बैक्टीरियल संक्रमण (Bacterial infections): इसमें इस्तेमाल होने वाली दवाएँ
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बैक्टीरियल संक्रमण वह बीमारी है जो शरीर में नुकसानदेह बैक्टीरिया के बढ़ने से होती है, जैसे पेशाब की नली, सीने, त्वचा या आंतों में। एंटीबायोटिक कुछ बैक्टीरियल संक्रमणों का इलाज बैक्टीरिया को मारकर या उनका फैलना रोककर करती हैं, लेकिन ये सर्दी-ज़ुकाम और फ़्लू जैसे वायरस के संक्रमणों पर काम नहीं करतीं। कई हल्के बैक्टीरियल संक्रमण बिना एंटीबायोटिक के ठीक हो जाते हैं, इसलिए एंटीबायोटिक की ज़रूरत है या नहीं, यह सिर्फ़ डॉक्टर बता सकते हैं। भारत में एंटीबायोटिक के लिए डॉक्टर की पर्ची चाहिए, और ज़रूरत न होने पर इन्हें लेने से ये आगे चलकर कम असर कर सकती हैं।
फ़ार्मासिस्ट समीक्षा जारी है। यह पेज नीचे दिए गए स्रोतों पर आधारित है और हमारे पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट इसकी जाँच कर रहे हैं।
बैक्टीरियल संक्रमण में इस्तेमाल होने वाली दवाएँ
ये सक्रिय घटक उन दवाओं में होते हैं जिनके स्वीकृत उपयोगों में बैक्टीरियल संक्रमण शामिल है। ब्रांड वर्णक्रम में दिए गए हैं, रैंकिंग के अनुसार नहीं। आपके लिए कौन-सी दवा सही है, यह डॉक्टर या फ़ार्मासिस्ट तय करते हैं।
डॉक्सीसाइक्लिन
- डॉक्स्ट-एसएल 100 (Doxt-SL 100) · 100 mg गोली (टैबलेट)
मेट्रोनिडाज़ोल
- मेट्रोजिल 400 (Metrogyl 400) · 400 mg गोली (टैबलेट)
सिप्रोफ्लॉक्सासिन
- सिफ्रान 500 (Cifran 500) · 500 mg फ़िल्म-कोटेड गोली (टैबलेट)
सेफिक्सिम
- टैक्सिम-ओ 200 (Taxim-O 200) · 200 mg फ़िल्म-कोटेड गोली (टैबलेट)
सेफुरोक्सिम
- ज़ोसेफ़ 500 (Zocef 500) · 500 mg फ़िल्म-कोटेड गोली (टैबलेट)
आम सवाल
क्या एंटीबायोटिक सर्दी-ज़ुकाम, फ़्लू और ज़्यादातर खांसी में काम करती हैं?
नहीं। सर्दी-ज़ुकाम, फ़्लू और ज़्यादातर खांसी वायरस से होती हैं, और एंटीबायोटिक सिर्फ़ बैक्टीरिया पर असर करती हैं। वायरस की बीमारी में एंटीबायोटिक लेने से ठीक होने की रफ़्तार नहीं बढ़ती, साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं और एंटीबायोटिक रेज़िस्टेंस (प्रतिरोध) बढ़ता है। संक्रमण बैक्टीरिया से है और एंटीबायोटिक की ज़रूरत है या नहीं, यह डॉक्टर तय करते हैं।
एंटीबायोटिक का कोर्स लिखे अनुसार पूरा क्यों करना चाहिए?
संक्रमण ख़त्म करने के लिए डॉक्टर दवा और दिनों की संख्या चुनते हैं। जल्दी बंद करने या बची हुई गोलियां दूसरों के साथ बांटने से संक्रमण लौट सकता है और रेज़िस्टेंट बैक्टीरिया को बढ़ने में मदद मिल सकती है। कोर्स बिल्कुल लिखे अनुसार लें, और अगर कोई बुरा रिएक्शन हो तो अपने डॉक्टर को फ़ोन करें।
एंटीबायोटिक रेज़िस्टेंस क्या है?
रेज़िस्टेंस का मतलब है कि बैक्टीरिया इस तरह बदल जाते हैं कि एंटीबायोटिक उन पर काम नहीं करती। ज़रूरत न होने पर या लिखे अनुसार न लेने पर इसकी संभावना बढ़ जाती है। रेज़िस्टेंट संक्रमणों का इलाज मुश्किल होता है और उनके लिए ज़्यादा तेज़ दवाओं की ज़रूरत पड़ सकती है।
स्रोत
- Bacterial infections. MedlinePlus, US National Library of Medicine (NIH)
- Antibiotics. NHS (UK)
- Healthy habits: antibiotic do's and don'ts. US Centers for Disease Control and Prevention (CDC)
- Strep throat: all you need to know. US Centers for Disease Control and Prevention (CDC)
- Pneumonia. NHS (UK)
- Cellulitis. NHS (UK)
- Impetigo. NHS (UK)
- Food poisoning. NHS (UK)
- Urinary tract infections (UTIs). NHS (UK)
- Typhoid: fact sheet. World Health Organization
- Tuberculosis: fact sheet. World Health Organization
- Sepsis. NHS (UK)
- High temperature (fever) in adults. NHS (UK)
- Bacteria culture test. MedlinePlus, US National Library of Medicine (NIH)
- White blood count (WBC). MedlinePlus, US National Library of Medicine (NIH)
- C-reactive protein (CRP) test. MedlinePlus, US National Library of Medicine (NIH)
- Procalcitonin test. MedlinePlus, US National Library of Medicine (NIH)
- Antimicrobial resistance: fact sheet. World Health Organization
- Treatment Guidelines for Antimicrobial Use in Common Syndromes: antibiotic use. Indian Council of Medical Research (ICMR)
