एज़िथ्रोमाइसिन (Azithromycin in Hindi): उपयोग, कैसे काम करता है, दवाएँ
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एज़िथ्रोमाइसिन एक मैक्रोलाइड एंटीबायोटिक है जिसका इस्तेमाल कुछ ख़ास बैक्टीरियल संक्रमणों के इलाज के लिए होता है। इनमें छाती, साइनस, गले, कान और त्वचा के संक्रमण, और क्लैमाइडिया जैसे कुछ यौन संचारित संक्रमण शामिल हैं। यह केवल बैक्टीरिया पर असर करती है, इसलिए सर्दी-ज़ुकाम, फ़्लू या दूसरे वायरल संक्रमणों में मदद नहीं करती। भारत में यह डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली दवा है।
फ़ार्मासिस्ट समीक्षा जारी है। यह पेज नीचे दिए गए स्रोतों पर आधारित है और हमारे पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट इसकी जाँच कर रहे हैं।

एज़िथ्रोमाइसिन कैसे काम करती है?
एज़िथ्रोमाइसिन बैक्टीरिया के राइबोसोम के बड़े (50S) हिस्से से जुड़ जाती है और बैक्टीरिया को वे प्रोटीन बनाने से रोकती है जिनकी उन्हें बढ़ने और संख्या बढ़ाने के लिए ज़रूरत होती है। यह फेफड़ों, टॉन्सिल और त्वचा जैसे ऊतकों में जमा होती है और शरीर से धीरे-धीरे निकलती है, इसलिए इसे आम तौर पर दिन में एक बार लिया जाता है और कोर्स अक्सर छोटे होते हैं।
एज़िथ्रोमाइसिन कैसे लें
लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें। एज़िथ्रोमाइसिन आमतौर पर दिन में एक बार ली जाती है और इसका कोर्स अक्सर छोटा होता है, जैसे 3 से 5 दिन, लेकिन खुराक और दिनों की संख्या संक्रमण पर निर्भर करती है। डॉक्टर ने जो पूरा कोर्स बताया है, उसे पूरा लें।
एज़िथ्रोमाइसिन के साइड इफेक्ट्स
ज़्यादातर लोग एज़िथ्रोमाइसिन बिना किसी गंभीर परेशानी के ले लेते हैं। पेट की गड़बड़ी सबसे आम साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) है, और गंभीर रिएक्शन बहुत कम होते हैं।
कम होने वाले या हल्के
- दस्त (पतला पाखाना)
- जी मिचलाना या उल्टी
- पेट दर्द
- भूख न लगना
- सिरदर्द
- चक्कर आना या थकान महसूस होना
- स्वाद में बदलाव
दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें
- गंभीर एलर्जी का असर (रिएक्शन) होने के संकेत: चेहरे, होंठों या गले में सूजन, सांस लेने में तकलीफ, या बेहोशी। 112 पर कॉल करें या तुरंत अस्पताल जाएं
- त्वचा (चमड़ी) पर गंभीर रिएक्शन: पूरे शरीर पर छाले या उतरती त्वचा वाले दाने / चकत्ते, मुंह में घाव, या बुखार और गिल्टियों में सूजन के साथ दाने
- तेज़, धड़कता हुआ या अनियमित दिल की धड़कन, या बेहोशी आना, जो दिल की धड़कन की लय की समस्या का संकेत हो सकता है
- त्वचा या आंखों का पीला पड़ना, गहरे रंग का पेशाब, हल्के रंग का मल या बहुत ज़्यादा थकान, जो जिगर (लिवर) की समस्या के संकेत हो सकते हैं
- बहुत तेज़ या पानी जैसे दस्त जो न रुकें, या खून या म्यूकस (चिपचिपा पदार्थ) वाले दस्त, जो C. difficile नाम के आंत के संक्रमण (इन्फेक्शन) का संकेत हो सकते हैं। यह कोर्स खत्म होने के 2 महीने बाद तक शुरू हो सकता है
- कान में घंटी जैसी आवाज़ आना, सुनाई कम देना या सिर घूमने जैसा एहसास (वर्टिगो)
- मायस्थीनिया ग्रेविस वाले लोगों में मांसपेशियों की कमज़ोरी का नया होना या बढ़ना, पलकों का झुकना, या निगलने या सांस लेने में तकलीफ
- कुछ हफ्तों के शिशुओं में: ज़ोर से उल्टी होना या दूध पिलाते समय चिड़चिड़ापन। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
एज़िथ्रोमाइसिन हर किसी के लिए सही नहीं है। इसे लेने से पहले अपने डॉक्टर को अपनी सेहत की स्थितियों और दूसरी दवाओं के बारे में बताएं।
जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
- एज़िथ्रोमाइसिन, एरिथ्रोमाइसिन या किसी दूसरी मैक्रोलाइड या कीटोलाइड एंटीबायोटिक से एलर्जी
- एज़िथ्रोमाइसिन लेने के दौरान पहले कभी पीलिया (जॉन्डिस) या जिगर (लिवर) को नुकसान हुआ हो
- यह सिर्फ़ बैक्टीरिया (जीवाणु) से होने वाले संक्रमण (इन्फेक्शन) में काम करती है। यह सर्दी-जुकाम, फ्लू, ज़्यादातर खांसी या दूसरे वायरस के संक्रमण में काम नहीं करती, और ज़रूरत न होने पर इसे लेने से एंटीबायोटिक रेज़िस्टेंस (दवा का असर कम होना) बढ़ता है
- पहले एज़िथ्रोमाइसिन या दूसरी मैक्रोलाइड एंटीबायोटिक, जैसे एरिथ्रोमाइसिन या क्लैरिथ्रोमाइसिन, से एलर्जी का असर (रिएक्शन) होना
- दिल की धड़कन की लय की समस्या, पहले से पता लंबा QT इंटरवल, धीमी धड़कन, हार्ट फेल्योर, या पोटैशियम या मैग्नीशियम की कमी: एज़िथ्रोमाइसिन से बहुत कम मामलों में खतरनाक अनियमित धड़कन हो सकती है
- जिगर की बीमारी, या पहले एज़िथ्रोमाइसिन लेने के बाद जिगर की समस्या होना
- गुर्दे की गंभीर बीमारी
- मायस्थीनिया ग्रेविस: एज़िथ्रोमाइसिन से मांसपेशियों की कमज़ोरी बढ़ सकती है
- पहले एंटीबायोटिक लेने के दौरान दस्त होना
- गर्भावस्था: जब संक्रमण का इलाज ज़रूरी हो तो एज़िथ्रोमाइसिन ली जा सकती है, लेकिन यह सही एंटीबायोटिक है या नहीं, यह आपका डॉक्टर तय करेगा
- स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाना): थोड़ी मात्रा मां के दूध में चली जाती है। बच्चे में दस्त, उल्टी, दाने या मुंह में सफेद परत (थ्रश) पर नज़र रखें, और दिखें तो डॉक्टर को बताएं
- चक्कर आना: अगर एज़िथ्रोमाइसिन से चक्कर आए तो गाड़ी या मशीन न चलाएं
एज़िथ्रोमाइसिन के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
एज़िथ्रोमाइसिन का कुछ दवाओं के साथ अहम असर होता है। जो भी दवाएं आप लेते हैं, जड़ी-बूटी वाले उत्पादों सहित, उनके बारे में अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) को बताएं।
- एल्युमिनियम या मैग्नीशियम वाले एंटासिड: इन्हें एज़िथ्रोमाइसिन के साथ एक ही समय पर न लें; लेबल या फार्मासिस्ट के बताए अनुसार अंतर रखें
- दिल की धड़कन की लय पर असर डालने वाली दवाएं, जैसे एमियोडेरोन, सोटालोल, सिटालोप्राम, कुछ एंटीसाइकोटिक दवाएं, डॉमपेरिडोन, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और मोक्सीफ्लॉक्सासिन: अनियमित धड़कन का खतरा बढ़ जाता है
- वारफरिन और खून पतला करने वाली दूसरी दवाएं: इनका असर बढ़ सकता है, इसलिए डॉक्टर खून के जमने की जांच ज़्यादा बार कर सकते हैं
- डिगॉक्सिन और कोल्चिसिन: खून में इनकी मात्रा बढ़ सकती है
- सिक्लोस्पोरिन और टैक्रोलिमस (शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता दबाने वाली दवाएं): इनकी मात्रा की जांच करानी पड़ सकती है
- एर्गोटामाइन या डाइहाइड्रोएर्गोटामाइन (माइग्रेन की दवाएं): इन्हें एज़िथ्रोमाइसिन के साथ नहीं लेना चाहिए
- स्टैटिन दवाएं, जैसे सिमवास्टैटिन और एटोरवास्टैटिन: अगर मांसपेशियों में बिना वजह दर्द हो तो डॉक्टर को बताएं
अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
एज़िथ्रोमाइसिन ज़रूरत से ज़्यादा लेने पर मुख्य रूप से साइड इफेक्ट तेज़ हो जाते हैं, जैसे जी मिचलाना, उल्टी और दस्त, और इसका कोई खास प्रतिकारक (एंटीडोट) नहीं है। गलती से एक खुराक ज़्यादा लेने पर गंभीर नुकसान की संभावना कम है। अगर किसी ने बताई गई मात्रा से बहुत ज़्यादा ले ली हो, या तबियत ठीक न लगे, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पत्ता / डिब्बा साथ ले जाएं।
भारत में
भारत में इस दवा की अधिकतम कीमत, आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल होने और कानूनी स्थिति की जानकारी, सरकारी अधिसूचनाओं से ली गई है।
मूल्य सीमा (NPPA)
- 250 mg टैबलेटप्रति टैबलेट ₹11.95
- 500 mg टैबलेटप्रति टैबलेट ₹24.14
- 1000 mg टैबलेटप्रति टैबलेट ₹59.17
- 200 mg/5 mL मुँह से लेने का तरलप्रति mL ₹3.49
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) द्वारा तय अधिकतम कीमत, GST को छोड़कर, 1 अप्रैल 2026 से लागू (25 मार्च 2026 की S.O. 1575(E))। पैक पर छपी कीमत (MRP) इस कीमत और GST के जोड़ से अधिक नहीं हो सकती।
आवश्यक दवा (NLEM)
राष्ट्रीय आवश्यक दवा सूची (NLEM) 2022 में शामिल: 250 mg टैबलेट, 500 mg टैबलेट, 1000 mg टैबलेट, 200 mg/5 mL मुँह से लेने का तरल, 500 mg इंजेक्शन।
भारत में नियामक स्थिति
भारत में बिक्री के लिए मंज़ूर (अनुमोदित)। एज़िथ्रोमाइसिन सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली एंटीबायोटिक है। सिर्फ़ एज़िथ्रोमाइसिन वाली दवा सीडीएससीओ की प्रतिबंधित दवाओं की सूची में नहीं है। एज़िथ्रोमाइसिन को दूसरे घटकों के साथ मिलाने वाली कई मिली-जुली दवाएं (फिक्स्ड-डोज़ कॉम्बिनेशन) प्रतिबंधित हैं, जैसे एज़िथ्रोमाइसिन के साथ सेफिक्सिम, ऑफ्लॉक्सासिन, लेवोफ्लॉक्सासिन या एम्ब्रोक्सोल (2018) और एडापेलीन के साथ (2024), इसलिए पैक पर लिखे घटकों की सूची देख लें।
दवा का प्रकार
एज़िथ्रोमाइसिन इस प्रकार की दवा है।
एज़िथ्रोमाइसिन वाली दवाएँ
भारत में बिकने वाली इन दवाओं में एज़िथ्रोमाइसिन होता है। इन्हें वर्णक्रम में दिया गया है, रैंकिंग के अनुसार नहीं।
- एज़िथ्रल 500 (Azithral 500) · 500 mg फ़िल्म-कोटेड टैबलेट
एज़िथ्रोमाइसिन किसलिए इस्तेमाल होती है?
एज़िथ्रोमाइसिन वाली दवाएँ इन स्थितियों में इस्तेमाल होती हैं।
आम सवाल
एज़िथ्रोमाइसिन का कोर्स कितने दिन का होता है?
कोर्स अक्सर छोटे होते हैं, आम तौर पर 3 से 5 दिन, और कुछ संक्रमणों का इलाज एक ही बड़ी खुराक से होता है। एज़िथ्रोमाइसिन शरीर से धीरे-धीरे निकलती है, इसलिए आख़िरी खुराक के बाद भी कई दिन तक इसका असर रहता है। खुराक और अवधि आपके डॉक्टर तय करते हैं; पूरा कोर्स वैसे ही लें जैसे लिखा गया है।
क्या एज़िथ्रोमाइसिन खाने के साथ लेनी चाहिए?
सलाह अलग-अलग है: अमेरिकी लेबल के अनुसार गोलियाँ खाने के साथ या बिना ली जा सकती हैं, जबकि NHS खाने से 1 घंटा पहले या 2 घंटे बाद लेने की सलाह देता है। अपने पैक पर लिखे निर्देश या डॉक्टर की सलाह का पालन करें, और एंटासिड को खुराक से अलग समय पर लें।
क्या एज़िथ्रल 500 और एज़िथ्रोमाइसिन एक ही हैं?
एज़िथ्रल 500 एक ब्रांड का नाम है। इसकी गोली (टैबलेट) में सिर्फ़ एज़िथ्रोमाइसिन होती है, हर गोली में 500 मिलीग्राम, यानी दवा एज़िथ्रोमाइसिन ही है। दूसरे ब्रांड भी अलग-अलग मात्रा में एज़िथ्रोमाइसिन बेचते हैं और कुछ में दूसरे घटक भी हो सकते हैं, इसलिए पैक पर घटकों की सूची और मात्रा देखें।
क्या एज़िथ्रोमाइसिन सर्दी-जुकाम, फ्लू या COVID-19 में काम करती है?
नहीं। एज़िथ्रोमाइसिन सिर्फ़ बैक्टीरिया (जीवाणु) पर काम करती है, इसलिए सर्दी-जुकाम, फ्लू, COVID-19 या दूसरे वायरस के संक्रमण में असर नहीं करती। संक्रमण बैक्टीरिया से है या नहीं, यह डॉक्टर तय करता है। ज़रूरत न होने पर एंटीबायोटिक लेने से एंटीबायोटिक रेज़िस्टेंस (दवा का असर घटना) बढ़ता है।
क्या एज़िथ्रोमाइसिन लेते समय शराब पी सकते हैं?
शराब और एज़िथ्रोमाइसिन के बीच सीधा असर ज्ञात नहीं है। लेकिन शराब से चक्कर आना या पेट की गड़बड़ी बढ़ सकती है, जो इस दवा के संभावित साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) हैं, और बीमारी में सावधानी रखना ठीक है। पक्का न हों तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) से पूछें।
क्या गर्भावस्था या स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाना) में एज़िथ्रोमाइसिन ले सकते हैं?
संक्रमण के इलाज की ज़रूरत हो तो गर्भावस्था और स्तनपान में एज़िथ्रोमाइसिन इस्तेमाल की जा सकती है, पर यह फ़ैसला सिर्फ़ डॉक्टर को करना चाहिए। थोड़ी मात्रा दूध में आती है, इसलिए बच्चे को दस्त (पतला पाखाना), उल्टी, दाने / चकत्ते या मुंह में सफ़ेद छाले (थ्रश) हों तो डॉक्टर को बताएं।
एज़िथ्रोमाइसिन और एमोक्सिसिलिन में क्या फ़र्क है?
दोनों बैक्टीरिया के संक्रमण की एंटीबायोटिक हैं, पर अलग समूह की हैं: एज़िथ्रोमाइसिन मैक्रोलाइड है और एमोक्सिसिलिन पेनिसिलिन। ये बैक्टीरिया पर अलग तरह से असर करती हैं और अलग संक्रमणों में काम आती हैं। इनमें से कौन-सी दें, यह डॉक्टर चुनता है, और चुनते समय पेनिसिलिन से एलर्जी मायने रखती है।
आराम महसूस होने पर क्या एज़िथ्रोमाइसिन बंद कर देनी चाहिए?
डॉक्टर ने जितने दिन का कोर्स बताया है, उतना पूरा करें। एज़िथ्रोमाइसिन कई दिन तक शरीर में रहती है, इसलिए छोटा कोर्स भी पूरा कोर्स हो सकता है। बची हुई गोलियां दूसरी बीमारी के लिए न रखें; तबीयत बिगड़े तो डॉक्टर को बताएं।
क्या एज़िथ्रोमाइसिन के साथ पैरासिटामोल या डोलो 650 ले सकते हैं?
एज़िथ्रोमाइसिन के लेबल और NHS की गाइडेंस, दोनों में पैरासिटामोल के साथ किसी असर का ज़िक्र नहीं है। दोनों का काम अलग है: पैरासिटामोल बुखार या दर्द में आराम देती है, जबकि एज़िथ्रोमाइसिन बैक्टीरिया के संक्रमण का इलाज करती है। सभी दवाओं को मिलाकर पैरासिटामोल की रोज़ की सीमा न पार करें, और हर दवा के निर्देश मानें।
क्या एज़िथ्रोमाइसिन से दस्त या पतले दस्त हो सकते हैं?
हां। एंटीबायोटिक आंत के सामान्य बैक्टीरिया को बिगाड़ती हैं, इसलिए पतले दस्त आम साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) हैं। खूब तरल पिएं। दस्त गंभीर या पानी जैसे हों, रुकें नहीं, या उनमें खून या म्यूकस हो, तो कोर्स के हफ़्तों बाद भी तुरंत डॉक्टरी मदद लें। दस्त रोकने की दवा से पहले डॉक्टर से पूछें।
क्या एज़िथ्रोमाइसिन टाइफाइड में इस्तेमाल होती है?
भारत में डॉक्टर टाइफाइड (आंत्र ज्वर) के लिए एज़िथ्रोमाइसिन दे सकते हैं। ICMR के एंटीबायोटिक इलाज के दिशानिर्देशों में यह शामिल है, इसकी एक वजह यह भी है कि टाइफाइड के बैक्टीरिया पर पुरानी दवाएं अक्सर असर नहीं करतीं। टाइफाइड की पहचान डॉक्टर करते हैं, आमतौर पर खून की जांच से। बुखार के कई कारण होते हैं, जैसे डेंगू और मलेरिया, जिनमें एंटीबायोटिक काम नहीं करती।
क्या एज़िथ्रोमाइसिन गले के दर्द या गले के संक्रमण में काम करती है?
ज़्यादातर गले के दर्द वायरस से होते हैं और अपने आप ठीक हो जाते हैं, इसलिए एंटीबायोटिक से फ़ायदा नहीं होता। जब स्ट्रेप थ्रोट जैसा बैक्टीरिया का संक्रमण होने की आशंका हो, तब डॉक्टर एंटीबायोटिक दे सकते हैं; एज़िथ्रोमाइसिन एक विकल्प है, मुख्यतः उनके लिए जो पेनिसिलिन जैसी एंटीबायोटिक नहीं ले सकते।
क्या एज़िथ्रोमाइसिन जिगर (लिवर) या गुर्दे (किडनी) पर असर कर सकती है?
जिगर की गंभीर समस्या कम होती है, पर सामने आई है। त्वचा या आंखों का पीलापन, गहरा पेशाब, हल्के रंग का मल, बहुत थकान या तेज़ पेट दर्द हो तो तुरंत डॉक्टरी मदद लें। जिगर या गुर्दे की कोई बीमारी हो तो पहले डॉक्टर को बताएं, क्योंकि इनमें से कोई गंभीर हो तो यह दवा सावधानी से दी जाती है।
क्या बच्चे एज़िथ्रोमाइसिन ले सकते हैं?
हां, जब डॉक्टर दें, आमतौर पर सिरप (सस्पेंशन) के रूप में। बच्चे की खुराक उसके वज़न पर निर्भर करती है, इसलिए सिर्फ़ डॉक्टर की बताई खुराक दें और उसे साथ आई सिरिंज या कप से नापें, रसोई के चम्मच से नहीं। डॉक्टर के कहे बिना बच्चे को बड़ों की गोली न दें।
एज़िथ्रोमाइसिन को असर करने में कितना समय लगता है?
NHS की गाइडेंस के अनुसार ज़्यादातर संक्रमणों में कुछ दिनों में आराम मिलने लगता है। आराम मिलने के बाद भी जितने दिन बताए गए हैं, दवा लेते रहें। कुछ दिन बाद भी फ़र्क न पड़े, तबीयत बिगड़े या नए लक्षण आएं, तो डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि संक्रमण में दूसरी दवा की ज़रूरत हो सकती है।
क्या एज़िथ्रल 500, एज़ी 500 और एज़िथ्रोमाइसिन 500 के दूसरे ब्रांड एक जैसे हैं?
हर एक की हर गोली में 500 मिलीग्राम एज़िथ्रोमाइसिन होती है, इसलिए दवा और मात्रा वही है। ब्रांड बनाने वाली कंपनी, कीमत, बिना असर वाले घटकों और गोली की बनावट में अलग होते हैं। पैक पर घटकों की सूची और मात्रा देखें, क्योंकि कुछ उत्पादों में दूसरी दवाएं भी होती हैं, और पक्का न हों तो फार्मासिस्ट (दवा विक्रेता) से पूछें।
स्रोत
- ZITHROMAX (azithromycin) tablets and oral suspension: full prescribing information. Pfizer, US FDA-approved labeling
- Azithromycin. StatPearls, National Center for Biotechnology Information (NCBI), US National Library of Medicine
- Azithromycin: an antibiotic to treat bacterial infections. NHS (UK)
- How and when to take azithromycin. NHS (UK)
- National Formulary of India. Indian Pharmacopoeia Commission
- Treatment Guidelines for Antimicrobial Use in Common Syndromes (2nd edition, 2019). Indian Council of Medical Research (ICMR)
- Sore throat. NHS (UK)
- S.O. 1575(E), 25 March 2026: revision of ceiling prices of 767 scheduled formulations under NLEM 2022 (annual WPI revision). National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA), Government of India
- National List of Essential Medicines 2022 (sections 6.2.2.1 and 6.7.6.1, Azithromycin). Ministry of Health and Family Welfare, Government of India (copy hosted by CDSCO)
