अमेरिल 2 (Amaryl 2): उपयोग, यह कैसे काम करती है, साइड इफेक्ट्स
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अमेरिल 2 डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली गोली है जिसमें 2 मिलीग्राम ग्लिमेपिराइड होता है। यह टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में खान-पान और शारीरिक गतिविधि के साथ ब्लड शुगर (खून में शक्कर) कम करने के लिए इस्तेमाल होती है। यह सल्फोनिलयूरिया नाम के समूह की दवा है, जो अग्न्याशय (पैंक्रियास) को ज़्यादा इंसुलिन छोड़ने में मदद करती है। इसे सिर्फ़ डॉक्टर के पर्चे पर लें और डॉक्टर से पूछे बिना शुरू या बंद न करें। इसका मुख्य जोखिम खून में शक्कर का बहुत कम हो जाना (हाइपोग्लाइसीमिया) है।
- सक्रिय घटक
- ग्लिमेपिराइड 2 mg
- दवा का प्रकार
- सल्फोनिलयूरिया
- किसमें इस्तेमाल होती है
- टाइप 2 डायबिटीज़ (मधुमेह)
- असर शुरू होता है
- खुराक के कुछ घंटों में ब्लड शुगर गिरना शुरू हो जाती है; डॉक्टर कई हफ्तों में खून की जांच से असर देखते हैं
- असर रहता है
- सुबह की एक खुराक आम तौर पर पूरे दिन के लिए काफ़ी होती है; लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें
- खाने के साथ या बिना
- आम तौर पर नाश्ते या दिन के पहले मुख्य खाने के साथ ली जाती है; इसे लेते समय खाना न छोड़ें
- शराब
- शराब से ब्लड शुगर कम हो सकती है; डॉक्टर से पूछें
- गर्भावस्था
- आम तौर पर इस्तेमाल नहीं होती; अगर आप गर्भवती हैं या हो सकती हैं तो डॉक्टर को बताएं
- आदत बनाने वाली
- नहीं
- निर्माता
- Sanofi India Ltd

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अमेरिल 2 किसलिए इस्तेमाल होती है?
अमेरिल 2 सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। यह डॉक्टर की सलाह पर टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में ब्लड शुगर काबू करने में मदद के लिए इस्तेमाल होती है।
- टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में खान-पान और शारीरिक गतिविधि के साथ ब्लड शुगर कम करना
- टाइप 1 डायबिटीज़ या डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के लिए नहीं है
अमेरिल 2 कैसे काम करती है?
ग्लिमेपिराइड अग्न्याशय की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर असर करती है और उन्हें ज़्यादा इंसुलिन छोड़ने के लिए प्रेरित करती है। ज़्यादा इंसुलिन से शरीर खून से शक्कर को बाहर निकालकर इस्तेमाल कर पाता है। यह तभी काम करती है जब तक अग्न्याशय में इंसुलिन बन सकता हो।
लेने के बाद आपके शरीर में क्या होता है
आप गोली निगलते हैं
गोली आंत में घुलती है और ग्लिमेपिराइड खून में सोखी जाती है। इसे आम तौर पर दिन के पहले मुख्य खाने के साथ लिया जाता है।
यह अग्न्याशय तक पहुंचती है
ग्लिमेपिराइड खून के ज़रिए अग्न्याशय तक जाती है, जहां यह इंसुलिन बनाने वाली (बीटा) कोशिकाओं से जुड़ जाती है।
कोशिकाएं ज़्यादा इंसुलिन छोड़ती हैं
कोशिकाओं से जुड़ने पर वे ज़्यादा इंसुलिन छोड़ती हैं, चाहे उस समय ब्लड शुगर ज़्यादा हो या न हो।
ब्लड शुगर गिरती है
ज़्यादा इंसुलिन होने से मांसपेशियां और दूसरे अंग खून से ज़्यादा शक्कर लेते हैं और ब्लड शुगर कम होती है। असर ज़्यादा हो जाए या कोई खाना छूट जाए तो यह ज़रूरत से ज़्यादा गिर सकती है।
शरीर इसे बाहर निकालता है
जिगर (लिवर) ग्लिमेपिराइड को तोड़ता है और इससे बने पदार्थ पेशाब और मल के रास्ते बाहर निकलते हैं। गुर्दे (किडनी) या जिगर की तकलीफ़ वालों में यह धीरे निकलती है, इसलिए खून में शक्कर कम होने की संभावना ज़्यादा रहती है।
अमेरिल 2 कैसे लें
अमेरिल 2 ठीक वैसे लें जैसा आपके डॉक्टर ने बताया है या पैक पर लिखा है। खुराक डॉक्टर तय करते हैं और खून की जांच के बाद बदल भी सकते हैं।
- यह आम तौर पर दिन में एक बार नाश्ते या दिन के पहले मुख्य खाने के साथ ली जाती है। लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें।
- इसे लेते समय खाना न छोड़ें: खाना न खाने पर ब्लड शुगर बहुत कम हो सकती है।
- अगर खुराक छूट जाए तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें कि क्या करना है; छूटी खुराक पूरी करने के लिए दो खुराक एक साथ न लें।
- खुद से दवा बंद न करें, क्योंकि ब्लड शुगर फिर बढ़ सकती है; पहले डॉक्टर से बात करें।
- डॉक्टर नियमित रूप से ब्लड शुगर और HbA1c की जांच करवाएंगे।
अमेरिल 2 के साइड इफेक्ट्स
खून में शक्कर कम होना अमेरिल 2 का मुख्य साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) है। दूसरे असर आम तौर पर हल्के होते हैं, लेकिन कुछ में डॉक्टरी मदद की ज़रूरत होती है।
कम होने वाले या हल्के
- खून में शक्कर कम होना: कंपकंपी, पसीना, भूख, सिरदर्द, चक्कर आना, उलझन या दिल की तेज़ धड़कन
- जी मिचलाना, उल्टी, पेट में बेचैनी या दस्त (पतला पाखाना)
- चक्कर आना
- वज़न बढ़ना
- धुंधला दिखना, खासकर जब ब्लड शुगर बदल रही हो
दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें
- खून में शक्कर बहुत कम होना: उलझन, दौरे (मिर्गी जैसे झटके) या बेहोशी। इसे इमरजेंसी मानें और तुरंत डॉक्टरी मदद लें
- चेहरे, होंठ, जीभ या गले में सूजन, गंभीर दाने / चकत्ते या सांस लेने में तकलीफ (गंभीर एलर्जी का असर)। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
- त्वचा (चमड़ी) पीली या सफ़ेद पड़ना, गहरे रंग का पेशाब या असामान्य थकान (लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने की संभावना, G6PD की कमी वालों में खास जोखिम)
- त्वचा या आंखों का पीला पड़ना, या पेट में तेज़ दर्द (जिगर की तकलीफ़ की संभावना)
- असामान्य रूप से नील पड़ना, खून बहना या बार-बार संक्रमण (इन्फेक्शन) होना (खून की कोशिकाओं की गिनती में बदलाव की संभावना)
किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
कुछ लोगों को अमेरिल 2 लेने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, या इसे लेते समय अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए।
जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
- ग्लिमेपिराइड, इसके घटकों या सल्फोनामाइड दवाओं से एलर्जी
- टाइप 1 डायबिटीज़ या डायबिटिक कीटोएसिडोसिस
- खाना छोड़ने या देर से खाने, शराब पीने, ज़्यादा कसरत करने, बड़ी उम्र होने, या गुर्दे, जिगर या एड्रीनल की तकलीफ़ होने पर खून में शक्कर कम होने की संभावना ज़्यादा रहती है। इसके चेतावनी संकेत पहचानें और परिवार या साथ के लोगों को बताएं कि क्या करना है
- सल्फोनामाइड दवाओं (सल्फा दवाओं) से एलर्जी: ग्लिमेपिराइड से भी एलर्जी का असर हो सकता है
- G6PD की कमी: लाल रक्त कोशिकाएं टूट सकती हैं; डॉक्टर को बताएं
- बीटा-ब्लॉकर दवाएं खून में शक्कर कम होने के चेतावनी संकेतों को छिपा सकती हैं
- उल्टी, दस्त, बुखार या खाना न खा पाने की बीमारी में ब्लड शुगर घट या बढ़ सकती है; अपनी डायबिटीज़ की दवाओं के बारे में डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें। बताए बिना खुद से बंद न करें
- सर्जरी, उपवास वाली कोई जांच या प्रक्रिया, या कोई नई गंभीर बीमारी या चोट: डॉक्टर को बताएं कि आप यह दवा लेते हैं
- गाड़ी चलाना या मशीन चलाना: खून में शक्कर कम होने से ध्यान लगाने में दिक्कत हो सकती है। डॉक्टर से पूछें
- गर्भावस्था और स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाना): आम तौर पर इस्तेमाल नहीं होती; जन्म के बाद बच्चे में शक्कर कम हो सकती है। गर्भवती होने, बच्चे की योजना बनाने या स्तनपान कराने पर डॉक्टर को बताएं
- गुर्दे की बीमारी या जिगर की बीमारी: डॉक्टर को अतिरिक्त सावधानी रखनी पड़ सकती है
अमेरिल 2 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
अमेरिल 2 दूसरी दवाओं के काम करने का तरीका बदल सकती है, और कुछ दवाएं इसके असर को बदल देती हैं। आप जो भी लेते हैं, जैसे जड़ी-बूटी की दवाएं और बिना पर्चे के मिलने वाली दर्द की दवाएं, सब डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं।
- इंसुलिन और डायबिटीज़ की दूसरी दवाएं: खून में शक्कर कम होने की संभावना बढ़ जाती है और खुराक बदलनी पड़ सकती है
- फ्लुकोनाज़ोल और माइकोनाज़ोल (फंगस की दवाएं): ये इसका असर बढ़ा सकती हैं और खून में शक्कर बहुत कम कर सकती हैं
- आइबुप्रोफेन या डाइक्लोफेनाक जैसी NSAID दर्द निवारक दवाएं और ACE इनहिबिटर: ये शक्कर घटाने के असर को बढ़ा सकती हैं
- बीटा-ब्लॉकर: ये खून में शक्कर कम होने के संकेतों को छिपा सकते हैं
- स्टेरॉयड (कॉर्टिकोस्टेरॉयड), थायज़ाइड पेशाब बढ़ाने वाली गोलियां, रिफैम्पिसिन और एस्ट्रोजन: ये ब्लड शुगर बढ़ा सकती हैं और इसका असर कमज़ोर कर सकती हैं
- कोलेसेवेलम: यह दवा के सोखे जाने को घटाती है, इसलिए डॉक्टर समय के बारे में सलाह देंगे
- शराब: इससे खून में शक्कर कम हो सकती है और अनचाहे असर हो सकते हैं
लैब जाँच पर असर
- ब्लड शुगर और HbA1c जांच: यह देखने के लिए कि डायबिटीज़ कितनी काबू में है
अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
अमेरिल 2 ज़रूरत से ज़्यादा लेने पर खून में शक्कर बहुत कम हो सकती है और लंबे समय तक रह सकती है, जिससे दौरे या बेहोशी हो सकती है। अगर किसी ने बताई गई मात्रा से ज़्यादा ले ली है, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पैक साथ ले जाएं, भले ही वह ठीक महसूस कर रहा हो।
कैसे रखें
30 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर, सूखी जगह में, नमी से बचाकर, असली पत्ते (स्ट्रिप) में और बच्चों की पहुंच से दूर रखें। एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) के बाद इस्तेमाल न करें। रखने के सही तरीके के लिए पैक देखें।
भारत में नियामक स्थिति
भारत में सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर बिक्री के लिए मंज़ूर। सिर्फ़ ग्लिमेपिराइड वाली दवा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 26A के तहत सीडीएससीओ की प्रतिबंधित दवाओं की सूची में नहीं है, लेकिन ग्लिमेपिराइड के साथ पायोग्लिटाज़ोन या मेटफॉर्मिन की कई मिली-जुली दवाएं (फिक्स्ड-डोज़ कॉम्बिनेशन) प्रतिबंधित की गई हैं, इसलिए पैक पर लिखे घटकों की सूची देखें। अमेरिल 2 में सिर्फ़ ग्लिमेपिराइड है।
इसी दवा वाले दूसरे ब्रांड
ग्लिमेपिराइड 2 मिलीग्राम की गोलियां दूसरे ब्रांड नामों से और जेनेरिक दवा के रूप में भी बिकती हैं। इनमें वही दवा होती है; खुराक की मात्रा के लिए लेबल देखें। मिलते-जुलते ब्रांड नाम वाली कुछ दवाओं में मेटफॉर्मिन या दूसरी दवाएं भी होती हैं, इसलिए डॉक्टर से पूछे बिना इन्हें आपस में न बदलें।
अन्य मात्रा और रूप
ग्लिमेपिराइड अलग-अलग मात्रा में और मेटफॉर्मिन व डायबिटीज़ की दूसरी दवाओं के साथ मिली-जुली गोलियों में भी बिकती है। पायोग्लिटाज़ोन या मेटफॉर्मिन के साथ की कई मिली-जुली दवाएं भारत में प्रतिबंधित हो चुकी हैं, इसलिए आपके पास जो दवा है उसके पैक पर घटकों की सूची देखें।
आम सवाल
क्या अमेरिल 2 सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है?
हां। भारत में ग्लिमेपिराइड सिर्फ़ डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है। इसे तभी लें जब डॉक्टर ने लिखी हो, और डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू, बंद या बदलें नहीं। ठीक महसूस करने पर भी बताए अनुसार लेते रहें।
क्या अमेरिल 2 शुगर (डायबिटीज़) की दवा है?
हां। अमेरिल 2 में ग्लिमेपिराइड है, जो टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों में खान-पान और गतिविधि के साथ ब्लड शुगर कम करने के लिए इस्तेमाल होती है। यह टाइप 1 डायबिटीज़ के लिए नहीं है। यह आपके लिए ठीक है या नहीं, डॉक्टर तय करते हैं।
अमेरिल 2 से खून में शक्कर कम क्यों हो सकती है?
यह अग्न्याशय से इंसुलिन तब भी छुड़वाती है जब ब्लड शुगर ज़्यादा न हो। खाना छोड़ने, शराब पीने, ज़्यादा कसरत करने या डायबिटीज़ की दूसरी दवाएं लेने पर ब्लड शुगर बहुत गिर सकती है। चेतावनी संकेत पहचानें और इसके इलाज की डॉक्टर की योजना मानें।
खून में शक्कर कम होने के संकेत क्या हैं?
आम संकेत हैं कंपकंपी, पसीना, भूख, सिरदर्द, चक्कर, दिल की तेज़ धड़कन, उलझन या असामान्य थकान। बहुत कम शक्कर से दौरे या बेहोशी हो सकती है और यह इमरजेंसी है। डॉक्टर की दी योजना मानें, और ठीक न हो तो डॉक्टरी मदद लें।
बीमार होने या खाना न खा पाने पर क्या मैं अमेरिल 2 ले सकता/सकती हूं?
उल्टी, दस्त या बुखार की बीमारी, या खाना न खाने से ब्लड शुगर बदल सकती है। ऐसे दिनों में अपनी डायबिटीज़ की दवाओं के बारे में डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें। बताए बिना खुद से बंद या बदलें नहीं।
क्या अमेरिल 2 लेते समय शराब पी सकते हैं?
शराब से ब्लड शुगर कम हो सकती है और शक्कर कम होने का पता चलना मुश्किल हो सकता है। बेहतर है कि इससे बचें या बहुत कम लें। डॉक्टर से पूछें कि आपके लिए क्या ठीक है।
क्या गर्भावस्था में अमेरिल 2 ले सकते हैं?
यह आम तौर पर गर्भावस्था या स्तनपान में इस्तेमाल नहीं होती, और डॉक्टर कोई दूसरा इलाज सुझा सकते हैं। गर्भवती होने, बच्चे की योजना बनाने या स्तनपान कराने पर डॉक्टर को बताएं। डॉक्टर से बात किए बिना इसे बंद न करें।
अमेरिल 2 और ग्लिमेपिराइड 2 मिलीग्राम में क्या फ़र्क है?
अमेरिल ब्रांड का नाम है और ग्लिमेपिराइड उसके अंदर की दवा है। जेनेरिक ग्लिमेपिराइड 2 मिलीग्राम की गोलियों में वही मुख्य घटक होता है। पैक पर खुराक की मात्रा और घटकों की सूची देखें, और बदलने से पहले डॉक्टर से पूछें।
स्रोत
- Glimepiride tablets: prescribing information (label effective 11/2024). DailyMed, US National Library of Medicine
- Gliclazide: a medicine for type 2 diabetes. NHS (UK)
- Type 2 diabetes: treatment. NHS (UK)
- List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)
- National Formulary of India. Indian Pharmacopoeia Commission
