कार्बिमाज़ोल (Carbimazole): उपयोग, कैसे काम करता है, दवाएँ
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कार्बिमाज़ोल थायरॉइड के ज़्यादा सक्रिय होने (हाइपरथायरॉइडिज़्म) की सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। यह थायरॉइड ग्रंथि में बनने वाले थायरॉइड हार्मोन की मात्रा को कम करती है। इसे डॉक्टर की देखरेख में और नियमित खून की जांच के साथ लिया जाता है। इसे लेते समय गले में खराश, बुखार, मुंह में छाले या असामान्य रूप से नील पड़ने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।
फ़ार्मासिस्ट समीक्षा जारी है। यह पेज नीचे दिए गए स्रोतों पर आधारित है और हमारे पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट इसकी जाँच कर रहे हैं।

कार्बिमाज़ोल कैसे काम करती है?
कार्बिमाज़ोल शरीर में थायमाज़ोल (मेथिमाज़ोल) में बदल जाती है, जो थायरॉइड ग्रंथि को थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन इस्तेमाल करने से रोकती है। जैसे-जैसे हार्मोन का स्तर घटता है, दिल की तेज़ धड़कन, कंपकंपी और वज़न घटने जैसे लक्षण कम होते हैं।
कार्बिमाज़ोल कैसे लें
लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें। खुराक डॉक्टर तय करते हैं, थायरॉइड की खून की जांचों के आधार पर उसे बदलते हैं, और यह भी वही तय करते हैं कि उसे कब कम या बंद करना है। इसे अपने आप बंद न करें और न बदलें।
कार्बिमाज़ोल के साइड इफेक्ट्स
कई लोगों को कोई तकलीफ़ नहीं होती या सिर्फ़ हल्की तकलीफ़ होती है जो कुछ हफ़्तों में ठीक हो जाती है। कुछ साइड इफेक्ट गंभीर होते हैं और उनमें जल्दी डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।
कम होने वाले या हल्के
- जी मिचलाना या उल्टी
- चक्कर आना
- सिरदर्द
- जोड़ों में दर्द
- त्वचा (चमड़ी) में खुजली या हल्के दाने / चकत्ते
- बालों का पतला होना
दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें
- तेज़ बुखार, गले में खराश, मुंह में छाले, बहुत ज़्यादा थकान या फ्लू जैसी बीमारी: ये खून में सफ़ेद कोशिकाओं की कमी के संकेत हो सकते हैं। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या अस्पताल जाएं
- संक्रमण (इन्फेक्शन) के लक्षण, या सामान्य से ज़्यादा आसानी से नील पड़ना और खून बहना
- त्वचा या आंखों का पीला पड़ना, या गहरे रंग का पेशाब (जिगर (लिवर) की संभावित समस्या)
- अचानक पेट में तेज़ दर्द (पैंक्रियाटाइटिस की संभावना)
- मांसपेशियों में दर्द या कमज़ोरी, नसों में दर्द, या पेशाब कम आना
- होंठ, मुंह या गले में सूजन या सांस लेने में तकलीफ (गंभीर एलर्जी का असर)। तुरंत आपातकालीन मदद लें
किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
कार्बिमाज़ोल कुछ लोगों में खून और जिगर (लिवर) पर असर डालती है, इसलिए खून की जांच कराना और लक्षणों के बारे में तुरंत बताना ज़रूरी है।
जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
- कार्बिमाज़ोल, थायमाज़ोल या गोली के किसी भी घटक से एलर्जी
- खून की समस्या: अगर गले में खराश, बुखार, मुंह में छाले या फ्लू जैसे लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टरी मदद लें और बताएं कि आप कार्बिमाज़ोल लेते हैं
- गर्भावस्था: गर्भावस्था में कार्बिमाज़ोल की सलाह अक्सर नहीं दी जाती। अगर आप गर्भवती हैं या बच्चे की योजना बना रही हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं, और इसे अपने आप बंद न करें
- स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाना): आमतौर पर ठीक माना जाता है, लेकिन डॉक्टर को बताएं; बच्चे में दूध कम पीना या असामान्य सुस्ती दिखे तो ध्यान दें
- जिगर की समस्या: त्वचा या आंखों का पीलापन या गहरे रंग का पेशाब हो तो बताएं
- बंद करना: डॉक्टर से पूछे बिना बंद न करें, क्योंकि थायरॉइड हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है और लक्षण लौट सकते हैं
- कार्बिमाज़ोल, थायमाज़ोल या किसी भी घटक से एलर्जी
कार्बिमाज़ोल के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
आप जो भी दवा लेते हैं, उसके बारे में अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं। थायरॉइड हार्मोन का स्तर बदलने से कुछ दूसरी दवाओं का असर बदल सकता है।
- वारफेरिन जैसी खून पतला करने वाली दवाएं: थायरॉइड काबू में आने पर इनका असर बदल सकता है, इसलिए खून के जमने की जांच की ज़रूरत पड़ सकती है
- डिगॉक्सिन और दमा (अस्थमा) की कुछ दवाएं (जैसे थियोफिलिन): थायरॉइड का स्तर बदलने पर इनकी खुराक की समीक्षा करनी पड़ सकती है
- आयोडीन वाले उत्पाद और सप्लीमेंट, जिनमें कुछ समुद्री शैवाल (सीवीड या केल्प) वाले उत्पाद भी शामिल हैं: अपने डॉक्टर से पूछें
लैब जाँच पर असर
- थायरॉइड की खून की जांच (थायरॉइड हार्मोन का स्तर): खुराक तय करने और बदलने के लिए
- गले में खराश, बुखार या संक्रमण के लक्षण दिखने पर खून की कोशिकाओं की गिनती की जांच
अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
एक अतिरिक्त खुराक से ज़्यादा साइड इफेक्ट की संभावना कम है। अगर आपने दो या ज़्यादा अतिरिक्त खुराकें ली हैं, या तबीयत ठीक नहीं लग रही, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से बात करें; अगर कोई बहुत बीमार है, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पत्ता (स्ट्रिप) साथ ले जाएं।
भारत में नियामक स्थिति
भारत में सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर बिक्री के लिए मंज़ूर। सिर्फ़ कार्बिमाज़ोल वाली दवा सीडीएससीओ की धारा 26A की प्रतिबंधित सूची में नहीं है।
दवा का प्रकार
कार्बिमाज़ोल इस प्रकार की दवा है।
कार्बिमाज़ोल वाली दवाएँ
भारत में बिकने वाली इन दवाओं में कार्बिमाज़ोल होता है। इन्हें वर्णक्रम में दिया गया है, रैंकिंग के अनुसार नहीं।
- नियो-मरकाज़ोल 5 (Neo-Mercazole 5) · 5 mg गोली (टैबलेट)
कार्बिमाज़ोल किसलिए इस्तेमाल होती है?
कार्बिमाज़ोल वाली दवाएँ इन स्थितियों में इस्तेमाल होती हैं।
आम सवाल
कार्बिमाज़ोल लेते समय गले में खराश या बुखार हो तो क्या करें?
तुरंत डॉक्टरी मदद लें और बताएं कि आप कार्बिमाज़ोल लेते हैं। गले में खराश, बुखार, मुंह में छाले या फ्लू जैसी बीमारी सफ़ेद कोशिकाओं की कमी का संकेत हो सकती है, जिसके लिए खून की जांच चाहिए। ठीक होने का इंतज़ार न करें।
कार्बिमाज़ोल कितने समय तक ली जाती है?
यह डॉक्टर तय करते हैं। इलाज अक्सर 12 से 18 महीने चलता है, फिर खुराक घटाकर बंद की जाती है, हालांकि कुछ लोगों को ज़्यादा समय लगता है। बदलाव खून की जांच देखकर किए जाते हैं। अपने आप बंद न करें, क्योंकि लक्षण लौट सकते हैं।
क्या गर्भावस्था में कार्बिमाज़ोल ले सकते हैं?
गर्भावस्था में इसकी सलाह अक्सर नहीं दी जाती, और डॉक्टर दूसरी दवा दे सकते हैं। गर्भवती हों या बच्चे की योजना हो तो तुरंत डॉक्टर को बताएं। खुद बंद न करें, क्योंकि बिना इलाज के ज़्यादा सक्रिय थायरॉइड बच्चे पर भी असर डाल सकता है।
स्रोत
- Carbimazole. NHS (UK)
- Carbimazole: how and when to take it. NHS (UK)
- Carbimazole: side effects. NHS (UK)
- Carbimazole: pregnancy, breastfeeding and fertility. NHS (UK)
- Overactive thyroid (hyperthyroidism). NHS (UK)
- ATC/DDD Index: H03BB Sulfur-containing imidazole derivatives. WHO Collaborating Centre for Drug Statistics Methodology
- List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)
