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फ्यूरोसेमाइड (Furosemide): उपयोग, कैसे काम करता है, दवाएँ

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फ्यूरोसेमाइड डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली 'पानी की गोली' है, जो शरीर से अतिरिक्त पानी निकालती है। यह दिल की कमज़ोरी (हार्ट फेल्योर), गुर्दे की बीमारी या जिगर की गंभीर बीमारी से होने वाली सूजन के लिए और कभी-कभी हाई ब्लड प्रेशर के लिए इस्तेमाल होती है। इससे पेशाब ज़्यादा आता है। शरीर में पानी की कमी और खून में नमक की कमी पर नज़र रखनी पड़ती है, और इसे सिर्फ़ डॉक्टर की सलाह पर ही शुरू या बंद करें।

फ़ार्मासिस्ट समीक्षा जारी है। यह पेज नीचे दिए गए स्रोतों पर आधारित है और हमारे पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट इसकी जाँच कर रहे हैं।

अंतिम अपडेट: · गलती बताएँ

फ्यूरोसेमाइड: एक नज़र में. किसलिए इस्तेमाल होती है: दिल की कमज़ोरी, गुर्दे या जिगर की बीमारी में अतिरिक्त पानी जमा होने से सूजन, कभी-कभी हाई ब्लड प्रेशर. पहले डॉक्टर से पूछें: गुर्दे या जिगर की बीमारी, डायबिटीज़, गठिया (गाउट) या कम ब्लड प्रेशर, गर्भावस्था या स्तनपान, उल्टी, दस्त या बुखार. इनके लिए तुरंत चिकित्सा सहायता लें: शरीर में पानी की कमी के लक्षण, बहुत कम पेशाब आना, चेहरे, होंठों या गले में सूजन, बेहोशी. ज़्यादा मात्रा में लेना: बताई गई मात्रा से ज़्यादा लेना खतरनाक हो सकता है: 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं, और दवा का पत्ता या डिब्बा साथ ले जाएं. खुराक: लेबल या अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें.

फ्यूरोसेमाइड कैसे काम करती है?

फ्यूरोसेमाइड गुर्दे की नली के एक हिस्से 'लूप ऑफ हेनले' पर काम करती है और नमक को वापस शरीर में सोखे जाने से रोकती है। पानी नमक के साथ बाहर निकलता है, इसलिए पेशाब ज़्यादा बनता है और शरीर में जमा अतिरिक्त पानी कम होता है।

फ्यूरोसेमाइड कैसे लें

लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें। फ्यूरोसेमाइड अक्सर दिन में एक बार सुबह ली जाती है, खाने के साथ या बिना खाने के। खुराक कितनी हो और कितने समय तक लेनी है, यह आपका डॉक्टर तय करता है।

फ्यूरोसेमाइड के साइड इफेक्ट्स

ज़्यादातर लोग फ्यूरोसेमाइड बिना किसी गंभीर परेशानी के लेते हैं। कुछ साइड इफेक्ट आम और हल्के होते हैं, लेकिन कुछ में डॉक्टरी मदद की ज़रूरत पड़ती है।

कम होने वाले या हल्के

  • पेशाब के लिए बार-बार जाना पड़ना
  • प्यास लगना
  • चक्कर आना
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों का फड़कना या ऐंठन

दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें

  • शरीर में पानी की कमी के लक्षण: मुंह सूखना, तेज़ प्यास, गहरे रंग का पेशाब, बहुत कम पेशाब आना, चक्कर आना, उलझन महसूस होना
  • चेहरे, होंठों या गले में सूजन, या सांस लेने में तकलीफ (गंभीर एलर्जी का असर)। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
  • त्वचा पर छाले पड़ना और साथ में फ्लू जैसे लक्षण। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
  • पेशाब बहुत कम आना, या गुर्दे की परेशानी के दूसरे लक्षण

किन्हें सावधानी रखनी चाहिए

कुछ लोगों को फ्यूरोसेमाइड लेने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, या इसे लेते समय खास सावधानी रखनी चाहिए।

जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

  • फ्यूरोसेमाइड या गोली के किसी भी घटक से एलर्जी
  • पेशाब न कर पाना
  • शरीर में पानी की गंभीर कमी या खून में नमक बहुत कम होना
  • गुर्दे या जिगर (लिवर) की परेशानी
  • डायबिटीज़, गठिया (गाउट) या एडिसन रोग
  • ब्लड प्रेशर कम रहना
  • फ्यूरोसेमाइड या किसी दूसरी पानी की गोली (डाययूरेटिक) से पहले कभी एलर्जी का असर (रिएक्शन) होना
  • गर्भावस्था और स्तनपान: आमतौर पर इस्तेमाल नहीं की जाती; अपने डॉक्टर से बात करें
  • उल्टी, दस्त या बुखार: शरीर में पानी की कमी का खतरा; डॉक्टर से पूछें कि क्या करना है

फ्यूरोसेमाइड के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें

फ्यूरोसेमाइड दूसरी दवाओं के काम करने का तरीका बदल सकती है, और कुछ दवाएं इसके असर को बदल देती हैं। आप जो भी लेते हैं, जैसे जड़ी-बूटी की दवाएं और बिना पर्चे के खरीदी दर्द की दवाएं, सब के बारे में डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं।

  • ब्लड प्रेशर की दूसरी दवाएं, जिनमें ACE इनहिबिटर भी शामिल हैं: ब्लड प्रेशर बहुत ज़्यादा गिर सकता है
  • डिगॉक्सिन और दिल की धड़कन की दवाएं
  • लिथियम
  • इबुप्रोफेन जैसी NSAID दर्द की दवाएं
  • कब्ज़ की दवाएं (लैक्सेटिव)
  • कुछ एंटीडिप्रेसेंट दवाएं, फ्लुकोनाज़ोल और रिसपेरिडोन

अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो

बताई गई मात्रा से ज़्यादा लेना खतरनाक हो सकता है, इससे शरीर से बहुत ज़्यादा पानी निकल जाता है, चक्कर आते हैं और बेहोशी हो सकती है। अगर किसी ने बताई गई मात्रा से ज़्यादा दवा खा ली हो, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पत्ता या डिब्बा साथ ले जाएं।

भारत में नियामक स्थिति

भारत में सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा के रूप में बिक्री के लिए मंज़ूर। केवल फ्यूरोसेमाइड वाली दवा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 26A के तहत प्रतिबंधित दवाओं की सीडीएससीओ की सूची में नहीं है। इसे दूसरी दवाओं के साथ मिलाकर बनाई गई फिक्स्ड-डोज़ कॉम्बिनेशन दवाओं पर अलग नियम लागू हो सकते हैं, इसलिए पैक पर लिखे घटकों की सूची देखें।

दवा का प्रकार

फ्यूरोसेमाइड इस प्रकार की दवा है।

फ्यूरोसेमाइड वाली दवाएँ

भारत में बिकने वाली इन दवाओं में फ्यूरोसेमाइड होता है। इन्हें वर्णक्रम में दिया गया है, रैंकिंग के अनुसार नहीं।

फ्यूरोसेमाइड किसलिए इस्तेमाल होती है?

फ्यूरोसेमाइड वाली दवाएँ इन स्थितियों में इस्तेमाल होती हैं।

आम सवाल

फ्यूरोसेमाइड किसलिए इस्तेमाल होती है?

फ्यूरोसेमाइड डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली पानी की गोली है, जो दिल की कमज़ोरी, गुर्दे की बीमारी और जिगर की गंभीर बीमारी जैसी हालत में अतिरिक्त पानी निकालने के लिए और कभी-कभी हाई ब्लड प्रेशर के लिए इस्तेमाल होती है। यह आपके लिए ठीक है या नहीं, यह डॉक्टर तय करता है।

फ्यूरोसेमाइड से इतना ज़्यादा पेशाब क्यों आता है?

यह गुर्दों को नमक वापस सोखने से रोकती है, इसलिए नमक और पानी पेशाब के साथ बाहर निकल जाते हैं। कई लोग इसे सुबह लेते हैं ताकि नींद में रुकावट न पड़े। आपके लिए सही समय क्या है, यह डॉक्टर से पूछें।

फ्यूरोसेमाइड लेते समय उल्टी या दस्त हो तो क्या करूं?

इनसे शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिसे यह गोली और बढ़ा सकती है। लक्षण हैं: मुंह सूखना, प्यास, गहरे रंग का पेशाब, चक्कर और उलझन। खुद फैसला करने के बजाय डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें।

क्या फ्यूरोसेमाइड लेते समय खून की जांच करानी पड़ती है?

अक्सर हां। यह पोटैशियम और सोडियम जैसे नमकों को बदल सकती है और गुर्दों पर असर डाल सकती है, इसलिए डॉक्टर समय-समय पर खून की जांच कराते हैं, खासकर लंबे समय तक लेने पर। अपने डॉक्टर की सलाह मानें।

क्या फ्यूरोसेमाइड के साथ शराब पी सकते हैं?

बेहतर है कि न पिएं, क्योंकि शराब से चक्कर और शरीर में पानी की कमी बढ़ सकती है। आपके लिए क्या ठीक है, यह डॉक्टर से पूछें।

स्रोत

  1. Furosemide: a medicine to remove excess fluid. NHS (UK)
  2. Heart failure. NHS (UK)
  3. ATC/DDD Index: C03CA01 furosemide. WHO Collaborating Centre for Drug Statistics Methodology
  4. List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)