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रैबेप्राज़ोल (Rabeprazole): उपयोग, कैसे काम करता है, दवाएँ

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रैबेप्राज़ोल एक प्रोटॉन पंप इनहिबिटर (PPI) है, यानी ऐसी दवा जो पेट में बनने वाले एसिड की मात्रा कम करती है। इसका इस्तेमाल एसिड रिफ्लक्स (GERD) और ग्रहणी (डुओडेनम) के अल्सर के इलाज के लिए, और एंटीबायोटिक के साथ हेलिकोबैक्टर पाइलोरी संक्रमण के इलाज के लिए होता है। भारत में यह डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली दवा है।

फ़ार्मासिस्ट समीक्षा जारी है। यह पेज नीचे दिए गए स्रोतों पर आधारित है और हमारे पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट इसकी जाँच कर रहे हैं।

अंतिम अपडेट: · गलती बताएँ

रैबेप्राज़ोल: एक नज़र में. किसलिए इस्तेमाल होती है: एसिड रिफ्लक्स (GERD) और सीने की जलन, ग्रहणी (डुओडेनम) के अल्सर भरना, हेलिकोबैक्टर पाइलोरी संक्रमण, एंटीबायोटिक के सा. पहले डॉक्टर से पूछें: बिना वजह वज़न घटना, निगलने में तकलीफ़ या खून की उल्टी, जिगर (लिवर) की बीमारी, गर्भावस्था या स्तनपान, HIV की दवाएं, वारफ़ेरिन या मेथोट्रेक्सेट, एक साल से ज़्यादा लंबे समय तक इस्तेमाल. इनके लिए तुरंत चिकित्सा सहायता लें: चेहरे, होंठों या गले में सूजन, त्वचा पर छाले पड़ना या परत उतरना, गंभीर या खून वाले दस्त, पेशाब बहुत कम आना, मांसपेशियों में ऐंठन या अनियमित धड़कन. ज़्यादा मात्रा में लेना: गलती से एक अतिरिक्त गोली लेने से नुकसान की संभावना कम है; बताई गई मात्रा से बहुत ज़्यादा लेने पर 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं. खुराक: लेबल या अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें.

रैबेप्राज़ोल कैसे काम करती है?

रैबेप्राज़ोल पेट की भीतरी परत की कोशिकाओं के एसिड पंप (H+/K+ ATPase) को रोकती है, जो पेट का एसिड बनने का आख़िरी चरण है। इसका असर दवा के खून में रहने के समय से कहीं ज़्यादा देर तक रहता है, इसलिए यह आम तौर पर दिन में एक बार ली जाती है।

रैबेप्राज़ोल कैसे लें

लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें। रैबेप्राज़ोल की गोलियां साबुत निगली जाती हैं, चबाई या कुचली नहीं जातीं, और ताक़त (स्ट्रेंथ) और कितने हफ़्ते लेनी है, यह इलाज की जा रही बीमारी पर निर्भर करता है। अगर आप इसे कई महीनों से ले रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से इसकी समीक्षा करने को कहें।

रैबेप्राज़ोल के साइड इफेक्ट्स

ज़्यादातर लोग रैबेप्राज़ोल बिना किसी परेशानी के लेते हैं, और साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) आम तौर पर हल्के होते हैं। कुछ दुर्लभ खतरे मुख्य रूप से लंबे समय तक इस्तेमाल से जुड़े हैं।

कम होने वाले या हल्के

  • सिरदर्द
  • पेट दर्द, गैस या कब्ज़
  • दस्त
  • जी मिचलाना
  • चक्कर आना या मुंह सूखना
  • गले में खराश

दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें

  • गंभीर एलर्जी के लक्षण: चेहरे, होंठों या गले में सूजन, सांस लेने में तकलीफ़ या अचानक पूरे शरीर पर दाने। तुरंत डॉक्टरी मदद लें
  • त्वचा पर गंभीर असर: लाल त्वचा जिस पर छाले पड़ें या परत उतरे, या मुंह में घाव
  • पानी जैसे या खून वाले दस्त जो ठीक न हों, साथ में पेट में मरोड़ या बुखार, जो आंतों के संक्रमण (सी. डिफिसिल) का लक्षण हो सकता है
  • पेशाब कम आना, पेशाब में खून, या दानों के साथ बुखार, जो गुर्दे (किडनी) की सूजन के लक्षण हो सकते हैं
  • धूप में खुली त्वचा पर दाने, साथ में जोड़ों में दर्द, जो ल्यूपस जैसी प्रतिक्रिया का लक्षण हो सकता है
  • मांसपेशियों में ऐंठन, फड़कन, दिल की अनियमित धड़कन या उलझन, जो मैग्नीशियम की कमी के लक्षण हो सकते हैं

किन्हें सावधानी रखनी चाहिए

रैबेप्राज़ोल किसी ज़्यादा गंभीर समस्या से होने वाले लक्षणों को कम कर सकती है, और लंबे समय तक लेने पर परेशानियां पैदा कर सकती है।

जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

  • रैबेप्राज़ोल, दूसरे प्रोटॉन पंप इनहिबिटर (सब्स्टिट्यूटेड बेंज़िमिडाज़ोल) या गोली के किसी भी घटक से एलर्जी
  • HIV की दवा रिलपिविरिन से इलाज
  • चेतावनी के संकेत जिनमें पहले डॉक्टर से जांच ज़रूरी है: बिना वजह वज़न घटना, निगलने में तकलीफ़, बार-बार उल्टी, खून की उल्टी या काला पाखाना। लक्षणों में आराम मिलने से पेट के कैंसर की संभावना खत्म नहीं हो जाती
  • लंबे समय तक इस्तेमाल (एक साल या ज़्यादा): यह विटामिन B12 और मैग्नीशियम घटा सकती है, हड्डियां कमज़ोर कर सकती है, और हड्डी टूटने तथा आंतों के संक्रमण का खतरा थोड़ा बढ़ा सकती है। आपका डॉक्टर देख सकता है कि आपको अब भी इसकी ज़रूरत है या नहीं
  • जिगर (लिवर) की बीमारी और मैग्नीशियम की कमी: अपने डॉक्टर को बताएं
  • गर्भावस्था या स्तनपान: पहले अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें
  • बच्चे: 20 mg की ताक़त (स्ट्रेंथ) छोटे बच्चों के लिए नहीं है; अपने डॉक्टर की सलाह मानें
  • पहले से तय एंडोस्कोपी या क्रोमोग्रैनिन A का खून का टेस्ट: इससे पहले रैबेप्राज़ोल कुछ समय के लिए रोकनी पड़ सकती है, इसलिए डॉक्टर को बताएं

रैबेप्राज़ोल के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें

रैबेप्राज़ोल पेट का एसिड कम करती है, इसलिए यह कुछ दवाओं के काम करने के तरीके को बदल सकती है। आप जो भी दवाएं लेते हैं, उनके बारे में अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं।

  • रिलपिविरिन (HIV की दवा): इसके साथ नहीं लेनी चाहिए
  • एटाज़ानाविर और नेल्फ़िनाविर (HIV की दवाएं): रैबेप्राज़ोल इनका स्तर घटा सकती है, इसलिए डॉक्टर यह मेल टालते हैं या इसमें बदलाव करते हैं
  • वारफ़ेरिन: खून जमने की जांच (INR) ज़्यादा बार करानी पड़ सकती है
  • ज़्यादा खुराक में मेथोट्रेक्सेट, डिगॉक्सिन और टैक्रोलिमस: इनका स्तर बढ़ सकता है, इसलिए आपका डॉक्टर इनकी निगरानी कर सकता है
  • जिन दवाओं को सोखने के लिए पेट के एसिड की ज़रूरत होती है, जैसे कीटोकोनाज़ोल, इट्राकोनाज़ोल और आयरन की गोलियां: ये कम असर कर सकती हैं
  • क्लोपिडोग्रेल: इसके सक्रिय रूप में थोड़ी कमी देखी गई है; अगर आप इसे लेते हैं तो अपने डॉक्टर से पूछें

अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो

गलती से एक अतिरिक्त गोली लेने से नुकसान होने की संभावना कम है। अगर किसी ने बताई गई मात्रा से बहुत ज़्यादा ले ली हो, या उसकी तबीयत ठीक न लगे, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पैक साथ ले जाएं।

भारत में नियामक स्थिति

भारत में डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली दवा के रूप में बिक्री के लिए मंज़ूर है। जांचे गए सीडीएससीओ की प्रतिबंधित दवाओं की सूची के पाठ में अकेली रैबेप्राज़ोल नहीं मिली, लेकिन रैबेप्राज़ोल वाली कई फिक्स्ड-डोज़ कॉम्बिनेशन दवाएं प्रतिबंधित हैं, जैसे डाइक्लोफेनाक और पैरासिटामोल के साथ या ज़िंक और डॉम्पेरिडोन के साथ, इसलिए पैक पर घटकों की सूची देखें।

दवा का प्रकार

रैबेप्राज़ोल इस प्रकार की दवा है।

रैबेप्राज़ोल वाली दवाएँ

भारत में बिकने वाली इन दवाओं में रैबेप्राज़ोल होता है। इन्हें वर्णक्रम में दिया गया है, रैंकिंग के अनुसार नहीं।

  • रेज़ो 20 (Razo 20) · 20 mg गैस्ट्रो-रेज़िस्टेंट (एंटेरिक-कोटेड) गोली

रैबेप्राज़ोल किसलिए इस्तेमाल होती है?

रैबेप्राज़ोल वाली दवाएँ इन स्थितियों में इस्तेमाल होती हैं।

इसी प्रकार की दूसरी दवाएँ

ये सक्रिय घटक रैबेप्राज़ोल के ही प्रकार के हैं।

आम सवाल

रैबेप्राज़ोल किसलिए इस्तेमाल होती है?

रैबेप्राज़ोल डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली दवा है जो पेट का एसिड कम करती है। इसका इस्तेमाल एसिड रिफ्लक्स (GERD), ग्रहणी (डुओडेनम) के अल्सर, और एंटीबायोटिक के साथ हेलिकोबैक्टर पाइलोरी संक्रमण के इलाज के लिए होता है। यह आपके लिए ठीक है या नहीं और कितने समय तक, यह डॉक्टर तय करते हैं।

रैबेप्राज़ोल खाने से पहले लेनी चाहिए या बाद में?

यह बीमारी के हिसाब से अलग होता है। लेबल के मुताबिक ग्रहणी के अल्सर का इलाज भोजन के बाद, H. pylori का इलाज भोजन के साथ, और दूसरे इस्तेमाल भोजन के साथ या बिना लिए जाते हैं। लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें और गोली साबुत निगलें।

क्या मैं रैबेप्राज़ोल लंबे समय तक ले सकता हूं?

सिर्फ़ तभी, जब आपका डॉक्टर सलाह दे और इसकी समीक्षा करे। लंबे समय तक इस्तेमाल विटामिन B12 और मैग्नीशियम की कमी, कमज़ोर हड्डियों और आंतों के संक्रमण से जुड़ा है। बहुत से लोगों को इसकी ज़रूरत सिर्फ़ कुछ हफ़्ते ही पड़ती है। बताए गए कोर्स को अपने आप बंद न करें।

क्या रैबेप्राज़ोल पैंटोप्राज़ोल या ओमेप्राज़ोल से अलग है?

ये सभी प्रोटॉन पंप इनहिबिटर हैं जो एक ही तरह से काम करती हैं और मिलती-जुलती बीमारियों में इस्तेमाल होती हैं। इनकी ताक़त (स्ट्रेंथ), दूसरी दवाओं से मेल और शरीर में टूटने का तरीका अलग होता है। डॉक्टर से पूछे बिना एक की जगह दूसरी न लें।

स्रोत

  1. Rabeprazole sodium delayed-release tablets: prescribing information (Amneal). DailyMed, US National Library of Medicine
  2. ATC/DDD Index: A02BC04 rabeprazole. WHO Collaborating Centre for Drug Statistics Methodology
  3. List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)