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फ़ेरस एस्कॉर्बेट (आयरन) (Ferrous ascorbate): उपयोग, कैसे काम करता है, दवाएँ

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फ़ेरस एस्कॉर्बेट आयरन का एक लवण है, जो शरीर में आयरन की कमी होने पर उसकी पूर्ति के लिए सप्लीमेंट के रूप में इस्तेमाल होता है। ऑक्सीजन ले जाने वाली लाल रक्त कोशिकाएं बनाने के लिए आयरन की ज़रूरत होती है। डॉक्टर को पक्का करना चाहिए कि खून की कमी (एनीमिया) की वजह आयरन की कमी ही है, क्योंकि उसका कारण, जैसे खून बहना, भी ढूंढना ज़रूरी है।

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फ़ेरस एस्कॉर्बेट (आयरन): एक नज़र में. किसलिए इस्तेमाल होती है: शरीर में आयरन की कमी होने पर उसकी पूर्ति, आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया. पहले डॉक्टर से पूछें: जिस एनीमिया का कारण पता न हो, पेट का अल्सर या आंतों की समस्याएं, गर्भावस्था या स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाना), कैल्शियम, थायरॉइड या एंटीबायोटिक की गोलियां. इनके लिए तुरंत चिकित्सा सहायता लें: पेट दर्द के साथ काला चिपचिपा पाखाना, खून की उल्टी, चेहरे या गले में सूजन, जिस बच्चे ने आयरन की गोलियां निगल ली हों. ज़्यादा मात्रा में लेना: बहुत ज़्यादा आयरन खतरनाक है, खासकर बच्चों के लिए: तुरंत 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं. खुराक: लेबल या अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें.

फ़ेरस एस्कॉर्बेट (आयरन) कैसे काम करती है?

शरीर आयरन से हीमोग्लोबिन बनाता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं का वह हिस्सा है जो ऑक्सीजन ले जाता है। आयरन का सप्लीमेंट वह आयरन देता है जो शरीर में कम है, ताकि शरीर दोबारा स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं बना सके।

फ़ेरस एस्कॉर्बेट (आयरन) कैसे लें

लेबल पर लिखा या अपने डॉक्टर का बताया तरीका मानें। NHS के अनुसार आयरन की कमी से हुए एनीमिया में आयरन की गोलियां आमतौर पर लगभग छह महीने ली जाती हैं, लेकिन मात्रा कितनी हो और कितने समय तक लेनी है, यह आपके डॉक्टर तय करते हैं।

फ़ेरस एस्कॉर्बेट (आयरन) के साइड इफेक्ट्स

आयरन की गोलियां अक्सर पेट खराब कर देती हैं। ये असर आमतौर पर हल्के होते हैं और NHS सलाह देती है कि जब तक डॉक्टर कुछ और न कहें, गोलियां लेते रहें।

कम होने वाले या हल्के

  • कब्ज़ या दस्त
  • पेट दर्द या सीने में जलन
  • जी मिचलाना
  • पाखाना सामान्य से ज़्यादा गहरे रंग का होना

दुर्लभ लेकिन गंभीर: तुरंत डॉक्टर से मिलें

  • चेहरे, होंठ या गले में सूजन, या सांस लेने में तकलीफ (गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया)। 112 पर कॉल करें
  • पेट दर्द के साथ काला, चिपचिपा पाखाना, या खून की उल्टी (आयरन की वजह से गहरा रंग नुकसानदेह नहीं है, लेकिन इन लक्षणों में डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है)

किन्हें सावधानी रखनी चाहिए

कुछ लोगों को आयरन लेने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, और आयरन को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए।

जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

  • आयरन या उत्पाद के किसी भी घटक से एलर्जी
  • शरीर में आयरन बहुत ज़्यादा होना (जैसे हीमोक्रोमैटोसिस), जब तक डॉक्टर सलाह न दें
  • आयरन की गोलियां बच्चों की पहुंच से दूर रखें: NHS चेतावनी देती है कि छोटे बच्चे में आयरन की ज़्यादा मात्रा जानलेवा हो सकती है
  • जिस एनीमिया का कारण पता न हो: डॉक्टर को कारण ढूंढना चाहिए, जैसे माहवारी में ज़्यादा खून जाना या आंतों में खून बहना
  • पेट का अल्सर, आंतों में सूजन या कब्ज़ की समस्याएं: अपने डॉक्टर से पूछें
  • गर्भावस्था और स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाना): आयरन सिर्फ़ सही मात्रा के बारे में डॉक्टर की सलाह पर ही लें

फ़ेरस एस्कॉर्बेट (आयरन) के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें

आयरन कुछ दवाओं के सोखे जाने को रोक सकता है, और कुछ खाने की चीज़ें और दवाएं आयरन के सोखे जाने की मात्रा घटाती हैं। आप जो भी लेते हैं, उसके बारे में अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं।

  • कैल्शियम के सप्लीमेंट और एंटासिड: आयरन के सोखे जाने की मात्रा घटा सकते हैं; बीच में अंतर रखें
  • थायरॉइड की गोलियां, जैसे लेवोथायरॉक्सिन: खुराकों के बीच अंतर रखें
  • कुछ एंटीबायोटिक, जिनमें टेट्रासाइक्लिन और फ़्लोरोक्विनोलोन शामिल हैं: खुराकों के बीच अंतर रखें
  • एसिड घटाने वाली दवाएं: आयरन के सोखे जाने की मात्रा घटा सकती हैं
  • चाय, कॉफ़ी, दूध और दूध से बनी चीज़ें: NHS के अनुसार ये आयरन के सोखे जाने की मात्रा घटा सकती हैं

अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो

बहुत ज़्यादा आयरन खतरनाक है, खासकर बच्चों के लिए। अगर किसी ने लेबल पर लिखी मात्रा से ज़्यादा निगल ली है तो तुरंत 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं और दवा का पैक साथ ले जाएं। लक्षण दिखने का इंतज़ार न करें।

भारत में नियामक स्थिति

भारत में आयरन के सप्लीमेंट के रूप में बिकता है। कोई उत्पाद दवा के रूप में लाइसेंस प्राप्त है या खाद्य सप्लीमेंट के रूप में, और उसके लिए पर्ची की ज़रूरत है या नहीं, यह पैक से पढ़ना चाहिए। फ़ेरस एस्कॉर्बेट वाली मिली-जुली दवाएं उत्पाद के अनुसार अलग होती हैं, इसलिए लेबल देखें।

दवा का प्रकार

फ़ेरस एस्कॉर्बेट (आयरन) इस प्रकार की दवा है।

फ़ेरस एस्कॉर्बेट (आयरन) वाली दवाएँ

भारत में बिकने वाली इन दवाओं में फ़ेरस एस्कॉर्बेट (आयरन) होता है। इन्हें वर्णक्रम में दिया गया है, रैंकिंग के अनुसार नहीं।

फ़ेरस एस्कॉर्बेट (आयरन) किसलिए इस्तेमाल होती है?

जिन मिली-जुली दवाओं में फ़ेरस एस्कॉर्बेट (आयरन) होता है, वे इन स्थितियों में इस्तेमाल होती हैं।

इसी प्रकार की दूसरी दवाएँ

ये सक्रिय घटक फ़ेरस एस्कॉर्बेट (आयरन) के ही प्रकार के हैं।

आम सवाल

फ़ेरस एस्कॉर्बेट किसलिए इस्तेमाल होता है?

यह आयरन का सप्लीमेंट है, जो शरीर में आयरन की कमी होने पर, जैसे आयरन की कमी से हुए एनीमिया में, उसकी पूर्ति के लिए इस्तेमाल होता है। डॉक्टर को खून की जांच से आयरन की कमी पक्की करनी चाहिए और कारण ढूंढना चाहिए, जो माहवारी में ज़्यादा खून जाना, गर्भावस्था या आंतों में खून बहना हो सकता है।

आयरन की गोलियों से पाखाना गहरे रंग का क्यों हो जाता है?

जो आयरन सोखा नहीं जाता, वह पाखाने के साथ बाहर निकल जाता है और उसे गहरा कर देता है। यह आम बात है और आमतौर पर नुकसानदेह नहीं होती। NHS गहरे पाखाने को एक संभावित साइड इफेक्ट बताती है। अगर पाखाना पेट दर्द के साथ काला और चिपचिपा हो, या खून की उल्टी हो, तो डॉक्टर को दिखाएं।

आयरन की गोलियों से होने वाली पेट की गड़बड़ी कैसे कम करें?

NHS के अनुसार गोली खाने के साथ या खाने के तुरंत बाद लेने से साइड इफेक्ट कम हो सकते हैं, और साइड इफेक्ट हों तब भी गोली लेते रहना चाहिए। अगर सहना मुश्किल हो तो अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं। पूछे बिना बंद न करें।

क्या आयरन की गोलियां बच्चों के लिए खतरनाक हैं?

हां। NHS चेतावनी देती है कि छोटे बच्चे में आयरन की ज़्यादा मात्रा जानलेवा हो सकती है। आयरन की सभी गोलियां बच्चों की नज़र और पहुंच से दूर रखें। अगर किसी बच्चे ने कोई भी निगल ली है, तो तुरंत 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएं।

स्रोत

  1. Iron. NHS (UK)
  2. Iron deficiency anaemia. NHS (UK)