अगर अगली खुराक का समय लगभग हो गया हो, तो छूटी हुई खुराक छोड़ दें। दो खुराकें एक साथ न लें।
- अपने आप दवा बंद न करें, क्योंकि ब्लड शुगर (खून में शक्कर) फिर बढ़ सकती है; पहले डॉक्टर से बात करें।
- आपके डॉक्टर नियमित रूप से ब्लड शुगर, HbA1c और गुर्दे (किडनी) की जांच करवाएंगे।
जेनुविया 100 के साइड इफेक्ट्स
ज़्यादातर लोग सिटाग्लिप्टिन बिना गंभीर परेशानी के लेते हैं। कुछ साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) हल्के होते हैं, लेकिन कुछ में डॉक्टरी मदद की ज़रूरत होती है।
कम होने वाले या हल्के
- सिरदर्द
- नाक बंद होना या बहना, या गले में खराश
- पेट खराब होना या दस्त (पतला पाखाना)
- इंसुलिन या सल्फोनिलयूरिया के साथ लेने पर ब्लड शुगर (खून में शक्कर) कम होना: कांपना, पसीना आना, भूख लगना, चक्कर आना
- हाथ या पैरों में सूजन
दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें
- पेट में तेज़, लगातार दर्द जो पीठ तक जा सकता है, उल्टी के साथ या बिना (अग्न्याशय में सूजन, पैंक्रियाटाइटिस, की संभावना)। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
- चेहरे, होंठ, जीभ या गले में सूजन, गंभीर दाने / चकत्ते या सांस लेने में तकलीफ (गंभीर एलर्जी का असर (रिएक्शन))। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
- फफोले या त्वचा (चमड़ी) का छिलना (गंभीर त्वचा रिएक्शन की संभावना)
- जोड़ों में तेज़ या चलने-फिरने में बाधा डालने वाला दर्द
- सांस फूलना, तेज़ी से वज़न बढ़ना या पैरों में सूजन (दिल की कमज़ोरी (हार्ट फेल्योर) की संभावना, इस समूह की कुछ दवाओं में बताई गई)
- सामान्य से बहुत कम पेशाब आना (गुर्दे की परेशानी की संभावना)
किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
कुछ लोगों को जेनुविया 100 लेने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, या इसे लेते समय अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए।
जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
- सिटाग्लिप्टिन या इसी तरह की किसी दवा से एलर्जी
- टाइप 1 डायबिटीज़ या डायबिटिक कीटोएसिडोसिस
- पहले पैंक्रियाटाइटिस हो चुका हो, जब तक डॉक्टर कुछ और तय न करें
- पैंक्रियाटाइटिस: अगर आपको पहले पैंक्रियाटाइटिस, पित्त की पथरी या शराब की समस्या रही हो तो डॉक्टर को बताएं, क्योंकि इनसे खतरा बढ़ता है
- गुर्दे की बीमारी: खुराक बदलनी पड़ सकती है और गुर्दे (किडनी) के काम की समय-समय पर जांच होती है
- दिल की कमज़ोरी (हार्ट फेल्योर): अगर आपको यह है या पहले हुई है तो डॉक्टर को बताएं
- इंसुलिन या सल्फोनिलयूरिया के साथ लेने पर ब्लड शुगर (खून में शक्कर) कम होना: उन दवाओं की खुराक घटानी पड़ सकती है। चेतावनी के लक्षण पहचानें
- उल्टी, दस्त या बुखार के साथ बीमारी: अपनी डायबिटीज़ की दवाओं के बारे में सलाह के लिए अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) से संपर्क करें। बताए बिना अपने आप बंद न करें
- सिटाग्लिप्टिन या ऐसी ही किसी दवा से पहले एलर्जी का असर (रिएक्शन) हुआ हो
- गर्भावस्था और स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाना): आमतौर पर इस्तेमाल नहीं की जाती; गर्भवती हों, बच्चे की योजना बना रही हों या स्तनपान करा रही हों तो डॉक्टर को बताएं
- शराब: बेहतर है कि न लें या बहुत कम लें
जेनुविया 100 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
जेनुविया 100 दूसरी दवाओं के काम करने का तरीका बदल सकती है, और कुछ दवाएं इसका असर बदल देती हैं। आप जो कुछ भी लेते हैं, जड़ी-बूटी की दवाओं समेत, उसके बारे में अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) को बताएं।
- इंसुलिन, सल्फोनिलयूरिया गोलियां (जैसे ग्लाइक्लाज़ाइड या ग्लिमेपिराइड) और डायबिटीज़ की दूसरी दवाएं: ब्लड शुगर (खून में शक्कर) कम होने की संभावना बढ़ जाती है और खुराक बदलनी पड़ सकती है
- डिगॉक्सिन: इसका स्तर प्रभावित हो सकता है, इसलिए डॉक्टर उसकी जांच कर सकते हैं
- स्टेरॉयड (कॉर्टिकोस्टेरॉयड), थियाज़ाइड पेशाब बढ़ाने वाली गोलियां और एस्ट्रोजन: ये ब्लड शुगर (खून में शक्कर) बढ़ा सकती हैं
- शराब: यह ब्लड शुगर (खून में शक्कर) बिगाड़ती है और पैंक्रियाटाइटिस का खतरा बढ़ा सकती है
लैब जाँच पर असर
- किडनी की जांच: इलाज से पहले और इलाज के दौरान की जाती है
- ब्लड शुगर और HbA1c जांच: यह देखने के लिए कि डायबिटीज़ कितनी काबू में है
अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
गलती से एक गोली ज़्यादा लेना शायद गंभीर न हो, लेकिन इससे ज़्यादा मात्रा को डॉक्टरी मामला मानें। अगर किसी ने बताई गई मात्रा से बहुत ज़्यादा ले ली हो, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पत्ता (पैक) साथ ले जाएं।
कैसे रखें
30 C से नीचे, सूखी जगह पर, नमी से बचाकर, अपने मूल पत्ते (स्ट्रिप) में और बच्चों की पहुंच से दूर रखें। एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) के बाद इस्तेमाल न करें। रखने के सही तरीके के लिए पैक देखें।
भारत में नियामक स्थिति
भारत में सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा के रूप में बिक्री के लिए मंज़ूर। सिर्फ़ सिटाग्लिप्टिन वाली दवा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 26A के तहत सीडीएससीओ की प्रतिबंधित दवाओं की सूची में नहीं है। जेनुविया 100 में सिर्फ़ सिटाग्लिप्टिन है।
इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड
सिटाग्लिप्टिन 100 मिलीग्राम की गोलियां दूसरे ब्रांड नामों से और जेनेरिक दवा के रूप में भी बिकती हैं। इनमें वही दवा होती है; खुराक की मात्रा के लिए लेबल देखें। इसी ब्रांड परिवार के कुछ उत्पादों में मेटफॉर्मिन भी होती है, इसलिए डॉक्टर से पूछे बिना इनमें अदला-बदली न करें।
अन्य मात्रा और रूप
सिटाग्लिप्टिन अलग-अलग मात्रा (स्ट्रेंथ) में और मेटफॉर्मिन के साथ मिली-जुली दवा (कॉम्बिनेशन) की गोलियों में भी बिकती है। मात्रा और घटक पैक पर छपे होते हैं और सभी उत्पादों में एक जैसे नहीं होते, इसलिए अपने पास की दवा का लेबल देखें।
आम सवाल
क्या जेनुविया 100 सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है?
हां। भारत में सिटाग्लिप्टिन सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। इसे तभी लें जब डॉक्टर ने लिखी हो, और डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू, बंद या बदलें नहीं। ठीक महसूस होने पर भी बताए अनुसार लेते रहें।
क्या जेनुविया 100 शुगर (डायबिटीज़) की दवा है?
हां। जेनुविया 100 में सिटाग्लिप्टिन है, जो खान-पान और गतिविधि के साथ टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में ब्लड शुगर (खून में शक्कर) घटाने के लिए इस्तेमाल होती है। यह टाइप 1 डायबिटीज़ के लिए नहीं है। यह आपके लिए ठीक है या नहीं, डॉक्टर तय करते हैं।
क्या जेनुविया 100 से ब्लड शुगर (खून में शक्कर) कम हो जाती है?
अकेले लेने पर ऐसा कम ही होता है, क्योंकि यह मुख्य रूप से तब काम करती है जब ब्लड शुगर ज़्यादा हो। इंसुलिन या सल्फोनिलयूरिया के साथ लेने पर ब्लड शुगर कम होने की संभावना ज़्यादा है। चेतावनी के लक्षण पहचानें और डॉक्टर की योजना मानें।
पैंक्रियाटाइटिस के चेतावनी के लक्षण क्या हैं?
पेट में तेज़ दर्द जो ठीक न हो, कभी पीठ तक जाए, उल्टी के साथ या बिना। यह कम होता है पर गंभीर है। तुरंत डॉक्टरी मदद लें और डॉक्टर को बताएं कि आप सिटाग्लिप्टिन लेते हैं।
क्या गुर्दे की परेशानी में मैं जेनुविया 100 ले सकता हूं?
सिटाग्लिप्टिन गुर्दे (किडनी) के रास्ते शरीर से निकलती है, इसलिए खुराक बदलनी पड़ सकती है। डॉक्टर इलाज से पहले और दौरान गुर्दे की जांच करते हैं। गुर्दे की किसी भी बीमारी के बारे में डॉक्टर को बताएं और खुराक खुद न बदलें।
बीमार होने या खाना न खाने पर क्या मैं जेनुविया 100 ले सकता हूं?
उल्टी, दस्त या बुखार वाली बीमारी, या खाना न खाने से ब्लड शुगर (खून में शक्कर) बदल सकती है। ऐसे दिनों में अपनी डायबिटीज़ की दवाओं के बारे में डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) से सलाह लें। जब तक तरीका न बताया जाए, अपने आप बंद या न बदलें।
क्या जेनुविया 100 लेते समय मैं शराब पी सकता हूं?
शराब ब्लड शुगर (खून में शक्कर) बिगाड़ती है और ज़्यादा पीने से पैंक्रियाटाइटिस का खतरा बढ़ता है। बेहतर है कि न लें या बहुत कम लें। अपने लिए क्या ठीक है, डॉक्टर से पूछें।
जेनुविया 100 और सिटाग्लिप्टिन 100 मिलीग्राम में क्या फ़र्क है?
जेनुविया एक ब्रांड का नाम है और सिटाग्लिप्टिन उसके अंदर की दवा है। जेनेरिक सिटाग्लिप्टिन 100 मिलीग्राम की गोलियों में वही मुख्य घटक (असली दवा) होता है। पैक पर खुराक की मात्रा और घटकों की सूची देखें, और बदलने से पहले डॉक्टर से पूछें।
स्रोत
- Sitagliptin: a medicine for type 2 diabetes. NHS (UK)
- Sitagliptin and metformin tablets (Zituvimet): prescribing information, openFDA record. openFDA, US Food and Drug Administration
- Type 2 diabetes: treatment. NHS (UK)
- List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)
- National Formulary of India. Indian Pharmacopoeia Commission
